बलौदा बाजार

एग्रीस्टैक पोर्टल में कई खामियां, पंजीयन कराने में किसानों को हो रही दिक्कत
20-Aug-2025 3:45 PM
एग्रीस्टैक पोर्टल में कई खामियां, पंजीयन कराने में किसानों को हो रही दिक्कत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 बलौदाबाजार, 20 अगस्त । राज्य सरकार ने आगामी खरीफ सीजन में धान बेचने के लिए किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। इस पोर्टल की खामियों और तकनीकी समस्याएं अब किसानों के लिए सर दर्द बन गई हैं। पोर्टल पर पंजीयन करने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।

एग्रीस्टैक पोर्टल में सबसे बड़ी समस्या पुराना डाटा है, इसमें 2022-2023 का डाटा अपलोड किया गया है। इस कारण नए भूमि स्वामियों का पंजीयन रिजेक्ट हो रहा है। किसान पहले से ही इस पोर्टल में पंजीकरण की प्रक्रिया में उलझे हुए हैं वहीं कृषि विभाग के अधिकारी इस समस्या का हाल देने में असफल हैं।

किसानों को च्वॉइस सेंटर जाकर शुल्क देकर पंजीयन करवाना पड़ता हैं लेकिन बाद में पंजीयन रिएक्ट हो जा रहा हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। इसके अलावा कृषक परिवारों की समस्या यह है कि जिसकी कृषि भूमि नगरी निकायों में है या जिसके पास एक से अधिक गांव में कृषि भूमि है उनका पंजीयन भी पोर्टल पर नहीं हो रहा हैं। खासकर 2023 के बाद की खरीदी बिक्री विरासत और फोती से जुड़ी भूमि का पंजीयन में कठिनाई आ रही हैं। इस स्थिति में किसानों का धान बेचने का अधिकार प्रभावित हो रहा हैं क्योंकि एग्रीस्टैक  के बिना वे धान नहीं बेच सकते हैं।

कृषि भूमि के अधिकारियों से मार्गदर्शन की भी कमी हैं। कृषि भूमि के अधिकारी इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जिससे किसानों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं ज्यादातर किसन जो कम शिक्षित है चॉइस सेंटर जाकर पंजीयन करवाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन शुल्क देने के बावजूद पंजीयन सफल नहीं हो रहा हैं।

विरासत की जमीनों

में भी बड़ी दिक्कत

किसानों को नए भू स्वामी, वारिसन मुद्दे और मुखिया की मृत्यु के बाद के बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। इसके बावजूद कृषि भूमि की तरफ से कोई ठोस समाधान अब तक सामने नहीं आया है। अगर किसानों के लिए एग्रीस्टैक  पोर्टल को सुचारू रूप से समस्या मुक्त बनाना है तो सरकार और कृषि विभाग को इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने होंगे। किसानों को समय पर जानकारी देने के साथ-साथ पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शिता बनाना होगा।

केंद्र सरकार का पोर्टल है, मार्गदर्शन मांगा हैं

दीपक कुमार नायक  संचालक कृषि बलौदाबाजार का कहना है कि एग्रीस्टैक  पोर्टल में पंजीयन में आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी मिली हैं। यह भारत सरकार का पोर्टल है, लिहाजा कलेक्टर के माध्यम से सचिव भू अभिलेख को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया हैं।  ज्ञात हो कि  एग्रीस्टैक  पोर्टल एक डिजिटल पहल है जिसे भारत सरकार ने शुरू किया हैं। इसका उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना हैं। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों के पहचान भूमि रिकॉर्ड ऋण और फसल संबंधित जानकारी को इस जगह डिजिटल रूप में  संकलित किया जाता हैं। इससे किसानों को बेहतर ऋण पुस्तिका कृषि सामग्री और मार्केट तक आसानी से पहुंचे मिलेगी। हालांकि पोर्टल में समस्याएं आने से इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।


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