बलौदा बाजार

पांचवी-आठवीं पास होने दो मौका, बाद में उसी कक्षा में बैठना होगा
25-Dec-2024 3:15 PM
पांचवी-आठवीं पास होने दो मौका, बाद में उसी कक्षा में बैठना होगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,25 दिसंबर।
पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा पास करने के लिए दूसरा मौका भी दिया जाएगा। दूसरी बार भी परीक्षा पास नहीं कर पाने की स्थिति में कक्षा पांचवी और आठवीं के विद्यार्थियों को पास नहीं किया जाएगा। उन्हें उसी कक्ष में फिर से पढ़ाई पढऩा पड़ेगा। 

आरटीआई के तहत पूर्व में कक्षा आठवीं तक के किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं करने का प्रावधान था। इससे शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा था। हालांकि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए कक्षा पांचवी व आठवीं के बच्चों को पास नहीं होने की स्थिति में दोबारा परीक्षा देने का प्रावधान कर दिया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई थी। हाल ही में राज्य सरकार ने 2019 के आदेश को मानते हुए संशोधन कर यह निर्धारित किया था कि कक्षा पांचवी और आठवीं के फेल होने वाले विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी और उन्हें प्रोन्नति दी जाएगी। 

इसमें केंद्र सरकार ने नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन कर दिया है। 16 दिसंबर को इसकी अधिसूचना जारी करती थी, अब उसे भारत सरकार के राजपत्र में 21 दिसंबर को प्रकाशित कर दिया गया है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही यह कानून प्रदेश सहित बलौदाबाजार जिले में भी लागू हो गया है। 

मानसिक दिव्यांगों -पलायन करने वालों के लिए विकल्प नहीं 
प्राइमरी और मिडिल स्कूल में मानसिक दिव्यांग विद्यार्थी भी पढ़ाई करते हैं शिक्षा का अधिकार लागू होने के बाद से पिछले शिक्षा सत्र तक ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठ कर पास कर दिया जाता था। क्योंकि मानसिक दिव्यांग बच्चों को पढऩा भी सामान्य स्कूलों में कठिन है। ऐसी स्थिति में यदि वे बच्चे फेल हो गए तो उनका क्या होगा इसका कोई समाधान नहीं किया गया है। वहीं कमाने खाने जाने वाले विद्यार्थियों के पालक भी ऐन परीक्षा के समय आते हैं, ऐसी स्थिति में उन बच्चों को भी परीक्षा में बैठ कर पास कर दिया जाता रहा है उनका क्या होगा, यह भी स्पष्ट नहीं है।

चौथी और सातवीं की परीक्षा का मूल्यांकन अंतर संकुल स्तर पर 
बोर्ड की कक्षा पांचवी और आठवीं के विद्यार्थियों के स्तर को परखने के लिए अब कडाई बरती जाएगी। क्यों चुकि पहले से ही यह तय हो गया है कि फेल होने वाले किसी भी विद्यार्थी को सीधा पास नहीं किया जाएगा। 

जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने बताया कि कक्षा चौथी और कक्षा सातवीं की वार्षिक परीक्षा की मूल्यांकन उत्तर पुस्तिकाओं को जचने के लिए अंतर संकुल स्तर स्तरीय मूल्यांकन केंद्र बनाए जाएंगे यानी एक संकुल की कॉपियां जचने के लिए दूसरे संकुल को भेजी जाएगी। 

इस बार नियम में यह बदलाव किया गया 
राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि दो बार फेल होने वाले कक्षा पांचवी आठवीं के विद्यार्थियों को रोक दिया जाएगा। फेल होने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता से स्कूल के विद्यार्थियों को संपर्क करना होगा। इसके बाद उन्हें बच्चों के फेल होने के कारणों को समझना होगा। स्कूल के प्रधान पाठकों को फेल होने वाले विद्यार्थियों की सूची बनानी होगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि विद्यार्थी किन विषयों में कमजोर है। एक बार जिन विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया, उन्हें पांचवी तक स्कूल से निकला नहीं जा सकेगा। 


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