बलौदा बाजार
लाखों की मशीनें जंग खा रही या हो गई चोरी, ऊपर से आदेश पर भुगतान का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 अगस्त। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने और औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से पूर्ववर्ती सरकार द्वारा महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा योजना) की शुरुआत की गई थी। परंतु इस योजना में गंभीर अनियमिताओं के खुलासे के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने बलौदाबाजार और महासमुंद जिले के तीन पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है, वहीं तत्कालीन तीन जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जांच में भंडार क्रय नियमों की अनदेखी तकनीकी परीक्षण के बिना मशीन खरीदी और भुगतान में अनियमितता जैसे गंभीर दोष पाए गए।
निलंबित पंचायत सचिव
शंकर साहू ग्राम पंचायत बिरकोनी, जनपद पंचायत महासमुंद खिलेश्वर ध्रुव ग्राम पंचायत गिरा, जनपद पंचायत पलारी टीकाराम निराला ग्राम पंचायत लटुआ जनपद पंचायत बलौदाबाजार। इन सचिवों पर आरोप है कि उन्हें नियमों का पालन किए बिना मशीन खरीदी और राशि का टुकड़ों में भुगतान किया।
मशीन हुई बेकार और चोरी
रीपा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए गोबर पेंट बनाने की मशीन फ्लाई एस ब्रिक्स यूनिट पेवर ब्लॉक मेकिंग मशीन फ्लेक्स पोस्टर प्रिंटिंग जैसे मशीनें खरीदी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से अधिकांश मशीनें केदो में जंग खा रही है या कई जगह से चोरी हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार मशीनें बिना प्रस्ताव परीक्षण और कार्ययोजना के 14 वे एवं 15वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार से प्राप्त फंड की खरीदी गई।
ऊपर से आदेश पर हुआ भुगतान
कई पंचायत सचिवों ने नाम न छापने की शर्तों पर बताया कि उन्हें मशीनों के भुगतान के लिए ऊपर से दबाव डाला जाता था। जो भी बिल आता उसे पास करना मजबूरी बन गया था।
कारण बताओ नोटिस वाले अधिकारी
रोहित नायक तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत पलारी, रवि कुमार तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत बलौदाबाजार, लिखित सुल्ताना तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत महासमुंद।


