बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 13 अगस्त। शहीद वीर नारायण सिंह के जीवनी लेखिका इंदु वर्मा दिल्ली केे स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
ज्ञात हो कि इंदु वर्मा द्वारा लिखित ‘सोनाखान के सपूत शहीद वीर नारायण सिंह की गाथा’ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास से प्रकाशित हुआ है, तदुपरांत इन्हें राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलने का अवसर मिल चुका है, तत्पश्चात अब भारत शासन के रक्षा मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा इन्हें आगामी 15 अगस्त को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रण पत्र मिला है।
गौरतलब है कि पीएम पुस्तक माला के तहत भारत की समस्त 22 आधिकारिक भाषाओं व अंग्रेजी में आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से लगभग 16000 प्रतिभागी शामिल हुए थे, जिसमें इस योजना में चयनित 75 से लेखकों की किताबों का विमोचन किया गया, जिसमें बलौदाबाजार की इंदु वर्मा द्वारा लिखित शहीद वीर नारायण सिंह की संपूर्ण जीवनी भी शामिल है।
ग्राम पंचायत ठेलकी विकासखंड जिला बलौदा बाजार निवासी इंदु वर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के संपूर्ण जीवनी पर आधारित पुस्तक लिखी गयी है, जो कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तहत युवा लेखकों के लिए प्रधानमंत्री की मेंटरशिप योजनांतर्गत में उदीयमान युवा और प्रतिभाशाली लेखकों से स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाने वाले अल्पज्ञात सेनानियों के जीवनी पर लेख आमंत्रित किया गया था, जिसके अंतर्गत इंदु वर्मा ने छत्तीसगढ़ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की संपूर्ण जीवनी लिखी। जिसका चयन उपरांत परिक्षण कर तैयार की गई यह पुस्तक प्रकाशित हुई है।
ज्ञात हो कि इस योजना को वर्ष 2021-22 के दौरान शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसी राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत के साथ आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आरंभ किया गया था। इस पुस्तक माला के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन विषय पर आधारित है, जिनमें स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाने वाले अल्पज्ञान नायकों व अज्ञात और विस्मृत स्थानों की कथा-कथेत्तर जीवन चरित्र आदि शैलियों में प्रस्तुत किया गया है। जहां समस्त 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं व अंग्रेजी में आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता के माध्यम से लगभग 16000 प्रतिभागियों में इस योजना के तहत चुने गये 75 लेखकों को अपनी मूल चयनित पुस्तक के प्रस्ताव को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत द्वारा छात्रवृत्ति सहयोग सहित प्रतिष्ठित लेखकों और विषय विशेषज्ञों द्वारा इन्हें मार्गदर्शित किया गया, जहां साहित्य अकादमी भारत 45 द्वारा अंग्रेजी साहित्य में पहला युवा पुरस्कार एसोसिएशन ऑफ रिकार्डेड साउंड कलेक्शन द्वारा एतिहासिक अनुसंधान पुरस्कार में उत्कृष्टता से सम्मानित और बर्लिन इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस स्टडी द्वारा विजिटिंग फेलोशिप प्राप्त विक्रम संपत जी बधाईयॉं देते हुए आॉटोग्राफ भी मांगा। लेखकों को योजनांतर्गत छ: माह तक प्रतिमाह 50,000 की स्कालरशिप तत्पश्चात पुस्तक के कीमत का 10 प्रतिशत रॉयल्टी आजीवन मिलेगा।


