बलौदा बाजार
ट्रक ड्राइवर की हाईवा की चपेट में मौत, भडक़े मजदूर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 14 दिसंबर। बलौदाबाजार जिला पूरे देश में सीमेंट हब के रूप में जाना जाता है, जिसका कारण क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के सीमेंट संयंत्रों की दर्जन भर से अधिक यूनिट है। यहां प्रतिदिन लाखों मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन किया जाता है, परंतु बीते डेढ़ -दो वर्ष के भीतर जिला सीमेंट संयंत्रों में एक के बाद एक हो रहे हादसों की वजह से भी कुख्यात हो गया है।
बलौदाबाजार संयंत्र में महज बीते डेढ़ -दो वर्ष के भीतर दर्जन भर बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कार्यरत श्रमिकों की जान गई है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम खपराडीह स्थित श्री सीमेंट प्लांट में गुरुवार सुबह फिर से एक बड़ा हादसा हो गया। जिसमें एक ट्रक चालक लाल साबर (50 वर्ष) ओडिशा को एक हाइवा ने कुचल दिया, जिससे ट्रक चालक की मौत हो गई हैं।
संयंत्र प्रबंधन द्वारा ट्रक चालक का शव संयंत्र में गुरुवार देर शाम लाया गया, जिसे देखकर अन्य चालक और मजदूर आक्रोशित हो गए। संयंत्र में हंगामा खड़ा हो गया। देर रात तक संबंधी ट्रांसपोर्टर द्वारा मुआवजा दिए जाने के बाद श्रमिकों का आक्रोश शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग 6.30 बजे खपराडीह स्थित श्री सीमेंट फैक्ट्री में टिके लाल साबर पेंकिग प्लांट में सीमेंट लोड करने आया था। इस दौरान उसके सीने में दर्द होने लगा, इसके बाद तड़पते ट्रक चालक को एक वाहन ने बुरी तरह से कुचल दिया।
संयंत्र प्रबंधन द्वारा बुरी तरह से घायल ट्रक चालक लाल साबर को रायपुर के सिमस अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। संयंत्र प्रबंधन गुरुवार देर शाम मृतक का शव लेकर संयंत्र पहुंचा, जहां साथी ट्रक चालक की मृत देह देखकर संयंत्र में हंगामा मच गया। घटना से आक्रोशित परिजन और वाहन चालक संघ ने देर रात तक फैक्ट्री के बाहर शव को रखकर प्रदर्शन किया।
इस प्रकार कुछ दिनों पूर्व ग्राम रावन स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट संयंत्र के भीतर एक व्यक्ति का शव मिला था जिसकी अब तक शिनाखत नहीं हो पाई है। क्षेत्र में वर्षों से स्थापित सीमेंट संयंत्र द्वारा संयंत्र के आसपास के गोदग्रामों के विकास के साथ ही साथ समूचे क्षेत्र में प्राकृतिक मानव तथा मवेशियों के साथ ही साथ कार्यरत मजदूरों कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे जरूर किए जाते हैं और संयंत्रों के सामने सेफ्टी फर्स्ट के बड़े बैनर पोस्टर लगाए जाते हैं। परंतु समय-समय पर इन दावों की पोल स्वत: ही खुलती हुई नजर आती है। इन सीमेंट संयंत्रों में लगातार हो रहे हादसे का एक ओर यहां सीमेंट संयंत्रों द्वारा की जा रही बड़ी लापरवाही दर्शा रही है।
वहीं सीमेंट संयंत्रों के भीतर सुरक्षा को लेकर की जाने वाली देखरेख और समय-समय पर की जाने वाली हड़ताल को लेकर भी जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के आला अधिकारियों की भी चुप नजर आ रही है। सीमेंट संयंत्रों में हादसों की वजह से एक ओर जहां संयंत्रों के आसपास के ग्रामों के लोगों में यहां संयंत्र प्रबंधन के प्रति आक्रोश व्याप्त है वहीं जिला प्रशासन द्वारा सीमेंट संयंत्रों पर लगाम न लगाए जाने से संयंत्र प्रबंधन भी बेखौफ नजर आ रहे हैं।
परिजनों को नौकरी देने की मांग
श्री सीमेंट प्रबंधन से मुआवजे के साथ मृतक के परिजनों को नौकरी देने की मांग की जा रही थी, जिसके बाद वाहन चालक संघ पदाधिकारी, परिजन और श्री सीमेंट प्रबंधन ट्रांसपोर्टर यूनियन के बीच देर रात समझौता हुआ, इसमें परिजनों को नगद चार लाख रुपए की सहायता राशि दी गई। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दुर्घटना आने पर 4 लाख नगद के अलावा और सहायता राशि दी जाने पर समझौते के बाद प्रदर्शन खत्म किया गया।
मामले की पुष्टि करते हुए सुहेला टी आई लखेश केवट ने बताया कि अभी मर्ग डायरी नहीं आई है। मर्ग डायरी आते ही पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।
नहीं रुक रही हैं दुर्घटनाएं
गौरतलब है कि एक के बाद एक सीमेंट संयंत्रों में बड़े हादसों से पूरा जिला हिला हुआ है। संयंत्रों में लगातार हो रहे हादसों की वजह से संयंत्रों में कार्यरत मजदूरों में भय व्याप्त है। गौरवतलब है कि कुछ ही दिन पहले यहां एक हादसे में ऊपर से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई थी। इस हदसे कर्मचारी अभी उबर नहीं पाए थे कि फिर से एक हादसे में मौत हो गई, जिससे श्री सीमेंट के सुरक्षा प्रबंधन और वहां की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।


