बलौदा बाजार
भाटापारा, 24 अगस्त। क्षेत्र के किसानों को सरकारी सोसायटी में अब यूरिया खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। जिन किसानों का हितैषी बन उनका दंभ भरने वाली सरकार किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं करा पा रही है आज क्षेत्र के किसानों को मजबूरन निजी दुकानदारों से महंगे दामों पर यूरिया लेने मजबूर होना पड़ रहा है।उक्त आरोप क्षेत्र के विधायक इंद्र साव ने लगाया है। विधायक इंद्र साव ने कहा कि जब डीएपी खाद की जरूरत थी, तब उनको डीएपी खाद सरकार नहीं उपलब्ध करा पाई और अब जब यूरिया की किसानों की सख्त जरूरत है ऐसे में सरकारी सोसायटियों से यूरिया खाद गायब हो गया है।
किसानों के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा सरकार अपने केंद्रीय सरकार से पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मांग कर किसानों को मजबूरन निजी विक्रेताओं के यहां जाने मजबूर किया जा रहा है और आज अंचल के किसानो की हालत ये हो गई है कि उन्हें 266 रुपए का यूरिया 800 रुपए से ज्यादा में लेने मजबूर होना पड़ रहा है। अब ऐसा लगाने लगा है कि जरूरत का सहारा बने यूरिया खाद पर अब माफियाओं ने कब्जा जमा लिया है। यूरिया नहीं मिलने से किसान हताश और परेशान हैं। मजबूरी में वे निजी दुकानों से दोगुने-तिगुने दाम पर खाद खरीदने को विवश हो रहे हैं। किसान मजबूर होकर कालाबाजारी करने वालों की जेब भर रहे हैं जिला प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी रोकने के आदेश जरूर जारी किए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक किसी भी निजी विक्रेता पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।


