बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 10 जनवरी। ग्राम पंचायत कुकुरदी और सांवरा बस्ती के विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। वर्षों से चल रहे इस मामले में ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर मांग की है कि सांवरा बस्ती के निवासियों का नाम ग्राम पंचायत कुकुरदी की मतदाता सूची में जोड़ा न जाए।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पंचायत के नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए अपनी आपत्ति स्पष्ट की। उनका आरोप है कि सांवरा बस्ती के लोग कुकुरदी ग्राम पंचायत के स्थायी निवासी नहीं हैं, इसलिए उन्हें पंचायत की मतदाता सूची में शामिल करना नियमों के विरुद्ध है। सांवरा बस्ती के निवासियों को कुछ वर्षों पहले बलौदा बाजार नगर पालिका क्षेत्र से स्थानांतरित कर ग्राम पंचायत कुकुरदी के पास बसाया गया था। इसके बावजूद, उनका नाम अभी भी बलौदा बाजार नगर पालिका की मतदाता सूची में दर्ज है। सांवरा बस्ती के निवासी लगातार मांग कर रहे हैं कि उनकी दैनिक जरूरतों और सुविधाओं के लिए उन्हें निकटतम ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए।
वहीं, ग्राम पंचायत कुकुरदी के निवासी इस मांग का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सांवरा बस्ती के लोग ग्राम पंचायत कुकुरदी के निवासी नहीं हैं, इसलिए उनका नाम मतदाता सूची में जोडऩा अनुचित है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपा है और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सांवरा बस्ती के 263 लोगों के नाम अवैध तरीके से जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ग्राम सभा की सहमति के बिना और नियमानुसार सूचना दिए बिना की गई है। ज्ञापन में वार्ड क्रमांक 12 के 263 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सांवरा बस्ती के निवासियों का नाम बलौदा बाजार नगर पालिका की सूची में पहले से दर्ज है। इसलिए, उनका नाम ग्राम पंचायत कुकुरदी की सूची में जोडऩा निर्वाचन प्रक्रिया और पंचायत के नियमों का उल्लंघन है।
सांवरा बस्ती के निवासियों का पक्ष
सांवरा बस्ती के निवासियों ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि बलौदाबाजार नगर पालिका में नाम दर्ज होने के कारण उन्हें राशन, सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है। उनका कहना है कि नजदीक के ग्राम पंचायत में उनका नाम जोड़ा जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो और राशन व सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके , इसलिए उन्हें नजदीक के पंचायत में शामिल किया जाना चाहिए। ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे और आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
कुकुरदी के सचिव ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोडऩे और हटाने का काम राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत किया जाता है। और कहा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्षता के साथ कार्य करेगा।
जिला कलेक्टर कार्यालय ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रशासन ने जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है और जल्द ही निष्पक्ष निर्णय लेने की बात कही है।
आगामी चुनाव और विवाद का असर ग्राम पंचायत कुकुरदी और नगर पालिका बलौदा बाजार में आगामी पंचायत चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह विवाद चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों के विरोध और सांवरा बस्ती के निवासियों की मांगों के बीच प्रशासन को संतुलन साधने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।


