बलौदा बाजार

पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने मंथन
01-Oct-2025 3:22 PM
 पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने मंथन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाज़ार, 1अक्टूूबर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बलौदाबाज़ार जि़ले में पर्यटन की संभावनाओं और विकास पर सार्थक परिचर्चा हुई। इसमें वरिष्ठ पत्रकारों,विषय विशेषज्ञों और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसरों ने जि़ले के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने मंथन किया गया। 

कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि बलौदाबाज़ार जि़ला न केवल नैसर्गिक सुंदरता से लबरेज़ है बल्कि यहाँ सांस्कृतिक,आध्यात्मिक और पुरातात्विक पर्यटन के लिए अथाह संभावनाएं हैं। वन मंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सबकी सलाह व विचार से जिले को बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। उन्होंने वर्ष 2025 में पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन एवं सतत रूपांतर पर विस्तार से चर्चा की। परिचर्चा के पहले पैनल में करीब 4 दशकों से पत्रकारिता से जुड़े रामाधार पटेल ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने में पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उन्होंने कहा की सूचना प्रचार और प्रेरणा का काम करती है। बात चाहे प्रिंट मीडिया की हो या डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पत्रकारिता के माध्यम से पर्यटन स्थलों की ख़ूबसूरती और वहाँ की संस्कृति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।वरिष्ठ पत्रकार नीरज वाजपेयी ने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से जिले के संबंध में नए पर्यटन स्थल या पुराने और उपेक्षित पड़े स्थल के महत्व की खबर प्रकाशित कर प्रशासन और आम जनों का ध्यान आकृष्ट करने में प्रिंट मीडिया की कारगर भूमिका है। फि़ल्मों के माध्यम से पर्यटन के विकास पर लंबे समय से फि़ल्म क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार साहू ने कहा कि गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ की पहली फि़ल्म कही देबे संदेस का निर्माण पलारी के बालसमुन्द के आस पास हुई थी। यह जि़ला प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र है—नदियाँ, पर्वत, पहाड़ और झरने इसे विशिष्ट बनाते हैं। इसी खूबसूरती के कारण बलौदाबाजार सिनेमा जगत में न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुका है। जहाँ पहले केवल छत्तीसगढ़ी फिल्मों की शूटिंग होती थी, अब बॉलीवुड भी यहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अब तक बलौदा बाजार में 15 से ज्यादा फिल्में शूट हो चुकी हैं। पर्यटन के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने और नवाचार और रोजगार के भी रास्ते भी सिनेमा के माध्यम से खुल रहे हैं।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा ने कहा कि फोटोग्राफी के माध्यम से हम पर्यटन स्थल की सुंदरता और उसकी विशिष्टता को लोगों तक पहुंचा सकते हैं। जिला जैवविविधताओं से भरा हुआ है।उन्होंने बार नावापारा अभयारण्य में पाए जाने वाले कृष्ण मृग का जि़क्र करते हुए कहा कि जब ऐसे किसी अनोखे जीव की तस्वीर लोग देखते हैं तो आकर्षित होते हैं, न केवल वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी बल्कि नेचर फोटोग्राफी कल्चर फ़ोटोग्राफी,आर्किटेक्चर फोटोग्राफी से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

दूसरे पैनल डिस्कशन में भिलाई टाइम्स के यशवंत साहू ने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से सूचनाओं का प्रचार प्रसार होता है, इंस्टाग्राम और यू ट्यूब के क्रिएटर्स पर्यटन को आकर्षित करते हैं । छत्तीसगढ़ ट्रैवलर मनीष राठौर ने रिस्पॉन्सिबल टूरिस्म जि़म्मेदार पर्यटन पर अपनी बात रखी।उन्होंने पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रशासन,सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और आसपास के रहवासियों को लेकर कारगर कार्ययोजना बनाने पर अपनी बता रखी।बलौदाबाज़ार के रवि शर्मा ने कहा कि उन्होंने शुरुआत ट्रैवल व्लॉगिंग से की थी वे अपनी भाषा छत्तीसगढ़ी में कंटेंट बनाते हैं जिसे जनता का बहुत स्नेह मिलता है।बस्तर की कला संस्कृति को स्टोरीटेलिंग के माध्यम से दुनिया के सामने लाने की पहल करने वाली रेणुका सिंह ने पर्यटन सुरक्षा और पर्यटन पर अपने विचार रखे।छत्तीसगढ़ गाइड पेज के एडमिन प्रदीप साहू ने सामुदायिक भागीदारी और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से बलौदाबाजार में नागरिक शिष्टाचार को बढ़ावा देने की बात कही।सीजी अपडेट से शेख़ ज़ुबेर ने कहा कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बड़ी जि़म्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से केवल अपडेट नहीं बल्कि जागरूकता भी फैलाए। पैनल में सबसे कम उम्र की क्रिएटर शिवानी साहू ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रहती है प्रदेश की कला,संस्कृति,तीज त्योहार को अपने अंदाज़ में प्रचारित करें।


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