बलौदा बाजार
बलौदाबाजार, 5 अक्टूबर। न्याय की मांग को लेकर कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले आकाश साहू लगातार पुलिस अफसरों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। पीडि़त आकाश का कहना है कि 5 जनवरी 2024 को उसके घर निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी पहुंचे और परिवार डराया धमकाया। परिवार वाले जब दहशत में आ गए तो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उनके 2 ट्रकों को अपने कब्जे में ले लिया। पीडि़त परिवार जब सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा तो आरोप है कि सिटी कोतवाली में तैनात अफसरों ने उसे कोर्ट जाने को कहा। इसके बाद पीडि़त आकाश साहू अपने ट्रकों को अपने कब्जे में लेने के लिए कोर्ट की शरण में गए. कोर्ट से आदेश पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया. मामला लूट और डकैती से जुड़ा था लेकिन पीडि़त का आरोप है कि पुलिस ने चोरी का अपराध दर्ज किया।
भावना गुप्ता, एसपी, बलौदाबाजार का कहना है कि जो भी फाइनेंशियल कंपनी से संबंधित मामले रहते हैं उसमें जो गाइड लाइन हैं उनका पालन करते हुए सूचना देते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए मीटिंग्स के हिसाब से बताया जा रहा है, जो उसका उल्लंघन करते हैं उनके ऊपर में कार्रवाई होती है. पूर्व में कोतवाली थाने में एक अपराध दर्ज है, उसमें भी जो आरोपी हैं उनके ऊपर भी नियम अनुसार कार्रवाइयां की जा रही है. आगे जांच में है जैसी भी परिस्थितियां होंगी उसके हिसाब से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
आरोप है कि हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस फिर से अपराध तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों से मिली भगत कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की जगह उन्हें 22 जुलाई को थाने लाकर छोड़ दिया।
विभिन्न शिकायतों में शिकायतकर्ता आकाश साहू ने पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों यहां तक की डीजीपी तक से शिकायत की. पीडि़त का आरोप है कि उसे कहीं से भी न्याय नहीं मिला. आकाश साहू ने बताया कि वह लगातार मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से कर रहे हैं, न्यायालय का आदेश है, इसके बाद भी सिटी कोतवाली पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही. यही वजह है कि आरोपी लगातार शहर में घूम रहे हैं और उसे धमका रहे हैं. आकाश साहू का कहना है कि 3 अक्टूबर को ऐसे ही एक आरोपी सत्यम शुक्ला को बलौदा बाजार शहर में घूमते हुए पाया जिसका वीडियो बनाकर पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार से शिकायत की है.
क्या है पूरा विवाद
आकाश साहू ने बताया कि को फाइनेंस कंपनी में 56000 जमा करने के लिए 5 जनवरी 2024 गए थे. आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के लोगों ने पैसा नहीं लिया. कंपनी के लोगों ने कहा कि पूरा पैसा जमा करो. बाद में कंपनी के लोग उसके घर पहुंचे और परिवार के साथ बदसलूकी की. आरोप है कि कंपनी के लोग उनकी गाडिय़ों को अपने साथ ले गए।
पीडि़त का आरोप है कि सिटी कोतवाली पुलिस ने जानबूझकर ऐसा किया और आरोपियों को बचाने की कोशिश की. जांच के दौरान जिन लोगों पर चोरी का आरोप पुलिस ने दर्ज किया था वो हाई कोर्ट पहुंच गए. याचिका दायर कर उन लोगों ने अपने ऊपर किए गए एफआईआर को निरस्त करने की मांग की. हालाकि बाद में हाई कोर्ट ने अपने आदेश में उन धाराओं को जोडऩे का आदेश पुलिस को दिया जिन धाराओं को पुलिस ने दर्ज नहीं किया था।


