बलौदा बाजार

झमाझम बारिश से बिजली की खपत घटी, डिमांड घटकर 4700 मेगावाट तक पहुंची
28-Jul-2024 1:59 PM
झमाझम बारिश से बिजली की खपत घटी, डिमांड घटकर 4700 मेगावाट तक पहुंची

बलौदाबाजार, 28 जुलाई। मानसून में मौसम की बेरुखी के कारण बिजली की खपत में जो गर्मी आई थी, उस पर सावन आते ही बारिश होने से पानी फिर गया है। जो खपत 5800 मेगावाट तक जा रही थी, वह घटकर अब 4200 मेगावाट हो गई है। 

यहां तक उत्पादन का सवाल है तो छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी के संयंत्रों में महज 900 मेगावाट के आसपास उत्पादन हो रहा है। 210 मेगावाट के दो यूनिट खराबी के कारण अब तक बंद हैं ऐसे में बिजली की आपूर्ति करने के लिए सेंट्रल सेक्टर से रोज 25 से 2700 मेगावाट तक बिजली लेना पड़ रहा है। 

मानसून के मौसम में दो दिन पहले तक ठीक से बारिश नहीं होने का बड़ा असर बिजली की खपत पर दिख रहा था, ऐसे में उमस के कारण गर्मी में ऐसी और कुलर लगातार चलने के कारण खपत का ग्राफ बढ़ गया था। कुलरों पर ही रोज की खपत हजार से 1200 मेगावाट हो जाती है। इसी के साथ इस समय बारिश नहीं होने के कारण खेती किसानी के लिए पानी की जरूरत होने पर प्रदेश भर के करीब छह लाख कृषि पंप भी लगातार चल रहे थे। कृषि पंपों पर भी रोज की खपत 7 से 800 मेगावाट है। ऐसे में मानसून के समय जो खपत चार हजार से कम होनी चाहिए वह 6000 के करीब पहुंच गई थी बीते साल तो बारिश नहीं होने के कारण खपत 6000 मेगावाट के पार जा चुकी है।

इस बार भी खपत के 6000 मेगावाट के पर जाने की संभावना है। लेकिन इस समय खपत के आते ही बारिश होने के कारण फिलहाल खपत कम हो गई है। अब खपत 4700 मेगावाट और सामान्य समय में खपत 4200 से 4500 मेगावाट तक जा रही है।
 


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