बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 13 अगस्त। आदिवासी समाज अपने देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ ही जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करने वाला समाज है, आज के इस खास दिन को संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों के लोग मनाते है लेकिन बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री के राज्य में इस बार सरकार कोई भी आयोजन नहीं कर पाई,जबकि कांग्रेस शासन में भूपेश बघेल ने विश्व आदिवासी दिवस पर राज्य में छुट्टी की घोषणा भी कर दी थी।
उक्त बाते क्षेत्र के विधायक इंद्र साव ने ब्लाक के सेम्हराडीह मे विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते हुए कही। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। श्री साव ने आदिवासी समाज के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि ये समाज अपनी प्राचीन परंपराओं को सहेज कर रखने वाला सीधा साधा समाज है। भगवान बिरसा मुंडा की वीरता और भगवान बूढ़ादेव की कृपा से आदिवासी समाज की ऐतिहासिक उपलब्धिया रही है। इस समाज के लोगों स्वतंत्रता संग्राम में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है।आज हमारे प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है तो इसका पूरा श्रेय आदिवासी समाज को जाता है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रकृति के संरक्षण में आदिवासी समाज को भुलाया नहीं जा सकता। जल जंगल और जमीन जैसी धरोहर अगर सुरक्षित और संरक्षित है तो ये सिर्फ इस समाज की बदौलत है। उन्होंनेे कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी अब ये समाज काफी आगे बढ़ रहा है।समाज की एकता भी अन्य समाज के लोगों को प्रेरित करती है, उन्होंने बड़े आश्चर्य के साथ कहा कि जब विश्व आदिवासी दिवस को संयुक्त राष्ट्र संघ के लगभग 193 देशों के लोग मनाते है तो आदिवासी बाहुल्य इस प्रदेश में इस बार प्रदेश सरकार की दूरी समझ से परे है,जबकि भाजपा सरकार के मुखिया भी इसी समाज से है।
श्री साव ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा समाज के हितों ने की गई घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि श्री बघेल ने आदिवासी भाइयों के हितों में सरकारी छुट्टी की भी घोषणा की थी। आदिवासियो के हित मे कई जनकल्याण कारी कार्य किये। इस आयोजन के दौरान बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।


