बलौदा बाजार
अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर भरपाई करेंगे- डीईओ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 19 दिसंबर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। 12वीं की परीक्षा 1 मार्च से 28 मार्च तक और 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से 24 मार्च तक आयोजित होगी। साथ ही अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी इसी समय आयोजित होने की संभावना है।
छात्रों और शिक्षकों के पास तैयारी के लिए केवल 74 दिन शेष हैं। ऐसे में जब इस दौरान नगरी निकाय और ग्राम पंचायत चुनाव के कारण शिक्षकों का अधिक समय गए गैर शैक्षणिक कार्यों में व्यतीत होगा। इससे शासकीय स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। इधर, 10 दिन तो रविवार को में बीत जाएंगे अभी शीतकालीन की भी छुट्टी लगती है। इसके अलावा त्योहारों की छुट्टी अलग होगी। अभी 65 फीसदी कोर्स पूरे हुए हैं जबकि लगभग 100 फीसदी हो जाने थे।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने कहा कि जनवरी तक कोर्स पूरा कर लिया जाएगा। अन्य गतिविधियों के कारण प्रभावित अध्यापन कार्य को अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से भरपाई कर समय पर पूरा किया जाएगा।
‘छत्तीसगढ़’ ने शिक्षकों से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि हर महीने मंथली टेस्ट छमाही परीक्षा प्री बोर्ड परीक्षा परख बोर्ड परीक्षा और प्रैक्टिकल जैसी लगातार परीक्षाओं के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। परीक्षाओं के अलावा शिक्षकों पर छात्रवृत्ति एंट्री जाति निवास प्रमाण पत्र मध्यान भोजन की जानकारी राशन और गणेश वितरण साइकिल और किताबों का वितरण आधार और बैंक डिटेल अपडेट जैसे कार्यों का बोझ बढ़ता जा रहा है।
इससे अतिरिक्त साल के लिए यू डाइज डाटा एंट्री जैसे ऑनलाइन कार्य भी समय खा रहे हैं। अब राजस्व विभाग के कार्य भी हमें दिए जा रहे हैं शासन ने आदेश दिया है कि सभी छात्रों की आधार आईडी जेनरेट करनी है और उनके जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को निभानी होगी। स्थिति तब और जटिल हो जाती है जब छात्र या उनके अभिभावक उसमें रुचि नहीं दिखाई ऐसे मामलों में शासन के निर्माण अनुसार शिक्षकों को छात्रों के घर जाकर जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दस्तावेज जुटाने का काम करना पड़ रहा है।
3.50 लाख छात्रों के लिए 9045 शिक्षक
जिले के शासकीय स्कूलों में साढे तीन लाख छात्र अध्यनरत हैं। इतने छात्रों को पढऩे के लिए मात्र 9045 शिक्षा की है। बलौदाबाजार जिले में शिक्षकों के 4137 पद खाली हैं। ऐसे में पूरे साल भर में शैक्षणिक कार्य के लिए मिले 210 दिनों में इन शिक्षकों का आधे से अधिक समय अध्यापन सितंबर से हटाकर अन्य गतिविधियों में खत्म हो गया जिसकी वजह से दिसंबर में पूरा होने वाला सिलेबस केवल 60-65 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।
इस साल की पढ़ाई में यह कार्यक्रम लगातार बाधा बनते रहे
इस बार 17 जून के बजाय 26 जून से शुरू हुआ। जुलाई का महीना प्रवेश उत्सव में चला गया, अगस्त स्वच्छता पखवाड़े में और सितंबर से लेकर दिसंबर तक जयंती त्योहार और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में समय बीत गया। वीरांगनाओं की जयंती और प्रतियोगिताओं जैसे आयोजनों के चलते कक्षाएं नियमित नहीं हो सकी।
शिक्षकों पर अतिरिक्त कोर्स करने की जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में हेल्थ केयर इलेक्ट्रीशियन वेंडर जैसे व्यवसायिक कोर्स अनिवार्य कर दिए हैं। प्रत्येक स्कूल में 20 बच्चों का चयन कर इन कोर्स का अध्यापन कराया जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से इन कोर्स के लिए अलग से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है और इस जिम्मेदारी को भी नियमित शिक्षकों पर डाल दिया गया है। पहले से ही परीक्षा गैर शैक्षणिक कार्य और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण उनके पास पढ़ाई के लिए समय कम बचता है।


