बलौदा बाजार

6 हजार क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे
03-Mar-2025 3:39 PM
6 हजार क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे

धान खरीदी केंद्रों में उठाव नहीं, समिति प्रबंधक परेशान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 3 मार्च।  जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद हुए एक माह हो गए, किंतु विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में धान का उठाव समय पर नहीं होने के चलते सोसाइटियों में रखे धान में सूखत आने लगी है। वहीं खुले आसमान के नीचे रखे धान की बोरियों को चूहे कतरने लगे हैं जिससे सारा धान बाहर निकाल कर खराब हो रहा है।

वही समय पर धान का उठाव नहीं होने से समिति प्रबंधकों एवं सदस्यों के माथे पर चिंता की लकीर खींची खिंच गई है। पिछले वर्ष उपार्जन केंद्रों में आई सुखत की समस्या से कर्मचारी समिति प्रबंधकों को परेशान होना पड़ा था। यदि शीघ्र ही समय रहते धान परिवहन में तेजी नहीं आई तो सोसाइटियों में सुखत का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

ऐसा की हाल प्राथमिक कृषि साख सरकारी समिति उपार्जन केंद्र लचछनपुर पर में देखने को मिल रहा है। इस उपार्जन केंद्र में लचछनपुर पर ढेलकी, धौराभाठा, गबोद एवं गदहीडीह सहित 1033 किसानों से 52449 क्विंटल की धान खरीदी की गई थी। जिसमें से 25266 क्विंटल मिल ने एवं 20572 क्विंटल संग्रहण केंद्र ने परिवहन कर लिया है। वहीं वर्तमान की स्थिति में उक्त उपार्जन केंद्र में अभी 16156 धान का कट्टा यानी 6000 क्विंटल से भी अधिक की धान खुले आसमान के नीचे रखे हुए हैं।

उपार्जन केंद्र में पड़े 16 हजार धान कट्टा में से 11 हजार कट्टा संग्रहण केंद्र को एवं 5 हजार कट्टा मिल को परिवहन किया जाना है। वहीं पिछले तीन माह से टीओ कट जाने के बावजूद संग्रहण केंद्र तिल्दा के द्वारा धान का उठाव नहीं कर पा रहे हैं। समिति प्रबंधक द्वारा पूछे जाने पर आजकल रहते हुए पिछले तीन माह से धान का उठाव नहीं कर रहे हैं। समिति प्रबंधक एवं कर्मचारियों ने उक्त उपार्जन केंद्र से धन परिवहन में तेजी लाने की मांग की है।

इस संबंध समिति प्रबंधक नरेंद्र यादव ने बताया कि तिल्दा नेवरा के संग्रहण केंद्र का पिछले तीन माह से डीओ कट गया है, उसके बावजूद धान का उठाव नहीं कर रहे हैं। फोन लगाने पर गोल-गोल जवाब दे रहे हैं।


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