बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 5 अगस्त। सोमवार को अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के निर्देशन में अमिता जायसवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा लैंगिक उत्पीडऩ के अपराधों के एवं लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियमों के दुरूपयोग के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन अम्बुजा फाउण्डेशन रवान में किया गया।
सचिव ने यह भी बताया कि अम्बुजा फाउण्डेशन के द्वारा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार से संपर्क किया गया। फाउण्डेशन के द्वारा यह बताया गया कि उनके फाउण्डेशन के अंतर्गत बहुत सारी महिला कार्य कर रही है जो महिलाओं को अपने क्षेत्र में विधिक जानकारी एवं अपराधों के संबंध में उन्हें जागरूक किया जाना है जिसके तारतम्य में अम्बुजा फाउण्डेशन रवान में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित महिलाओं को विधिक सेवा प्राधिकरण कैसे काम करता है और कैसे नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है एवं विधिक सहायता प्राप्त करने के हकदार व्यक्तियों के संबंध में बताया गया, साथ ही कार्यस्थल में लैंगिक उत्पीडऩ अधिनियम 2013 के संबंध में बताया गया।
भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत लैंगिक उत्पीडन अपराधों के बारे में बताया गया। घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में बताया गया तथा पीडि़त क्षतिपूर्ति योजनाओं के बारे में बताया गया। बालको का लैंगिक उत्पीडऩ से संरक्षण अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई, साइबर काइम के बारे में जानकारी दी गई। भरण पोषण के बारे में भी बताया गया, बाल विवाह अधिनियम, टोनही प्रताडना अधिनियम, महिलाओं के गिरफ्तारी एवं प्रथम सूचना के प्पावधानों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में अधिकारों के उपयोग और उसके दुरूपयोग के परिणाम भी बताये गया साथ में यह भी बताया गया कि लैंगिक उत्पीडन या अधिनियमों का उल्लंघन किया जाता है तो शिकायतकर्ता के विरूद्ध भी न्यायालय मिथ्या कार्यवाही एवं साक्ष्य देने के लिये कार्यवाही किये जाने का आदेश दे सकता है।


