बलौदा बाजार

बलौदाबाजार नपा की सीमा का जल्द होगा विस्तार
03-Aug-2025 3:04 PM
बलौदाबाजार नपा की सीमा का जल्द होगा विस्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 3 अगस्त। बलौदाबाजार नगर पालिका की सीमा का जल्द विस्तार होगा। नगरपालिका सीमा में आसपास के गांव की जुड़ जाएंगे। परिषद ने ऐसा प्रस्ताव शासन को भेजा है।

 नगर पालिका में अध्यक्ष अशोक जैन सीएमओ आशीष तिवारी और पार्षदों की मौजूदगी में 27 जून को बैठक हुई। बैठक में उपस्थित पार्षदों की सहमति से पाहंदा, कोकड़ी, भाटागांव, परसाभदेर, मिशन परसाभदेर, लटुवा, भरसेला मालगुजारी, भरसेला, भरसेली, सोनपुरी, शुक्लाभाटा, खैरघटा, परसाभदेर, चरोटी, लिमाही, कुकुरदी, मगरचबा, छुईहा, मालगुजारी, छुईहा को नगरपालिका सीमा में शामिल करने पर सहमति जताई हैं। बैठक में पार्षद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका की सीमा के विस्तार के लिए नगरी क्षेत्र में लगी हुई 18 ग्राम पंचायत के गांव को शामिल करने की तैयारी की जा रही हैं। वर्तमान में बलौदाबाजार नगर पालिका में कुल 21 वार्ड हैं लेकिन नए परिसीमन के बाद यह संख्या बढक़र लगभग 35 हो जाएगी। नगर पालिका की वर्तमान आबादी 30000 है जो बढक़र लगभग 60000 हो जाएगी। नए परिसीमन में 18 ग्राम पंचायत के राजस्व गांव की 30 हजार से अधिक की आबादी को जोड़ा जाएगा।

विकास को मिलेगा बल

पालिका राजस्व निरीक्षक के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार बलौदाबाजार की जनसंख्या लगभग 20000 थी जो बढक़र 30000 के करीब पहुंच गई हैं। अब नए गांव को नगर पालिका में जोड़ा जाएगा तो यह संख्या लगभग 60000 हो जाएगी जिससे इस नगरी निकाय को अधिक फंडिंग प्राप्त होगी। ज्यादा बजट मिलने से शहर का विकास और आर्थिक व्यवस्थित और तीव्र गति से होगा। साथ ही अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठान और छोटे बड़े उद्योग स्थापित होंगे।

 

नगर निगम की तैयारी पर आंकड़े नहीं दे पा रहे साथ

नगरपालिका बलौदाबाजार नगर पालिका क्षेत्र में हाल ही में 18 नए गांव शामिल करने का फैसला किया गया हैं जिससे इसे नगर निगम का दर्जा दिलाने की राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। हालांकि नियमानुसार नगर निगम के गठन के लिए न्यूनतम 3 लाख की आबादी अनिवार्य हैं जो फिलहाल बलौदाबाजार में पूरी नहीं होती ऐसे में निगम बनने की संभावना अभी कमजोर मानी जा रही। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में आर्थिक रूप से सक्षम या प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण क्षेत्र को कम जनसंख्या की बावजूद निगम का दर्जा दिया गया हैं। प्रदेश में 2011 की जनगणना के बाद ऐसे पांच नगर पालिकाओं को नगर निगम बनाया गया था जिसकी आबादी 100000 से अधिक थी। शहरी निकायों के वर्गीकरण के लिए जनसंख्या का मापदंड तय हैं। नगर पंचायत के लिए 10000-20000 नगर पालिका के लिए 20000 - 3 लाख और नगर निगम के लिए 3 लाख से अधिक जनसंख्या आवश्यक हैं।

शहर से सटे गांवों को अब मिलेगी ज्यादा सुविधा

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत को शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने से उनका विकास अधिक तेजी तेज गति से होगा हो सकेगा। जहां अभी सडक़, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी हैं। वहां नगर पालिका क्षेत्र में आने के बाद स्ट्रीट लाइट्स नालियां और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। ग्रामों के जाएगा और प्लानिंग के आधार पर कार्य किया जाएगा। वर्तमान में इन ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की भारी समस्या है और सडक़ों की हालत भी दयनीय हैं। नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

शासन से ज्यादा पैसे मिलेंगे। हालांकि ज्यादा संसाधन की भी जरूरत पड़ेगी। लेकिन इससे फायदा ही होगा।


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