बलौदा बाजार
फर्जी पहचान के जरिए जमीन रजिस्ट्री का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 दिसंबर। थाना कसडोल पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में पिछले 8 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला एक बड़ी धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें कुल 8 आरोपियों ने मिलकर फर्जी पहचान का सहारा लेते हुए एक महिला की जमीन की रजिस्ट्री करवा दी थी।
प्रार्थिया चंद्रिका बाई, निवासी ग्राम छेछर (वर्तमान में नानपुताली, पाली, कोरबा), ने वर्ष 2016 में थाना कसडोल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी साझा जमीन को 8 लोगों ने फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करा लिया। इस मामले में थाना कसडोल में अपराध क्रमांक 173/2016 के तहत धारा 420, 419, 120बी, 467, 468, 471 और 34 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
पहले गिरफ्तार हो चुके हैं 7 आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों— शांतिबाई, कुंज बिहारी सेन, श्याम सुंदर जांगड़े, गोपाल वर्मा, भगवाना पटेल उर्फ भगवानो, चंद्रिका बाई वर्मा और दरसराम पटेल को गिरफ्तार कर लिया था। इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी और मामला न्यायालय में चल रहा था।
फरार था मुख्य आरोपी
इस पूरे मामले का आठवां आरोपी, पुनाराम चौहान, घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस के अनुसार, वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदल रहा था। कई वर्षों तक फरार रहने के बाद पुलिस ने अपनी सतर्कता और विशेष सूचना के आधार पर पुनाराम को कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद पुनाराम चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रार्थिया महिला की जमीन को फर्जी पहचान के आधार पर रजिस्ट्री करवाया था। यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी को इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों के साथ पहले से ही पूरी योजना की जानकारी थी। पुनाराम चौहान छेछर, थाना कसडोल का निवासी है और वर्तमान में जैलगांव एनटीपीसी, कोरबा, थाना दर्री में रह रहा था, को 30 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


