बलौदा बाजार

बीएमओ, डॉक्टर सहित स्वा. कर्मचारी बने निक्ष्य मित्र, दिया पोषण में सहयोग
30-Sep-2024 5:32 PM
बीएमओ, डॉक्टर सहित स्वा. कर्मचारी बने निक्ष्य मित्र, दिया पोषण में सहयोग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 30 सितंबर। 
देशभर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान टीबी रोग के उन्मूलन हेतु जारी है। अभियान के तहत टीबी रोग का उन्मूलन किया जा रहा है जिसमें टीबी मुक्त पंचायत बनाई जानी है इसके साथ ही साथ अभियान में जन समुदाय को जोडऩे और उनसे सहयोग लेने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से निक्ष्य मित्र बनने का आव्हान किया है।

कलेक्टर दीपक सोनी ने के अपील पर जिले के अधिकारियों कर्मचारियों, व्यवसायियों,जन प्रतिनिधियों को निक्ष्य मित्र बन अपनी सामाजिक जि़म्मेदारियों के निर्वहन की अपील करते हुए इस नेक काम में सभी से सहयोग माँगा है। निक्ष्य मित्र बन कर समुदाय के जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, अधिकारी,उद्योग प्रतिष्ठान,गैर सरकारी संगठन,व्यापारी आदि मरीजों को सांकेतिक रूप से गोद लेकर प्रोटीन आहार के रूप में पोषण सहयोग करते हैं। यह सहयोग उनके अपने निजी व्यय से होता है। 

इसी कड़ी में विकासखण्ड भाटापारा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी के प्रोत्साहन से डॉक्टर सहित कई स्वास्थ्य कर्मचारियों ने निक्ष्य मित्र बन कर टीबी के मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान किया । पोषण सहयोग किट में मुख्यत: प्रोटीन युक्त सामग्री दी गई। बीएमओ राजेन्द्र माहेश्वरी सहित ब्लॉक से आज 14 लोग निक्ष्य मित्र बने जो हैं डॉ. अशोक तिवारी,डॉ सुषमा माहेश्वरी,डॉ सौरभ वर्मा ,डॉ विनीता खूबचंदानी ,डॉ अरुण एक्का,डॉ रवि शंकर दीक्षित ,संध्या दीवान,सुमति झंवर,संतोष साहू, आलोक तिवारी ,जेपी दुबे ,दिनेश डांडे तथा कौशल प्रसाद। बीएमओ के अनुसार अगले कुछ दिनों में और स्टाफ भी निक्ष्य मित्र बनेंगे।

गौरतलब है कि कलेक्टर श्री सोनी के प्रयास से जिले के विविध विभागों के चौबीस अधिकारियों को भी निक्ष्य मित्र बनाया गया है और जिला रेड क्रॉस सोसायटी को भी सम्मिलित किया गया है । इससे पूर्व कसडोल में मितानिनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी मरीजों को गोद ले पोषण सहायता दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के अनुसार टीबी हवा के माध्यम से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो उपचार न मिलने की दशा में जानलेवा हो जाता है । दो हफ्ते से अधिक की खांसी, शाम को हल्का बुखार, छाती में दर्द, वजन में कमी, बलगम का आना ,बच्चों में वजन का न बढऩा यह कुछ ऐसे लक्षण है जो टीबी को प्रकट करते हैं ।

टीबी का जांच और इलाज सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है । 6 महीने का डॉटस का कोर्स कर टीबी का मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है । इलाज न करवाने पर यही संक्रमित व्यक्ति एक साल में 10-12 स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर देता है । वर्तमान में बलौदा बाज़ार जिले में जनवरी से लेकर अब तक  897 टीबी के मरीज दवाई खा रहे हैं। जिसमें बलौदा बाजार में 256,पलारी में 190,कसडोल में 157,सिमगा में 131 तथा भाटापारा में 163 मरीज सम्मिलित हैं। इनमें से मार्च तक के मरीजों की दवाई खत्म भी हो चुकी है। भाटापारा में इस अवसर पर अरविंद वर्मा,मदन विश्वकर्मा, रामेश्वर सिंग नेताम,एफ एल साहू ने टीबी मरीजों को अपनी देखभाल,समय पर जाँच और इलाज के संबंध अन्य आवश्यक जानकारी भी दी गई।

 


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