बलौदा बाजार

सेक्स रैकेट: 110 दिन बाद भी 2 आरोपी अब तक पकड़ से बाहर
20-Jul-2024 8:12 PM
सेक्स रैकेट: 110 दिन बाद भी 2 आरोपी अब तक पकड़ से बाहर

8 आरोपियों में 6 की गिरफ्तारी, जमानत पर छूटे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 20 जुलाई। सेक्स रैकेट में ब्लैकमेलिंग कर लाखों रुपए की वसूली के प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के 110 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले के मुख्य दो आरोपी को पकड़ नहीं पाई है, जबकि फरार मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया था।

आरोपी शिरीष पांडे, आशीष शुक्ला को पुलिस फरार बता रही है। सूत्रों की माने तो मास्टरमाइंड शिरीष पांडे की गिरफ्तारी व उसके बयान कुछ लोगों को बड़ी परेशानी में डाल सकते हैं। मामले में 8 आरोपियों में से जो 6 गिरफ्तार किए गए थे, वे भी जमानत पर छूट चुके हैं। इधर, फिर इसी तरह की घटनाएं सामने आने लगी है।

 मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर ने कहा कि हनी ट्रैपिंग के फरार और आरोपियों को पकडऩे में तत्परता दिखाई होती तो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होते, इन्हीं आरोपियों के बयानों के आधार पर और कई अपराधियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यह पुलिस की नाकामी नहीं, यह अपनों को बचाने का खेल है।

लोकसभा चुनाव के आते ही शिथिल हो गया मामला

ज्ञात हो कि सेक्स रैकेट गिरोह द्वारा बहुत ही सुनिश्चित तरीके से बलौदाबाजार शहर और आसपास के धनाढ्य लोगों को महिला संबंधित अपराध में फंसने एवं लोकलाज का भय दिखा कर लाखों रुपए की मोटी रकम वसूली की जाती थी। मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने मामले की तह तक गई तो प्रकरण की परतें खोलती गई और नगर के नेताओं,दलालों,  बिचौलियों, मीडिया कर्मी यहां तक कि पुलिसकर्मियों की भूमिका भी स्पष्ट रूप से सामने आई, मगर लोकसभा चुनाव के चलते पूरी कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

पुलिस कर्मियों की संलिप्त सामने आई तो कार्रवाई नहीं

जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई, उन पर कोई आंच भी नहीं आयी, जबकि तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने स्वयं इसकी जानकारी दी थी, कि इस मामले में एक-दो पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आई है। कहा था कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी व उनके बयानों के आधार पर ही पुलिस कर्मियों या अन्य पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

फरार आरोपी जल्द पकडं़ेगे-एएसपी

 इसके संबंध में एएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि 10 जून को हुई हिंसा के कारण मामले की जांच प्रभावित हुई है, मगर अब फिर से इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करेंगे। हनी टै्रपिंग के फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


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