बलौदा बाजार

चौराहे के फव्वारे खराब, सजावटी लाइटिंग भी नहीं जल रही है, गार्डन की सफाई नहीं
03-Mar-2025 3:47 PM
चौराहे के फव्वारे खराब, सजावटी लाइटिंग  भी नहीं जल रही है, गार्डन की सफाई नहीं

शहर को सुंदर बनाने तालाब और नगर भवन पर करोड़ों लगाए,  देखरेख बिना सब बदहाल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 3 मार्च। शहर को सुंदर और विकसित बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर सौंदरीकरण कार्य कराए गए लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यह स्थान उपेक्षा का शिकार हो गया है। अफसर की अनदेखी और नगर प्रशासन की उदासीनता के चलते जनता की मेहनत की कमाई बेकार जा रही है। अंबेडकर चौक, नगर भवन, रामसागर तालाब जैसे प्रमुख सुंदरीकरण स्थल बदहाल स्थिति में है। साफ दिखता है कि लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर सौंदरीकरण तो किया गया लेकिन नगर प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थान अब अपनी चमक को चुके हैं। सौंदरीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे।

हालत यह है कि जहां एक ओर नगर पालिका नए स्थान पर सौंदरीकरण करवा रही है वहीं पहले से बने चौक चौराहों और पर्यटन स्थलों की सुंदरता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। फव्वारे खराब पड़े हैं लाइटे बुझी हुई है और जगह-जगह लंबी घास उग आई है जिस पर अब आवारा पशु विचरण कर रहे हैं। नगर पालिका ने समय-समय पर विभिन्न स्थानों का सौंदर्यकरण किया लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में यह जगह धीरे-धीरे जर्जर होती चली गई।

असामाजिक तत्वों का अड्डा बना 2 करोड़ का पर्यटन स्थल

शहर के वार्ड क्रमांक 12 में स्थित प्राचीन रामसागर तालाब में 2 करोड रुपए की लागत से एक पर्यटन स्थल विकसित किया गया था लेकिन यह असामाजिक तत्वों की भेंट चढ़ चुकी है। पर्यटन स्थल पर चिल्ड्रन प्ले एरिया बनाया गया था लेकिन इसके निर्माण के बाद यहां से वहां कभी बच्चों की किलकारी सुनाई नहीं दी। तालाब किनारे पर्यटकों के लिए रखी गई रंग बिरंगी कुर्सियां अब नशेडिय़ों और शराबियों का अड्डा बन गई है। चौपाटी की तर्ज पर पर्यटकों को स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद दिलाने के लिए आइसक्रीम पार्लर चार्ट गुपचुप दोसा आदि के लिए 8 दुकानें बनाई गई थी लेकिन यह दुकान अब वीरान है। इन पर अब चार्ट गोलगप्पे खाने वाले लोग नहीं बल्कि शराब के घूंट भरने वाले लोग नजर आते हैं।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष का कहना है कि नगर प्रशासन को चाहिए कि वह नए सौंदरीकरण कार्यों के साथ-साथ पहले से किए गए कार्यों की भी देखरेख करें ताकि जनता की गाढ़ी कमाई का सही उपयोग हो सके। अन्यथा करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद शहर की हालात बदहाल ही बनी रहेगी।

पुराने स्थल की मरम्मत की जाएगी- सीएमओ

शहर की इस दुर्दशा के बारे में मुख्य नगर पालिका अधिकारी  खिरोद्र भोई से ‘छत्तीसगढ़’ ने बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि पुराने सौंदर्यीकरण स्थलों की सफाई व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त की जाएगी।


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