बलौदा बाजार

सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
20-Sep-2025 3:14 PM
 सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

 शिकायत और समस्याओं के साथ रखी मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 20 सितंबर। खरीफ की खेती के बीच किसान खाद बिजली और पानी के लिए परेशान हैं। समितियां में किसानों को स्टॉक खत्म बाताकर लौटाया जा रहा हैं तो निजी दुकानों में दुगने तिगुने दम पर खाद की कालाबाजारी हो रही हैं। बिजली महंगी हो गई ऊपर से पावर कट भी बढ़ गया। ऐसी ही कई समस्याओं को लेकर किसान अब सरकार के साथ आर पार की लड़ाई के मूड में हैं।

गुरुवार को भारतीय किसान संघ ने तहसील में प्रदर्शन किया खाद, बिजली, पानी समेत समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी दलहन तिलहन में अनुदान और कृषि उन्नति योजना जैसी मांगों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सोपे संघ ने चेतावनी दी है कि सरकार ने उनकी मांगे न मानी तो आगे राज्य स्तर पर बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।

तहसील अध्यक्ष शांति लहरी ने बताया कि किसानों को इन दोनों खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा हैं। सहकारी समितियां में खाद उपलब्ध नहीं है दूसरी ओर निजी दुकानदार इसी खाद को दुगने-तिगुने दामों पर बेच रहे हैं।

लहरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं। अब तक किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं जिससे सरकार की किसान हितैषी मनसा पर सवाल उठ रहे हैं।

 

तौल में लूट रोकने के लिए समितियां में बैनर की मांग

किसानों ने धान खरीदी में समितियां में तौल में हेराफेरी भी की भी शिकायत की है। किसानों का कहना है कि समितियां में ज्यादा धान को कम तौलकर ठगी का धंधा आम है। 2 साल बाद भी नहीं मिल पाई है चौथी किस्त

संघ ने बताया कि किसानों की चौथी किस्त का भुगतान अब तक नहीं हुआ हैं। भाजपा ने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद भुगतान करेंगे लेकिन सत्ता में आने के लगभग 2 साल बाद भी किसानों को पैसे नहीं मिले हैं। संघ की मांग है कि यह भुगतान दिवाली से पहले हर हाल में किया जाए। किसानों ने धान के समर्थन मूल्य को लेकर भी नाराजगी जताई राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर साल मूल्य बढ़ा रही है लेकिन इसका लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को नहीं दिया जा रहा हैं। संघ ने कहा कि अगली खरीदी में किसानों को लगभग इसका लाभ मिलना चाहिए।

किसानों ने बिजली कटौती को भी बड़ी समस्या बताई।

 समय पर बिजली नहीं मिलने से सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हैं। किसान संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार ने बिजली व्यवस्था सुधारने के बजाय घरेलू बिजली बिल को और महंगा कर दिया हैं। हाफ बिजली बिल योजना को भी खत्म कर दिया हैं। इससे किसानों को अब दुगना बिल आ रहा हैं। संघ ने इस निर्णय को तुरंत वापस लेने और बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग की हैं। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना में गनने की फसल को भी शामिल करने की मांग रखी गई। किसानों ने कहा कि जैविक खेती में केंद्र जो अनुदान देती है राज्य के किसानों को भी सरकार वह राशि दे।

सिंचाई रकबा बढ़ाने की मांग एग्री स्टेट की गड़बड़ी गिनाई

किसानों ने सरकार से राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की भी मांग की हैं। नेहरो का ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर मांगा है जो अंतिम गांव के खेतों तक पानी पहुंचाएं इसके अलावा किसानों ने एग्री स्टेट पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के दौरान आ रही गड़बडिय़ों पर भी नाराजगी जताई हैं। किसानों के मुताबिक पंजीयन के बाद भी पोर्टल पर जानकारी अपडेट नहीं होती। इससे धान बिक्री प्रभावित हो सकती हैं। किसानों ने पोर्टल को सरल प्रदर्शित और किसान हितैषी बनाने की मांग की हैं। गुरुवार को ज्ञापन सौंपने वालों में किसान संघ से जिला अध्यक्ष शांति लहरी, नंदू वर्मा, किरण वर्मा, कामिनी वर्मा, धूलेश्वरी ध्रुव, राजेंद्र वर्मा, उमेश वर्मा सुखउ साहू नितेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।

 


अन्य पोस्ट