बलौदा बाजार

नेशनल लोक अदालत तैयारी बैठक
23-Aug-2025 3:44 PM
नेशनल लोक अदालत तैयारी बैठक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 23 अगस्त। गुरुवार को अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के द्वारा आगामी नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं न्यायाधीशगण के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रथम अपर जिला न्यायाधीश  राकेश कुमार वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राधेश्याम ध्रुव, राचिव सुश्री अमिता जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी  राजेश अवस्थी, पी. डब्लू डी के अधिकारी एवं अन्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे है।

आगामी  13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगा, जिसके तारतम्य में जिला एवं सत्र न्यायालय बलौदाबाजार, व्यवहार न्यायालय भाटापारा, व्यवहार न्यायालय कसडोल, व्यवहार न्यायालय सिमगा में भी लोक अदालत की खण्डपीठ बनेगी। साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत की खण्डपीठ बनेगी, जिसमें राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों की निराकरण किया जायेगा। कुटुम्ब न्यायालय में परिवार संबंधी मामलों का निराकरण किया जाएगा।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा यह बताया गया कि न्यायालयों में लंबित मामलों के अतिरिक्त बीमा संस्था, बैंक, विद्युत सेवा, दूर संचार सेवा से संबंधित मामलो का भी निराकरण नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के रूप में किया जायेगा। न्यायालय में लंबित मामले सिविलवाद, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, दावा दुर्घटना, श्रम न्यायालय में लंचित मामले का निराकरण किया जाएगा। धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउण्स के मामले, धन वसुलीवादो में यदि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से याद का निराकरण किया जाता है तो न्यायालय शुल्क की वासपी होगी जिससे धन की बचत होती है। लोक अदालत के लाभ है कि इससे वाद, व्यय और समय कही बचत होती है, न्यायालय शुल्क अदा करना नही पडता है। लोक अदालत के आवाज के विरुध्द अपील नही हेती है। लोक अदालत में कोई भी पक्ष्कार जीतता या हारता नही है। आपसी सुलह से पक्षकार प्रकरण को निकरण करते है। नेशनल लोक अदालत में आने वाले पक्षकारो के लिए जिला न्यायालय परिसर में नि:शुल्क चिकित्सा की व्यवस्था भी की जाती है। जनसामान्य से यह अपील है कि कोई मामले राजस्व न्यायालय, न्यायालय से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित है तो उसका निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते है।


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