बलौदा बाजार
बलौदाबाजार, 20 दिसंबर। जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा जिले में सघन अभियान संचालित कर एक युद्ध नशे के विरुद्ध, बाल विवाह तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रावधानों पर जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेन्द्र जाटवर के नेतृत्व में नवंबर में जिले के दूरस्थ वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचकर टीम के द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों एवं ग्राम पंचायतों में कुल 33 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसके माध्यम से 6 हजार 548 बच्चों को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, पॉक्सो एक्ट, लिंग आधारित हिंसा, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098/112, बाल मजदूरी, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, और स्पॉन्सरशिप योजना, किशोर न्याय अधिनियम, मानव तस्करी, गुड टच बेड टच एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बालकों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को दृष्टिगत करते हुए प्रत्येक विद्यालयीन जागरूकता कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर विशेष सत्र समाहित किया गया एवं किस प्रकार नशे की गिरफ्त में विद्यालयीन छात्र आते हंै एवं बच्चों का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित होता है। नशा से न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है वरन् परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
छात्रों को सिगरेट, शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने की सलाह दी गई।
अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और संवाद बनाए रखें।
स्कूल प्रबंधन ने इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया, ताकि युवा पीढ़ी एक स्वस्थ और उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। जिला बाल संरक्षण इकाई की पूरी टीम के द्वारा उक्त आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई गई।


