बलौदा बाजार

नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, 4 आरोपी बंदी
10-Dec-2024 7:31 PM
नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, 4 आरोपी बंदी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 10 दिसंबर। संगठित तौर पर राज्य के अलग अलग जिलों के बेराजगारों से नौकरी लगाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  इस गिरोह के सदस्य बाकायदा बेरोजगार युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेवकूफ बनाते थ ।

बिलासपुर पुलिस से मिली जानकारी अनुसार थाना सिविल लाईन को सूचना प्राप्त हुई कि कपिल गोस्वामी एंव उसके साथी कुछ बेराजगार लडक़ों से नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र तैयार कर पैसा लेकर ठगी कर रहे हैं। उक्त सूचना पर तत्काल पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों तथा घटना के संबंध में पतासाजी हेतु अति. पुलिस अधीक्षक शहर के पर्यवेक्षण तथा नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई ।

टीम द्वारा पतासाजी किये जाने पर प्रार्थी  गोविन्द चंद्रा सक्ती, नंद कुमार शांडिल्य बिलासपुर, नितीश कुमार भारद्वाज  बिलासपुर, नितीश कुमार भारद्वाज बिलासपुर मिलेे, जो कि कपिल गोस्वामी एवं उसके साथी गुरू शंकर दिव्य, ईश्वर चैहान एवं अन्य को लगभग 22 लाख रूपये पृथक पृथक देना बताये।

प्रार्थीयों की रिपेार्ट पर धोखाधड़ी, कूटरचना एवं संगठित अपराध की धाराओं में 4 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये।

इसी दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु रेड  की गई। आरोपी कपिल गोस्वामी तथा गुरू शंकर दिव्य, पुरूषोत्तम तिवारी तथा राजेन्द्र पलांगे अपने निवास पर मिले। जिनको अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। आरापियो के पास से प्रार्थीयों के नाम से बने फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र, फर्जी सेवा पुस्तिका, अलग अलग शासकीय विभागो की सील मुहर एवं जेल प्रहरी की वर्दी बरामद कर जब्त कर आरोपियो से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

आरोपियों का  वारदात का तरीका

मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी अपने साथी सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर चौहान, कथित पत्रकार गुरू दिव्यशंकर, राजेश पलांगे के साथ मिलकर शासकीय नौकरी की चाह रखने वाले बेरोजगार युवकों की पहचान करते थे और उन्हें शासकीय नौकरी लगाने का प्रलोभन देते थे। सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर चैहान, तथाकथित पत्रकार गुरू दिव्यशंकर, राजेश पलांगे एवं अन्य साथी बेरोजगार युवकों को इस बात का भरोसा दिलाते थे कि कपिल गोस्वामी का संपर्क सभी शासकीय विभागों में है।

 कपिल गोस्वामी महंगी गाड़ी इनोवा में ड्रायवर एवं बॉडीगार्ड के साथ घूमता था। जब बेरोजगार युवक इनके झांसे में आ जाते थे, तब कपिल गोस्वामी के साथियों के द्वारा अलग-अलग शासकीय विभागो में नौकरी की रकम बतायी जाती थी। बेरोजगार युवक अपने घर के रिश्तेदारों, परिजनों से उधार रकम लेकर, घर के जेवर गिरवी रखकर नौकरी की चाह में पैसा एकत्र कर कपिल गोस्वामी देते थे। रकम देने पर युवकों को फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र दिखाकर डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के नाम पर उनके ओरिजनल डॉक्यूमेंट रखकर वेरीफिकेशन के बाद नियुक्ति पत्र दिये जाने का आश्वासन दिया जाता था।

 कपिल गोस्वामी पूर्व में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में जेल जा चुका है। शातिर किस्म का ठग है।

बिलासपुर पुलिस की अपील

पूछताछ पर आरेापियो के द्वारा रजांजगीर चाम्पा, बिलासपुर, सक्ती, रायपुर, बलौदाबाजार जिले के लगभग 25-30 युवको से धोखाधड़ी किया जाना स्वीकार किया गया है। जिनसे संपर्क किया जा रहा है। बिलासपुर पुलिस द्वारा अपील की जाती है कि इस तरह के ठगो से सावधान रहे तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी लगाने का झांसा देकर पैसे की मांग करने पर इसकी सूचना पुलिस को देवें।

गिरफ्तार आरोपी में  मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी उर्फ कपिलेश्वर जाँजगीर चाँपा, गुरूशंकर दिव्य, राजेंद्र पलाँगे सक्ति, पुरुषोत्तम तिवारी बिलासपुर है।

जब्त संपत्ति में 13 लाख रूपये नगदी रकम, एक कार, एवं बैंक एकाउंट में सीज करायी गई 3 लाख रूपये, 7 मोबाईल व फर्जी नियुक्ति पत्र तथा फर्जी सेवा पुस्तिका है।


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