बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 22 दिसंबर। बलौदाबाजार जिले में धान कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में शहर क्षेत्र में पेट्रोल पंप और स्कूल से लगे खेत में पराली जलाए जाने का मामला सामने आया, जिससे आसपास के क्षेत्र में आग फैलने की स्थिति बनी।
जानकारी के अनुसार सेठ कुंजीलाल सराफ फ्यूल्स, अग्रवाल फ्यूल्स और आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे स्थित खेत में पराली में आग लगाई गई। आग फैलने पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के कर्मचारी जितेंद्र कुर्रे ने बताया कि सूचना मिलने पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और आग बुझाई गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार आग एयरटेल टावर के जनरेटर के पास तक पहुंचने लगी थी। हालांकि समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे किसी तरह की क्षति नहीं हुई।
इसी तरह धोटिया से गिधपुरी मार्ग के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ खेतों में पराली जलते हुए देखे जाने की बात सामने आई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि हार्वेस्टर से कटाई के बाद खेत में बची पराली को हटाने में कठिनाई होती है, जिसके कारण कुछ किसान इसे जलाने का तरीका अपनाते हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पराली जलाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों के अनुसार दो एकड़ तक के खेत में पराली जलाने पर 2,500 रुपये, दो से पांच एकड़ पर 5,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15,000 रुपये तक का जुर्माना तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। कृषि उपसंचालक दीपक नायक ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों की पहचान कर उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से तीन वर्ष तक वंचित किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने और वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील की। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है। संबंधित विभागों की ओर से पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखे जाने की बात कही गई है।


