बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 23 दिसंबर। गजानंद अग्रवाल महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्रेणीक गोलछा ने वरिष्ठ भाजपा नेता छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा के निवास पर तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से जिला भाजपा कार्यालय में मुलाकात कर महाविद्यालय से संबंधित विषयों को लेकर चर्चा की। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्रेणीक गोलछा ने बताया कि अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद उन्होंने महाविद्यालय के कार्यों का अवलोकन किया। उनका आरोप है कि प्रभारी प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार मिंज द्वारा छात्र-छात्राओं के हित में दिए गए उनके सुझावों और प्रस्तावों को लागू नहीं किया जा रहा है।
गोलछा के अनुसार, 13 दिसंबर को उन्होंने महाविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के वॉशरूम की सफाई के लिए कॉलेज से पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, जिसे प्रभारी प्राचार्य द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद निरीक्षण के दौरान परिसर के कुछ हिस्सों और पुराने कैंटीन के एक कमरे में गंदगी पाई गई, जिस पर उन्होंने स्टाफ से सफाई करने को कहा।
गोलछा का आरोप है कि सफाई कार्य के दौरान प्रभारी प्राचार्य वहां पहुंचे और स्टाफ को कार्य रोकने के निर्देश दिए तथा संबंधित कमरे में ताला लगवा दिया। उन्होंने बताया कि स्टाफ से सूचना मिलने पर उन्होंने फोन पर प्राचार्य से संपर्क किया, लेकिन बातचीत के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे वे आहत हुए।
जनभागीदारी अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बीते छह माह से महाविद्यालय के कई आवश्यक कार्य रोके जा रहे हैं और प्रभारी प्राचार्य की उपस्थिति को लेकर भी सवाल हैं। उनका कहना है कि इन विषयों को लेकर उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से मिलकर स्थिति से अवगत कराया है। श्रेणीक गोलछा ने बताया कि उन्होंने प्रभारी प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार मिंज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा महाविद्यालय में पूर्णकालिक प्राचार्य की नियुक्ति या किसी अन्य को प्रभार देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में सहयोग का आश्वासन दिया गया है। इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा भाटापारा शहर अध्यक्ष आशीष टोडर, पार्षद नंदकिशोर वैष्णव, जनभागीदारी समिति सांसद प्रतिनिधि अभिषेक मिश्रा, पीताम्बर साहू, सुरेन्द्र डागोर और पीयूष साहू उपस्थित थे।
इस मामले में प्रभारी प्राचार्य या महाविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।


