बलौदा बाजार

बलौदाबाजार के खेतों के लिए गंगरेल से पानी छोड़ा
13-Aug-2025 6:22 PM
बलौदाबाजार के खेतों के लिए गंगरेल से पानी छोड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 13 अगस्त। जिले में सावन बीत जाने के बाद भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। जिससे इलाके में रोपाई बियासी रुकी हुई है। इससे किसान खेती में पिछड़ते जा रहे हैं। इस बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर यह है कि बारिश की कमी से फसल प्रभावित होती देखकर मंगलवार को गंगरेल टीम से पानी छोड़ा गया है। इसके अगले एक या दो दिन में ग्राम बुडेनी और कानकी पहुंचने की संभावना हैं।

इलाके में सावन की विदाई होते होते भी बारिश की स्थिति बेहद कमजोर हैं। इसका सीधा असर कृषि पर नजर आ रहा हैं। कमजोर बारिश की वजह से इलाके में रोपाई तथा बियासी के काम लगातार पिछड़े हुए हैं। इससे फसल लगातार कमजोर होती जा रही हैं। इलाके में पिछले कुछ दिनों से दिन में 1-2 बूंदाबांदी हो रही है लेकिन यह रिमझिम बारिश होते खेतों के लिए खास फायदेमंद नहीं हैं। खेतों में पानी नहीं भरने से रोपाई बियासी नहीं हो पा रही हैं।

अकाल जैसी नौबत, चिंता बढ़ी

किसान खासे चिंतित हैं। यही वजह है कि किसानों ने बारिश के लिए अब टोटके आजमाना शुरू किया हैं। कई गांव में पखवाड़ेभर के भीतर कई जगहों पर रामधुनी का आयोजन किया जा रहा हैं। वहीं क्षेत्र के दर्जनों किसानों व क्षेत्र वासियों ने बेहतर बारिश की आस में टोटके के रूप में घरों के भगवान की प्रतिमाओं को पानी से भरे बर्तनों के भीतर डाल दिया हैं। किसानों ने बताया कि बारिश न होने से साल भर की मेहनत के साथ इसके उनके परिवार को दाने-दाने के लिए मोहताज होना पड़ सकता हैं। एक तरह से अकाल जैसी नौबत नजर आ रही हैं।

किसानों को भरोसा है कि टोटका से भगवान प्रसन्न होंगे और अच्छी बारिश होगी। इससे फसलों के साथ किसानों की आमदनी भी बच जाएगी।

479 गांव तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाएंगे

पिछले कुछ दिनों से जिले में बारिश न होने से धान की खेती के लिए पानी की जरूरत बढ़ गई हैं। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग के अफसर को जरूरी निर्देश दिए इसके बाद खरीफ की सिंचाई के लिए मंगलवार को गंगरेल टीम से पानी छोड़ा गया हैं। अगले एक या दो दिन में यह पानी बुडेनी और कनकी गांव तक पहुंचाने की संभावना हैं।

मिली जानकारी के अनुसार गंगरेल से छोड़े गए पानी से महानदी परियोजना की जल प्रबंधन संभाग क्रमांक 2 और 3 के अंतर्गत जिले के 489 गांव की 264484 एकड़ फसल की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। इसमें जल प्रबंधन संभाग दो बलोदा बाजार के 323 गांव की 19525191 और डिसनेट संभाग क्रमांक तीन तिल्दा के 166 गांव की 69191 एकड़ फसल शामिल हैं।


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