बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 15 जनवरी। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के अंतर्गत ई केवाईसी अनिवार्यता अब आम जनता के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। ई पास मशीनों पर बच्चों और बुजुर्गों के पिंगल प्रिंट मैच नहीं होने से ई केवाईसी पूरी नहीं हो पा रही।
विकल्प के तौर पर मोबाइल ऐप से फेस की केवाईसी करने के निर्देश दिए गए लेकिन सर्वर डाउन होने की समस्या ने इस प्रक्रिया को भी ठप कर दिया हैं। नतीजा बड़ी संख्या में राशन कार्ड धारी पीडीएस दुकानों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन दो-तीन स्टेप के बाद प्रक्रिया अटक जा रही हैं। करीब 13 फीसदी लोगों की ई केवाईसी नहीं हुई हैं। उनकी वास्तविकता संख्या 1 लाख 69 हजार 553 बताई गई हैं। इनमें 44 हजार तो 5 साल के बच्चे भी हैं। स्थिति यह है कि इस माह भी हजारों हितग्राहियों को राशन से वंचित होना पड़ सकता हैं।
दिसंबर में भी अधूरी ही केवाईसी के कारण बड़ी संख्या में कार्ड धारी के राशन में कटौती की गई थी। अब जनवरी में भी वही संकट सामने खड़ा हैं। खाद विभाग का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार ही केवाईसी अनिवार्य है तभी राशन कार्ड में पूरा आवंटन जारी किया जाएगा। समस्या यह है कि जहां एपीएल कार्ड धारी बड़ी संख्या में ई केवाईसी करने नहीं पहुंच रहे वहीं बीपीएल कार्ड धारी सर्वर और तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
पीडीएस संचालकों का कहना है कि सर्वर डाउन होने से ही ई पास मशीन बेहद धीमी चल रही हैं। कई बार नेटवर्क आने जाने से फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन सफल असफल हो जाता हैं। इसके चलते ई केवाईसी पूरी नहीं हो पाती और राशन कार्ड में आवंटन या तो रुक जाता है या सदस्यों की संख्या घटने से कम राशन मिलता हैं। माता-पिता और एक बच्चे वाले परिवार को पहले 35 किलो तक राशन मिलता था। लेकिन बच्चे की संख्या ई केवाईसी नहीं होने पर आप दो के लिए 20 किलो राशन मिला
बुजुर्गों और बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग दंपतियों को हो रही कई ऐसे बुजुर्ग हैं जिनके पास ना स्मार्टफोन है ना ही मोबाइल ऐप चलाने का ज्ञान वे ना तो फेस ई केवाईसी कर पा रहे हैं और ना ही फिंगरप्रिंट मशीन पर सत्यापन सफल हो रहा हैं। पहले दो सदस्यों को 20 किलो राशन मिलता था लेकिन किसी एक की ई केवाईसी लंबित होने पर अब केवल 10 किलो राशन ही मिल रहा हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश पीडीएस दुकानों में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के पास भी इस तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान नहीं हैं।
जिला खाद्य अधिकारी पुनीत कुमार वर्मा के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 83 हजार राशन कार्ड हैं इनमें कुल सदस्यों की संख्या 13 लाख 10 हजार 273 हैं। अब तक 11 लाख 40 हजार 720 लोगों की ई केवाईसी सत्यापित हो चुकी हैं जो लगभग 87 फीसदी हैं। 5 वर्ष तक के बच्चों की ई केवाईसी लंबित संख्या 44 हजार 351 हैं। वास्तविक लंबित ई केवाईसी की संख्या करीब 1 लाख 69 हजार 553 बताई गई हैं।


