बलौदा बाजार
नपाध्यक्ष ने अधिकारी-कर्मचारियों को जारी कराया नोटिस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 8 मार्च। नगर पालिका भाटापारा में अश्वनी शर्मा के पालिका अध्यक्ष बनने के बाद कामकाज को लेकर कसावट शुरू हो गई है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री शर्मा ने नगर पालिका के जरिए आमजन को सुविधा मुहैया कराने सक्रिय रूप से काम शुरू कर दिया है। पालिका अध्यक्ष श्री शर्मा नियमित रूप से नगर पालिका परिषद कार्यालय भी पहुँच रहे हैं। इस बीच नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों के निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई है।
अध्यक्ष श्री अश्वनी शर्मा ने नाराजग़ी भरे लहज़े में कहा कि, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैए का खामियाजा आमजन न भुगते। उन्होंने सीएमओ के जरिए 6 और 7 मार्च को पालिका के 13 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस दिलवाया है।
नपा अध्यक्ष भाटापारा अश्वनी शर्मा का कहना है कि अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे। जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है और आमजन परेशान होते हैं। हम व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि चुनाव के समय ही भाजपा प्रत्याशी रहते अश्वनी शर्मा ने कहा था कि, यदि वे निर्वाचित होकर आते हैं तो नगर पालिका परिषद के माध्यम से जनसुविधाओं को दुरुस्त करने की दिशा में काम होगा। बड़ी जीत के बाद नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालते ही अपने वायदों को निभाने को लेकर उनकी सक्रियता भी देखी जा रही है।
इस कड़ी में वे नियमित कार्यालय पहुंच रहे हैं और अपनी समस्या लेकर पहुंचने वालों से मुलाकात कर उनका निदान का प्रयास कर रहे हैं लेकिन नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति नहीं होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे लेकर अध्यक्ष श्री अश्वनी शर्मा ने नाराजग़ी जताई है।
इस कड़ी में 7 मार्च को कार्यालय में समय पर उपस्थित नहीं होने वालों को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी कराया गया है।
दूसरी ओर श्री शर्मा ने मीडिया के माध्यम से संदेश दिया कि, भाटापारा में पूर्ववर्ती पालिका अध्यक्ष और उनके नेताओं की उदासीनता या शह देने से नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैयै से काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा आमजनता को भुगतना पड़ रहा है।
अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा, अब तक नगर पालिका में जो चला वह अब नहीं चलेगा। पालिका अध्यक्ष के रूप में वे स्वयं और पार्षदगण जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पूरी जवाबदेहिता से काम करेंगे तो पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने कर्तव्य, अपनी जिम्मेदारी के लिए गंभीर होना पड़ेगा। जो भी काम को लेकर लापरवाही करता है या उदासीन रवैया अपनाता है तो भाटापारा नगर पालिका परिषद में उनके लिए जगह नहीं रहेगी।


