बलौदा बाजार

पैरालीगल वालंटियर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम
15-Jan-2026 4:14 PM
पैरालीगल वालंटियर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 15 जनवरी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार द्वारा स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत शह्म्द्बद्गठ्ठह्लड्डह्लद्बशठ्ठ- द्बठ्ठस्रह्वष्ह्लद्बशठ्ठ- ह्म्द्गद्घह्म्द्गह्यद्धद्गह्म् ष्शह्वह्म्ह्यद्गह्य द्घशह्म् क्करुङ्क ह्लह्म्ड्डद्बठ्ठद्बठ्ठद्द ह्यष्द्धद्गद्वद्ग का आयोजन किया जिला न्यायालय परिसर में किया गया।

सचिव के द्वारा यह बताया गया कि प्रत्येक माह उनके द्वारा पैरालीगल वालंटियर को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य और कानूनी संस्थाओं के बीच सेतु के रूप में कार्य करना है जिससे न्याय तक पहुंचने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके। आमलोगो को मुक्त कानूनी राहायता के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें संबंधित जिला विधिक सेवा समिति से जोडा जा सके। पैरालीगल वालिंटियर को उनके कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए विभिन्न कानूनी विषयों और सरकारी योजनाओं के बारे में प्रशिक्षित किया जाता है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के मूल सिद्धांतों की जानकारी, नालसा की विभिन्न योजनाए जिसमें पीडितों के लिए विशिष्ट योजनाओं जैसे बाल विवाह निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, बाल श्रम, नशा मुक्ति और तस्करी, पीडितों से संबंधित कानूनी सेवा योजनाओं की विस्तृत जानकारी। विवादों का निपटारा जिसमें लोक अदालत, सुलह और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के शीघ्र एवं कम खर्चीले समाधान के बारे में जागरूकता फैलाना, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पात्र व्यक्तियों तक लाभ पहुंचाने में सहायता करना, की जानकारी प्रशिक्षण में दी जाती है।

 13 जनवरी को पैरालीगल वालिंटियर को विशेष प्रशिक्षण गिर्जेश प्रताप सिंग, अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) बलौदाबाजार एवं प्रशांत भास्कर, प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड बलौदाबाजार के द्वारा दिया गया जिसमें न्यायाधीश गिर्जेश प्रताप सिंग के द्वारा पॉक्सो अधिनियम के विषय में पैरालीगल वालिंटियर को प्रशिक्षित किया गया और साथ ही उनके द्वारा यह बताया गया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत थाने में प्रकरण आने से लेकर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत होने एवं प्रकरण के अंतिम निराकरण तक की क्या प्रक्रिया है? और पॉक्सो की मामले की जांच में क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिये और पीडित व्यक्ति को किस प्रकार की कानूनी सहायता और शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान करने में उनके द्वारा सहायता प्रदान किया जा सकता है। विशेष रूप से उनके द्वारा यह बताया गया कि इस बात का प्रचार प्रसार करें कि नाबालिग की सहमति कोई मायने नहीं रखती है यदि कोई किसी नाबालिग से विवाह करता है या उसका लैगिक उत्पीडन करता है तो वह इसका बचाव नहीं ले सकता है कि नाबालिग ने सहमति दी थी। घटना प्रमाणित होने पर यह व्यक्ति दंड का भागी होगा। इसी प्रकार प्रशांत भास्कर, प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय बोर्ड बलौदाबाजार के द्वारा किशोर न्यायालय में आने वाले प्रकरणों की जांच के संबंध में पैरालीगल वालिंटियर को प्रशिक्षित किया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत किस प्रकार के मामलों के अंर्तगत प्रथम सूचना दर्ज होगी और किस प्रकार के मामलों में नहीं होगी। किशोर को क्या क्या विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

 किशोर को समाज के मुख्य धारा से जोडने का कार्य किस प्रकार किया जाना है जिसमें पैरालीगल वालिंटियर्स की अहम भूमिका है।

सचिव के द्वारा यह बताया गया है पैरालीगल वालिंटियर के प्रशिक्षण और उनके द्वारा किये गये प्रवार प्रसार से जनसामान्य को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कियाकलापों की जानकारी प्राप्त हो रही है।


अन्य पोस्ट