बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 18 जनवरी। जिले के गोरधा गांव में एक बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के केस पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने आरोपी बेटे को दोषी मानकर उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने बताया कि प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा की अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए चश्मदीद गवाह, साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर योगेश कुमार को अपनी ही मां की हत्या का दोषी पाया है, जिसके बाद आरोपी योगेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के गोरधा गांव की यह घटना है। गोरधा गांव में गुरबारी बाई अपनी बेटी रिया के साथ रहती थी, जबकि उसका बेटा योगेश अपने पिता के साथ बिलाईगढ़ के पिकरीपारा में रहता था। 6 फरवरी 2023 की सुबह योगेश कहार ग्राम पीकरीपारा से गोरधा गांव अपने घर आया था। योगेश जब घर पहुंचा तो उसने मां से बहस शुरू कर दिया। छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में उसने किचन में रखे सील के लोढ़े से अपनी मां पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे गुरबारी बाई खून से लथपथ होकर गिर गईं।
इस घटना की चश्मदीद गवाह उसकी बहन रिया थी, जो घटना के वक्त वहां मौजूद थी, उसने अपने भाई को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह मां पर लगातार हमला करता रहा। रिया डर गई और घबराहट में मदद के लिए पड़ोसियों के पास दौड़ी। जब वह वापस लौटी तो उसकी मां की सांसें थम चुकी थीं और योगेश उसी घर में चुपचाप बैठा हुआ था। रिया से सूचना मिते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हत्यारे बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
कसडोल थाना की पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से सारे सबूत जमा किए. साथ ही चश्मदीद बहन रिया के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किया जाना साबित हो गया। इसके बाद आज बलौदाबाजार जिला न्यायालय ने हत्या के आरोपी योगेश कहार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।


