बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 31 जुलाई। जुलाई की बारिश किसानों के साथ ही साथ जिले के जलाशयों के लिए भी संजीवनी साबित हुई है। जुलाई माह की बारिश में जिले के सूखे पड़े जलाशयों में पानी भर गया है। जितनी बारिश इस वर्ष जुलाई में हुई है, वो अभी तक खेती किसानी से लेकर जलाशयों में जल भराव तक के लिए बेहतर रही है, जिसकी वजह से जिले के जलाशयों की पूरी तस्वीर ही बदल गई है।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल में जहां जिले के गिने चुने जलाशयों में ही जलभराव था। वहीं जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जिले के 6 जलाशयों में 100 फीसदी जल भराव हो चुका है। जलाशयों में भरा पानी जिले के किसानों के साथ ही साथ आगामी ग्रीष्म ऋतु में भी भूजल स्तर के साथ ही साथ ग्रामीण इलाके के लोगों के लिए भी लाभकारी होगा।
विदित हो कि जुलाई की बारिश होते ही जलाशयों की स्थिति पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है। इस वर्ष भीषण गर्मी की वजह से अप्रैल में जलाशयों की स्थिति सर्वाधिक खराब रही है और बहुतेरे जलाशयों में जमीन तक पानी पहुंच गया था जिसकी वजह से संबंधित ग्रामों के ग्रामीणों में चिंता व्यक्त थी। जलाशयों में भरा पानी धान की फसल के साथ ही साथ ग्रीष्मकल में ग्रामीण का निस्तार का भी मुख्य साधन होता है, वहीं जलाशयों के भारी होने की स्थिति में भूजल स्तर में भी सुधार रहता है। जलाशयों की स्थिति को देखकर ग्रामीणों में चिंता व्याप्त थी, परंतु जुलाई के प्रारंभ से ही जिले में जोरदार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से सूख रहे जलाशयों की स्थिति ही बदल गई है। जुलाई में जोरदार बारिश होने से जिले के जलाशयों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे किसानों के साथ ही साथ संबंधित गांवों के ग्रामीणों में भी हर्ष व्याप्त है।
6 जलाशयों में शत-प्रतिशत जल भराव
जिले में हो रही बारिश से अब तक मध्यम परियोजना अंतर्गत 6 जलाशयों में शत-प्रतिशत जल भराव हो गया है, वहीं 13 जलाशयों में 50 फीसदी से अधिक जल भरा हुआ है।
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैजनाथ जलाशय, बलौदा जलाशय, खैरा दतान जलाशय, लवन जलाशय, बालसमंद जलाशय, एवं कुकदा जलाशय में 100 फीसदी जल भराव है। साबर जलाशय, कुकुरदी जलाशय, करी जलाशय, हरि भट्ट जलाशय, पत्थर चूवा जलाशय, खैरी जलाशय, खमरिया जलाशय, चरोदा जलाशय, टीथिडीह जलाशय, हिरमी जलाशय, बिटकुली जलाशय, देवराडीह जलाशय एवं झरिया जलाशय में 50 फीसदी से अधिक जल भराव है।
बलार जलाशय 30 प्रतिशत टुंड्रा जलाशय 0 फीसदी, कसडोल जलाशय 36 हटौद जलाशय 13 बम्हनी जलाशय 48 झोलाझर जलाशय 16 अमरूवा जलाशय 31 एवं मखुरहा जलाशय 10 फीसदी, बाछेरपुर जलाशय 46 प्रतिशत, तेलासी जलाशय 27 प्रतिशत, बोईरडीह जलाशय 48 प्रतिशत, भरतपुर जलाशय 21 फीसदी, तिल्दा बांधा जल से 30 फीसदी, करही जलाशय 47 फीसदी, दुलदुला 37 फीसदी, कामता जलाशय 49 प्रतिशत एवं धुधवा जलाशय में 40 फीसदी जल भराव हो गया है।
ग्रीष्मकल की चिंता कम हुई
ग्रामीण इलाकों के अधिकांश जलाशय ग्रामीण इलाके के लोगों की निस्तारी के साथ ही साथ खरीफ फसल के लिए किसानों को पानी दिए जाने भूजल स्तर को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। परंतु जलाशयों का सूखना या जलाशयों में पानी का बेहद कम भराव आगामी ग्रीष्मकल के लिए खतरे की घंटी होते हैं। जुलाई में हुई जोरदार बारिश से किसानों को वर्तमान खरीफ धान में पानी को लेकर पूरी चिंता समाप्त हो चुकी हैं। वहीं मौसम को देखते हुए आगामी दिनों में भी पर्याप्त बारिश की संभावना है। जलाशयों के भरे होने पर आगामी ग्रीष्मकल में भी लोगों को निस्तारी के साथ ही साथ भूजल स्तर में कमी, कृषि कार्यों में पानी नहीं मिलने की समस्या दूर होती नजर आ रही है।
जिले में अब तक 536.5 मिमी बारिश
जिले में चालू मानसून के दौरान 1 जून से 28 जुलाई 2025 तक 536.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिले में सर्वाधिक वर्षा तहसील सुहेला में 694 मिली मीटर एवं सबसे कम वर्षा कसडोल तहसील में 423.01 मिलीमीटर हुई है।
भू अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तहसील टुंद्रा 605.01 मिली मीटर पलारी में 592.6 मिलीमीटर सोनाखान 531.60 मिलीमीटर भाटापारा 526.7 मिली मीटर बलौदा बाजार 490.02 मिलीमीटर लवन 487.02 मिलीमीटर एवं सिमगा 477.5 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई हैं। इस तरह कुल 4828.3 मिली मीटर अभी तक दर्ज की गई हैं, जिनकी औसत वर्षा 536.5 मिली मीटर हैं। 28 जुलाई को दो मिली मीटर दर्ज की गई है, जिनकी औसत वर्षा 0.2 मिमी हैं।


