बलौदा बाजार

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे मनोविकास केंद्र में थेरेपी व विशेष शिक्षा प्राप्त कर सामान अवसर की ओर अग्रसर
03-Feb-2026 3:35 PM
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे मनोविकास केंद्र में थेरेपी व विशेष शिक्षा प्राप्त कर सामान अवसर की ओर अग्रसर

 वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में 39 बच्चे विभिन्न कक्षाओं की परीक्षा में होंगे सम्मिलित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 3 फऱवरी। कलेक्टर दीपक सोनी की पहल पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भरता एवं समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने तथा समाज में समान अवसर और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि उपज मंडी बलौदाबाजार में मनोविकास केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मनोविकास केंद्र में आने वाले सभी बच्चे किसी न किसी शैक्षणिक संस्था में नामांकित हैं और उन्हें थेरेपी के साथ-साथ विशेष शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। इनमें से 16 बच्चे एनआईओएस (ओपन स्कूलिंग) के अंतर्गत कक्षा 10 में नामांकित हैं, जिन्हें केंद्र के विशेष शिक्षक द्वारा अक्टूबर 2026 की परीक्षा हेतु तैयार किया जा रहा है, जबकि शेष बच्चे विभिन्न शासकीय विद्यालयों में अलग-अलग कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में कुल 39 बच्चे विभिन्न कक्षाओं की परीक्षाओं में सम्मिलित होंगे।

मनोविकास केन्द्र में बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र में विशेष शिक्षा, संवेदी एकीकरण, योग एवं खेलकूद आधारित गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। इन सतत एवं संरचित प्रयासों के परिणामस्वरूप बच्चों में शारीरिक, मानसिक, व्यवहारिक एवं सामाजिक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।मनोविकास केंद्र ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समर्पित सेवा का एक सफल वर्ष पूर्ण कर लिया है। वर्तमान में केंद्र में कुल 46 बच्चे नामांकित हैं, जो नियमित रूप से उपस्थित होकर थेरेपी और विशेष शिक्षा दोनों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।केंद्र में फिजियोथेरेपी एवं विकासात्मक आकलन हेतु नियमित ओपीडी संचालित की जा रही है। साथ ही बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के संवर्धन हेतु मासिक स्वास्थ्य परीक्षण किए जाते हैं। अब तक केंद्र द्वारा कुल 125 विकासात्मक आकलन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं।

केन्द्र में विशेष आवश्यकता वाले 12 वर्षीय पुष्कर साहू डाउन सिंड्रोम से प्रभावित एक हाइपोएक्टिव बालक हैं। पूर्व में वे विद्यालय नहीं जा पा रहे थे तथा उनके व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक विकास में अनेक चुनौतियां थीं। मनोविकास केंद्र से जुडऩे के पश्चात उन्हें संवेदी एकीकरण और योग के साथ-साथ विशेष शिक्षा प्रदान की गई। सतत एवं संरचित हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप पुष्कर के व्यक्तिगत व्यवहार, आत्मनिर्भरता तथा शैक्षणिक वातावरण में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वर्तमान में वे शासकीय विद्यालय में कक्षा 8वीं में नामांकित हैं और शैक्षणिक सत्र 2026 में कक्षा 8वीं की परीक्षा में सम्मिलित होंगे। पुष्कर की यह प्रगति मनोविकास केंद्र की प्रभावी कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।इसी प्रकार, मनोविकास केंद्र से जुड़े वे सभी बच्चे, जो पूर्व में विद्यालय जाना छोड़ चुके थे।

 अब पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े जा चुके हैं।


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