बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 23 अगस्त। एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज भी जारी रही। हड़ताल से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
ज्ञात हो कि 16000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी पूरे प्रदेश में हड़ताल पर हैं, जिसमें बलौदाबाजार जिले के 500 सबसे अधिक कर्मचारी भी शामिल हैं। जिले में सभी हड़ताली कर्मचारी शहर के दशहरा मैदान में धरना दे रहे हैं। बारिश के बावजूद उनकी हड़ताल में कोई कमी नहीं आई हैं। कर्मचारी संविलियन और पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना सहित कुल 10 मांगें कर रहे हैं।
हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। न तो ओपीडी चालू सुचारू रूप से चल रही है न ही आपातकालीन सेवाएं पूरी क्षमता से संचालित हो पा रही हैं। हालात यह है कि जिन मरीजों के पास खर्च उठाने की क्षमता है, वे प्राइवेट अस्पतालों का रूख कर रहे हैं जबकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग बिना इलाज के घर लौटने को मजबूर हो गए हैं।
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव कौशलेस तिवारी ने राजनीतिक दलों पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा-चुनाव से पहले नियमितीकरण और सेवा शर्तों के सुधार के कई वादे किए गए थे, लेकिन सरकार ने अब तक उन्हें पूरा नहीं किया। यहां तक की बीमार पडऩे पर भी एनएचएम कर्मचारियों को अवैतनिक अवकाश लेना पड़ता है जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण हैं।
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. रवि शंकर दीक्षित ने बताया कि संघ अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।


