बलौदा बाजार

बलौदाबाजार के हरेली इको रिजॉर्ट में बैम्बू राफ्टिंग, कयाकिंग और जंगल सफारी...
18-Dec-2025 2:51 PM
बलौदाबाजार के हरेली इको रिजॉर्ट में बैम्बू राफ्टिंग, कयाकिंग और जंगल सफारी...

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 18 दिसंबर। बलौदाबाजार जिले में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के तहत बारनवापारा अभ्यारण्य से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित हरेली इको रिजॉर्ट में बैम्बू राफ्टिंग, कयाकिंग और जंगल सफारी जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यह पहल छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा की गई है। हरेली इको रिजॉर्ट में फरवरी 2025 से बैम्बू राफ्टिंग की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही कयाकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। पर्यटक यहां ठहरने के साथ इन गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। रिजॉर्ट के पास स्थित बारनवापारा अभ्यारण्य में जंगल सफारी की सुविधा भी दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ का दूसरा बैम्बू राफ्टिंग स्थल

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, हरेली इको रिजॉर्ट राज्य का दूसरा और बलौदाबाजार जिले का पहला स्थान है, जहां बैम्बू राफ्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे पहले बस्तर क्षेत्र में यह गतिविधि संचालित की जा रही थी।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) पूनम शर्मा ने बताया कि हरेली इको रिजॉर्ट में सोलर पैनल के माध्यम से विद्युत व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के तहत 144 स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में चिन्हांकित किया गया है और 21 दिसंबर तक विभिन्न रिसॉर्ट्स में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अनुराधा दुबे ने बताया कि हरेली इको रिजॉर्ट लगभग साढ़े चार एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि रिजॉर्ट के पास स्थित झील में एक द्वीप है, जहां सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उनके अनुसार बस्तर क्षेत्र में बैम्बू राफ्टिंग के अनुभव के बाद बलौदाबाजार में भी बैम्बू राफ्टिंग और कयाकिंग शुरू की गई है। टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, बैम्बू राफ्टिंग के दौरान लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है। प्रत्येक नाव के साथ प्रशिक्षित गाइड की तैनाती की गई है। स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर गाइड के रूप में कार्य दिया गया है।

अन्य सुविधाएं

हरेली इको रिजॉर्ट में कुल 15 से अधिक वातानुकूलित कमरे, 6 कूलर युक्त कमरे, लॉन क्षेत्र और रेस्टोरेंट की व्यवस्था है। एक समय में लगभग 50 पर्यटकों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। रिजॉर्ट में 110 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम स्थापित है, जिससे विद्युत आवश्यकता पूरी की जाती है।

स्थानीय लोगों को रोजगार

टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, रिजॉर्ट में कार्यरत सुरक्षा कर्मी, गाइड, रेस्टोरेंट कर्मचारी और अन्य स्टाफ स्थानीय गांवों के निवासी हैं। बोर्ड का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

 

सालभर खुला रहता है रिजॉर्ट

जहां बारनवापारा अभ्यारण्य पर्यटकों के लिए सीमित अवधि तक खुला रहता है, वहीं हरेली इको रिजॉर्ट पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

ईको-टूरिज्म की अवधारणा

टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, ईको-टूरिज्म का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों का संचालन करना है। इसमें सोलर ऊर्जा का उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से परहेज शामिल है।


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