बलौदा बाजार

ग्राम वासियों के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण
30-Nov-2024 2:34 PM
ग्राम वासियों के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

भाटापारा, 30 नवंबर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा तहसील के अंतर्गत तुरमा गांव में जय मां महामाया युवा प्रभाग के तत्वाधान में ग्राम के समस्त नागरिकों के सहयोग से ग्राम के कुलदेवी इष्ट देवी महामाया के भव्य मंदिर के निर्माण का भूमि पूजन 25 नवंबर को जय मां महामाया युवा प्रभाग के तत्त्वाधान में संपन्न हुआ।

इस मंदिर के भूमि पूजन में ग्राम के बैगा मंशाराम निषाद मुख्य रूप से बिल्हा पत्थरखाम से पहुंचे पुजारी रूप दुर्गेश जगत, पुरैना से मनसुख नेताम, ग्राम के बंसीलाल मरकाम , देवसिंह निषाद, शत्रुघन यदु, नरेश मरई, जय मां महामाया युवा प्रभाग के संस्थापक दौलत छेदैहा, सचिव गोपाल निषाद, कार्यकारिणी अध्यक्ष परस मनहरे, अध्यक्ष छबिराम पाल, उपाध्यक्ष अशोक अनन्त, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश पाल, सह कोषाध्यक्ष हरीपाल सहसचिव पारसमणी बंजारे, ओम प्रकाश विश्वकर्मा, धनेश्वर मनहरे, आलोक मनहरे, परस ध्रुव, गजानंद ध्रुव, रवि ध्रुव, भावसिंग यादव, विष्णु यादव, ईश्वर पाल, कौशल मनहरे, अजय कोसले, धनेश पाल, मुख्य रूप से उपस्थित थे। मंदिर निर्माण के लिए ग्रामीणों द्वारा सहयोग के रूप में किसी ने सीमेंट दिया तो किसी ने अन्य समाग्री।

ग्राम के अशोक अनंत द्वारा 40 बोरी सीमेंट, देउक यादव द्वारा 10 बोरी सीमेंट, बिंदा प्रसाद जी द्वारा अपना सेंट्रिंग सामान एवं मिस्त्री मुफ्त में दिया जाएगा। इसी कड़ी में हर एक व्यक्ति द्वारा अलग-अलग प्रकार के सहयोग से इस भव्य मंदिर का निर्माण संपन्न होगा।

ग्रामीणों में मंदिर निर्माण को लेकर उत्साह है और एकता की भावना झलक रही है, जिसमें युवा लोग बढ़ चढक़र हिस्सा ले रहे हैं। यह मंदिर निर्माण आने वाले पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा भरी संदेश देगा कि किस प्रकार से माता के मंदिर के निर्माण के लिए एक-एक ईंट दान में मांग कर ग्रामीणों द्वारा बनवाया गया था। उपसरपंच मिठ्ठू लाल पाल, चिंताराम पाल विशेष पाल, फिरंताराम पाल, मदन निषाद, सुधेराम ध्रुव, भारत ध्रुव बीरसिंग, ध्रुव, नाथूराम यदु, वेदराम यदु, जय मां महामाया युवा प्रभाग के समस्त सदस्य, महिला समूह के समस्त सदस्य, गड़रिया समाज, यदु समाज, यादव समाज, केंवट समाज गोंड समाज, सतनामी समाज एवं गांव में निवासरत समस्त समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मंदिर निर्माण के लिए प्रारंभ हो गया है। आस्था के विषय में लोगों में एकता एवं जागरूकता देखने को मिला जो कि अपने संस्कृति के प्रति जागरुक एवं संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है।


अन्य पोस्ट