राष्ट्रीय

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Date : 22-Jul-2019

हापुड़, 22 जुलाई । यूपी के हापुड़ में मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर रविवार रात एक मिनी ट्रक तथा पिकअप की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में पिकअप के परखच्चे उड़ गए तथा उसमें सवार आठ बच्चों समेत नौ की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हैं। बताया गया है कि अधिकतर लोग एक ही खानदान के हैं। आरोपी चालक मिनी ट्रक लेकर फरार हो गया।  कुछ लोग शादी समारोह शामिल होने के बाद पिकअप से लौट रहे थे। विपरीत दिशा से तेज गति से आ रहे मिनी ट्रक ने पिकअप में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बीच में फट गई और उसमें सवार करीब 20 बच्चे और लोग हाईवे पर बिखर गए। 
टक्कर मारने के बाद चालक मिनी ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायलों को नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां पर आठ बच्चों समेत नौ को मृत घोषित कर दिया गया।
 मरने वालों की उम्र 8 से लेकर 14 साल से कम बताई जा रही है। (लाइव हिंदुस्तान)

 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दूसरा मून मिशन चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे देश के सबसे ताकतवर बाहुबली रॉकेट जीएसएलवी-एमके3 से लॉन्च किया गया। अब चांद के दक्षिणी धु्रव तक पहुंचने के लिए चंद्रयान-2 की 48 दिन की यात्रा शुरू हो गई है। करीब 16.23 मिनट बाद चंद्रयान-2 पृथ्वी से करीब 182 किमी की ऊंचाई पर जीएसएलवी-एमके3 रॉकेट से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगाना शुरू करेगा।
चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान 22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। इसके बाद 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा। 19 अगस्त को ही यह चांद की कक्षा में पहुंचेगा। इसके बाद 13 दिन यानी 31 अगस्त तक वह चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। फिर 1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की तरफ यात्रा शुरू करेगा।
5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। लैंडिंग के करीब 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर विभिन्न प्रयोग करने के लिए उतरेगा।
अगर 15 जुलाई को चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक लॉन्च होता तो वह 6 सितंबर को चांद के दक्षिणी धु्रव पर लैंड करता। लेकिन आज की लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-2 को चांद पर पहुंचने में 48 दिन ही लगेंगे। यानी चंद्रयान-2 चांद पर 6 सितंबर को ही पहुंचेगा। 
इसरो वैज्ञानिक इसके लिए चंद्रयान-2 को पृथ्वी के चारों तरफ लगने वाले चक्कर में कटौती होगी। संभवत: अब चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ 5 के बजाय 4 चक्कर ही लगाए। (आजतक)

 

 


Date : 22-Jul-2019

किरावली आगरा, 22 जुलाई । उत्तर प्रदेश के गांव में प्रेमिका से अलगाव के बाद एक युवक अवसाद में आ गया। युवक ने गुरुवार को दोस्तों के सामने ऐलान किया कि शनिवार को जान दे देगा। शनिवार तडक़े गांव में बने मंदिर के घंटों से फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह महिलाएं पूजा करने मंदिर पहुंचीं, तो मंदिर में फंदे पर युवक का शव झूलता देख उनकी चीख निकल गई। खबर पाकर पूरा गांव और पुलिस भी पहुंच गई। शव के पास चार सुसाइड नोट मिले। ये सुसाइड नोट युवक ने भगवान, अपने भाई और दोस्तों के नाम लिखे हैं। 

इनमें सबसे माफी मांगते हुए उसने मां का ख्याल रखने का वादा भी मांगा है। साथ ही यह भी लिखा है कि जो गलती उसने की है, उसकी सजा उसे ही मिलनी चाहिए।  
जानकारी होने पर युवक के परिवार में कोहराम मच गया। श्याम के परिजन और पूरे गांव के लोग मंदिर पर पहुंच गए। चीख-पुकार मच गई। तलाशी में शव के पास से पुलिस को चार सुसाइड नोट मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। (लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 22-Jul-2019

श्रीनगर, 22 जुलाई। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को कहा कि आतंकियों को हत्या ही करनी है, तो वे निर्दोष लोगों के बजाए कश्मीर को लूटने वाले भ्रष्ट लोगों की हत्या क्यों नहीं करते हैं। कारगिल में आयोजित कारगिल-लद्दाख पर्यटन महोत्सव-2019 का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने कहा, ‘आप (आतंकियों) एसपीओ और पीएसओ समेत निर्दोष लोगों की हत्या क्यों करते हो? आपको इससे क्या लाभ मिलेगा?’

उन्होंने आगे कहा, ‘अगर आपको हत्या ही करनी है तो आप देश और कश्मीर को लंबे समय से लूटने वाले भ्रष्टाचारियों की हत्या क्यों नहीं करते?’
मलिक ने कहा कि आतंकियों में भारत सरकार की शक्ति को समाप्त करने की ताकत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘आपका संघर्ष बेकार है। आप बेकार में अपनी जानें गंवा रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि इस समय 125 विदेशी आतंकी समेत 250 आतंकी मौजूद हैं। मुठभेड़ों में विदेशी आतंकियों को मारने में दो दिन का समय लगता है जबकि स्थानीय आतंकियों को सिर्फ दो घंटे का वक्त लगता है। एलटीटीई कभी दुनिया में सबसे ताकतवर आतंकी संगठन था। आज वह कहां है?’
उन्होंने कश्मीरी में जमीनी हालात बदलने को लेकर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि लोग अब शांति की बात करते हैं।
मलिक ने गृहमंत्री अमित शाह के घाटी के हालिया दौरे का जिक्र करते हुए कहा, ‘पिछले 30 साल में पहली बार देश के गृहमंत्री के कश्मीर के दौरे के समय कोई घटना नहीं हुई।’
बवाल के बाद सफाई
नई दिल्ली, 22 (एनएनआई)। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्मीर में भ्रष्टाचार और आतंकवादियों से सुरक्षाबलों के स्थान पर राज्य और देश को लूटने वालों को मार गिराने के लिए कहने वाले बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि मैंने जो कुछ भी कहा, वह यहां लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से आई हताशा और गुस्से में कहा था। राज्यपाल के रूप में मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मेरी निजी सोच वही है, जो मैंने कहा कि बहुत से राजनेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।
राज्यपाल की इस टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं जम्मू कश्मीर नेशनल कांफे्रंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मलिक को दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा की पड़ताल करनी चाहिए।
अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, यह शख्स जो जाहिर तौर पर एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर काबिज है और वह आतंकवादियों को भ्रष्ट समझे जाने वाले नेताओं की हत्या के लिये कह रहा है। बाद में, नेकां नेता ने कहा, इस ट्वीट को सहेज लें - आज के बाद जम्मू-कश्मीर में मारे गये किसी भी मुख्यधारा के नेता या सेवारत/सेवानिवृत्त नौकरशाह की अगर हत्या होती है तो समझा जायेगा कि यह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आदेशों पर की गयी है।
राज्य कांग्रेस प्रमुख जी ए मीर से पूछा, क्या वह जंगल राज को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि मलिक जिस संवैधानिक पद पर हैं, उनका यह बयान उसकी गरिमा के खिलाफ है। हालांकि राज्यपाल ने फौरन यह भी कहा कि हथियार उठाना कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता और उन्होंने श्रीलंका में लिट्टे का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, भारत सरकार कभी हथियार के आगे घुटने नहीं टेकेगी। उन्होंने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता नहीं अपनाने को कहा। उन्होंने मुख्यधारा के नेताओं पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता दिल्ली में अलग भाषा बोलते हैं और कश्मीर में कुछ और बोलते हैं।  (आईएएनएस)

 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । कर्नाटक में राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों के उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की बात कही थी। निर्दलीय विधायकों की तरफ से मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस से मामले पर सोमवार को ही सुनवाई का अनुरोध किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट में जानबूझकर देरी की जा रही है। 
कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायक शंकर और नागेश भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने याचिका दाखिल कर कर्नाटक में जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की बात कही है। निर्दलीय विधायकों द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में है इसके बावजूद भी फ्लोर टेस्ट नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में कोर्ट को चाहिए कि इस मामले की सोमवार को सुनवाई करते हुए शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दे। 
सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों की इस अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका पर आज सुनवाई संभव नहीं है। चीज जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई होगी या नहीं होगी इसे बाद में देखेंगे। 
गौरतलब है कि कर्नाटक में राजनीतिक संकट के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा बयान दिया था। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को कहा कि उनका एकमात्र विधायक सरकार के पक्ष में वोट देगा। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट में कहा था कि कर्नाटक में बसपा के एकमात्र विधायक एन। महेश को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में वोट करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में सत्तापक्ष के विधायकों के इस्तीफे की वजह से उत्पन्न संकट के बीच कर्नाटक की कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार का भविष्य सोमवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण से तय होने की संभावना है।
सोमवार को पडऩे वाले वोट से पहले बीजेपी प्रमुख बी एस येदुरप्पा ने कहा था कि सोमवार कुमारास्वामी सरकार का आखरी दिन साबित होगा। दरअसल सरकार से समर्थन वापिस लेने वाले दो निर्दलिय विधायकों - आर शंकर और एच नागेश ने सुप्रीम कोर्ट में अरज़ी डाल कर जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। 
वहीं इससे पहले कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को शुक्रवार दोपहर तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहे जाने के बीच प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने इस गठबंधन सरकार के गिर जाने का अनुमान व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ विचार विमर्श करने के बाद भावी कार्यक्रम तय करेगी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को शुक्रवार डेढ़ बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा था।
बीएस येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा, खासकर आज कांग्रेस जद (एस) सरकार के कुशासन का अंत हो जाएगा। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अपना विदाई भाषण देंगे, हम उसे (भाषण को) ध्यान से सुनेंगे। उन्होंने कहा, सदन की आज की कार्यवाही के नतीजे के आधार पर हम अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से चर्चा करेंगे और भावी कार्यक्रम तय करेंगे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार कर्नाटक में बीजेपी के लिए अच्छा दिन होगा। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि ईश्वर की कृपा से सब कुछ अच्छा होगा।
विपक्ष के नेता येदियुरप्पा विश्वास मत में देरी के विरोध में अपने पार्टी विधायकों के साथ पूरी रात सदन में ठहरे रहे। सत्तारूढ़ गठबंधन और विधानसभा अध्यक्ष पर समय निर्धारित होने के बावजूद विश्वास मत में देरी की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी नेता ने कहा था कि उन्होंने गुरुवार को हमें उकसाने का प्रयत्न किया लेकिन हम चुप्प रहे, हम शुक्रवार को भी ऐसा ही करेंगे। (एनडीटीवी)

 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई। नागरिक समाज के संगठनों के एक समूह, झारखंड जनाधिकार महासभा ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य में हाल ही में जिन जजों का प्रमोशन किया गया है, उनमें एक भी आदिवासी जज नहीं है।
महासभा ने अतिरिक्त जिला जजों के प्रमोशन की एक सूची जारी की है, जिससे साफ है कि जिन 51 जूनियर जजों का प्रमोशन किया गया है उनमें एक भी आदिवासी नहीं है और अधिकतर जज ऊंची जातियों के हैं।
इस संगठन से जुड़ी एक वकील ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि राज्य की न्यायपालिका में आदिवासियों का प्रतिनिधित्व बहुत खराब है। यह झारखंड जैसे राज्य की बहुत ही गंभीर समस्या है। झारखंड की स्थापना ही आदिवासियों को उनकी पहचान और हक देने के लिए की गई थी।
कार्यकर्ता एलिना होरो ने कहा, ‘न्यायपालिका में चार स्तरीय संरचना है। एक बार आपकी नियुक्ति होने पर आप न्यायिक मजिस्ट्रेट या जूनियर डिविजन स्तर के जज के तौर पर काम शुरू करते हैं। इसके बाद प्रमोशन के बाद आप वरिष्ठ स्तर के जज के तौर पर काम करते हैं और इसके बाद अतिरिक्त जिला जज और अंत में जिला जज बनते हैं। झारखंड में मौजूदा न्यायिक व्यवस्था ऐसी है कि आपको वरिष्ठ स्तर पर और उससे ऊपर मुश्किल से ही कोई आदिवासी जज मिले।’
यह दर्शाता है कि झारखंड की सरकार न्यायपालिका में आदिवासियों के प्रतिनिधित्व को लेकर किस तरह उदासीन बनी हुई है।
उन्होंने कहा, ‘कुछ अपवादों को छोड़ दें तो राज्य में आदिवासी मामलों, उनकी परंपराओं और प्रथाओं को समझने वाले जजों की कमी है और इस जानकारी की कमी उनके फैसलों से झलकती है।’
हालांकि, महासभा वरिष्ठ स्तर की न्यायपालिका में आदिवासियों का प्रतिनिधित्व नहीं होने को लेकर आलोचना कर रही है लेकिन हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अंबुज नाथ की राय इससे अलग है।
उन्होंने द वायर को बताया, ‘नियमों और विनियमों को ध्यान में रखते हुए प्रमोशन किए गए हैं। सभी 51 जजों को उनकी योग्यता के आधार पर साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। जूनियर स्तर पर कई आदिवासी जज हैं लेकिन उनमें से कोई भी अतिरिक्त जिला जज के पद के लिए प्रमोशन के मापदंडों को पूरा नहीं कर पाया। हमने नियमों के अनुरूप ही सारी प्रक्रियाओं का पालन किया।’
अंबुज नाथ ने कहा कि अदालतों द्वारा स्थापित किए गए नियमों के अनुसार ही प्रमोशन किए गए। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रत्यक्ष न्यायिक नियुक्तियों के लिए आरक्षण नीति 2007 में लागू हुई थी।
उन्होंने कहा, ‘उससे पहले राज्य में किसी भी स्तर पर कोई आदिवासी जज नहीं था। साल 2007 के बाद इनकी नियुक्तियां की गईं। फिलहाल, ये (आदिवासी) अतिरिक्त जिला जज के पद के लिए योग्यता शर्तों पर खरे नहीं उतरे। अगर भविष्य में इन योग्यता कसौटियों पर ये खरे उतरेंगे तो इनका भी प्रमोशन किया जाएगा।’
अंबुज नाथ ने कहा कि न्यायपालिका में प्रमोशन वरिष्ठता, परफॉर्मेंस जैसे कई कारकों पर आधारित होता है।

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । भाजपा नेता एवं राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा को प्लॉट दिलाने के नाम पर 6 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सांसद का आरोप है कि जमीन दिलाने के नाम पर उनके साथ यह ठगी की गई। सांसद की शिकायत पर कोतवाली फेज तीन की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले में जांच जारी है। थाना फेस-3 के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया, राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा को यमुना एक्सप्रेस वे स्थित अलीगढ़ जनपद केसिमरोठी में जमीन खरीदना था।

इसके लिए पिरामिड फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजीव शंकर तिवारी से 20 नंवबर 2018 को बातचीत हुई। सौदा तय होने पर सांसद ने बीस प्रतिशत एडवांस के रूप में 6 करोड़ 60 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद सांसद के वकीलों ने जब जमीन के बारे में पता किया तो पता चला कि राजीव शंकर तिवारी के पास उस जमीन का मालिकाना हक ही नहीं है।
उन्होंने कहा, सांसद ने राजीव शंकर तिवारी से जब बात की तो उसने दूसरी जगह जमीन दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा, सांसद का आरोप कि राजीव शंकर तिवारी गलत जानकारी देकर उन्हें धोखा दे रहा था। वह आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है और इससे पहले पटना में वह जेल भी जा चुका है।' थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी फरार है उसकी तलाश की जा रही है। (भाषा)

 

 


Date : 22-Jul-2019

यूपी, 22 जुलाई । उत्तर प्रदेश की एक 15 साल की लडक़ी ने दावा किया है कि तीन युवकों ने उनका गैंगरेप किया। पीडि़त लडक़ी ने कहा है कि गैंगरेप की वजह से वह प्रेग्नेंट हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने ही उनका अबॉर्शन करवा दिया।पीडि़ता ने परिजनों के साथ चरखारी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक्शन लेने की बात कही है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीडि़त लडक़ी का कहना है कि गैंगरेप के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीडि़त लडक़ी के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे कहा कि किसी को मामले के बारे में बताया तो जान मार देंगे। उनके परिवार वालों को भी चेतावनी दी गई थी। 
पीडि़ता और उनका परिवार न्याय की गुहार लगाता घूम रहा है। एसपी स्वामीनाथ ने कहा कि चरखारी कोतवाली के एक गांव में रहने वाली किशोरी ने गांव के ही कुछ युवकों के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दी थी। पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।(आजतक)


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । ओडिशा के कालाहांडी जिले में एक आश्रयगृह के अधीक्षक द्वारा एचआईवी संक्रमित नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण की खबरों की अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने यह जानकारी दी।  स्थानीय समाचार चैनलों द्वारा आठ वर्षीय एचआईवी संक्रमित लडक़ी के कथित यौन शोषण की खबर दिये जाने के बाद कालाहांडी जिला प्रशासन, पुलिस, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और कालाहांडी की जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) ने जांच शुरू कर दी है। उक्त लडक़ी केंद्र में रहती थीय बोलंगिर की रहने वाली लडक़ी की मां ने आरोप लगाया कि आश्रयगृह अधीक्षक सरोज दास द्वारा उनकी बेटी और अन्य लड़कियों का यौन शोषण किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके बाद उसे अपनी बेटी को घर वापस लाने के लिए मजबूर किया गया। दास को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। दास ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। 

उन्होंने भी इस मामले की गहन जांच की मांग की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच के तहत, वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्रयगृह का औचक निरीक्षण किया और दस्तावेजों का सत्यापन किया और कर्मचारियों तथा लड़कियों से बातचीत की। बोलंगिर की कथित पीडि़ता अगस्त 2016 से सीडब्ल्यूसी और डीसीपीयू, बोलंगिर की सिफारिश पर आश्रयगृह में थी। हालांकि, 25 मार्च को उसकी मां यह कहते हुए उसे वापस ले गई कि वह अब अपनी बेटी की देखभाल करने में सक्षम है। सीडब्ल्यूसी के एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि उस समय सीडब्ल्यूसी के समक्ष उसकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई थी। कालाहांडी के सीडब्ल्यूसी ने भी बोलंगिर में अपने समकक्ष से इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।
भवानी पटना शहर पुलिस ने सरोज दास को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। भवानी पटना पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्य नंदा ने कहा कि जांच के तहत बोलंगिर से लडक़ी और उसकी मां को लाने के लिए एक पुलिस दल भी भेजा गया था। नंदा ने कहा कि हालांकि लडक़ी और उसकी मां ने अभी तक औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करायी है, लेकिन पुलिस ने मीडिया की खबरों के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है। (एनडीटीवी)

 


Date : 22-Jul-2019

भागलपुर, 22 जुलाई । बचपन में बच्ची का जननांग सटा हुआ था। मां-बाप ने डॉक्टर को दिखाने के बजाय किन्नर मान लिया। उसका नाम मनीष रख कर समाज में लडक़ा बताने लगे। करीब 23 साल तक किन्नर की मन:स्थिति से गुजरने के बाद मनीषा को एक ऑपरेशन के बाद वास्तविक पहचान मिली। मनीष अब मनीषा बनकर खुशहाल जिंदगी बिताने की राह पर चल पड़ी है। डॉक्टर के अनुसार वह अब वह मां बन सकती है।
भागलपुर जिले के एक टोले में 23 साल पहले एक बच्ची ने जन्म लिया। जननांग विकसित न होने के कारण घरवालों ने उसे थर्ड जेंडर मानकर उसका नाम मनीष रख दिया। जब वह 13-14 साल की हुई तो उसके नारी अंग विकसित होने लगे। तब भी मनीषा खुद को किन्नर समझ लडक़ों की तरह कपड़े पहनकर जिंदगी गुजारती रही। मां-बाप भी लोकलाज के भय से किसी से चर्चा नहीं करते थे। बकौल मनीषा, वह भी अपने दोस्तों के बीच खुल कर नहीं कह पाती थी और हमेशा सभी से कटी-कटी रहती थी। यही कारण है कि पांचवीं के बाद उसे पढ़ाई छोडऩी पड़ी। 
मनीषा का कहना है कि लड़कियों की तरह संजना-संवरना व कपड़े पहनने की ख्वाहिश अब वह पूरी कर सकेगी। अब वह बेझिझक अपनी जिंदगी गुजार सकेगी। पहले इस डर से वह ऐसा नहीं पाती थी। समाज हर बात में आड़े आता था। मनीषा शादी करेगी लेकिन जल्दबाजी में नहीं।  
बकौल मनीषा, वह अपने तीन भाइयों व चार बहनों में सबसे बड़ी है। इसलिए उसे शहर के खलीफाबाग स्थित एक दुकान में बतौर सेल्स ब्वाय नौकरी करनी पड़ी। उसे मई के आखिरी सप्ताह में पहली बार मासिक धर्म शुरू हुआ तो घबरा गयी और अपनी चिंता से दुकान मालकिन सुशीला नेवटिया को अवगत कराया। सुशीला ने यह बात अपने पति श्याम सुंदर नेवतिया को बतायी। श्याम सुंदर नेवतिया मनीषा को लेकर शहर की महिला चिकित्सक डॉ. सरस्वती पांडेय की क्लीनिक पर गये।
इलाज करने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सरस्वती पांडेय ने बताया कि जब मनीषा (मनीष) को उसके पास इलाज के लिए लाया गया तो उसके स्तन विकसित अवस्था में थे। मासिक धर्म आने से स्पष्ट हो गया था कि वह लडक़ी ही है। जब उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया तो उसमें गर्भाशय विकसित पाया गया। सिर्फ योनि मार्ग सटा हुआ था। फिर ऑपरेशन के जरिये उसे सही आकार दिया गया। अब वह न केवल पूर्ण रूप से लडक़ी है, बल्कि मां भी बन सकती है। डॉ. पांडेय ने इस ऑपरेशन व इलाज के लिए कोई फीस नहीं लिया। अभी वह नियमित रूप से रूटीन जांच के लिए आती है। बकौल डॉ. पांडेय, मनीषा जैसा केस उनकी जिंदगी में तीसरी बार आया है। इसके पूर्व जब वह पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से पीजी (1993-97 बैच) कर रही थी, तब इस तरह के दो मामले उन्होंने हैंडल किये थे।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ। सरस्वती पांडेय ने बताया कि अगर मनीषा को बचपन में ही उसके मां-बाप डॉक्टर को दिखाये होते तो उसे इतने साल तक लडक़ी होने के बावजूद किन्नर की जिंदगी नहीं जीनी पड़ती।(लाइव हिंदुस्तान)

 


Date : 22-Jul-2019

नागपुर, 22 जुलाई । नागपुर में हज्जामों के एक संगठन ने एक व्यक्ति की हजामत नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि उसने बिना पूछे मूंछ काटे जाने पर एक हज्जाम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महाराष्ट्र में नागपुर पुलिस को मंगलवार को किरण ठाकुर (35) ने अपनी शिकायत में कहा कि जब वह कनहन क्षेत्र में एक हज्जाम सुनील लक्ष्णे के पास बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के लिए गये थे तो उसने बिना पूछे ही उनकी मूंछे साफ कर दीं। घर पहुंचने के बाद जब ठाकुर को इसका अहसास हुआ तो उन्होंने लक्ष्णे को फोन किया तो लक्ष्णे ने उन्हें कथित तौर पर धमकाया।  

इस पर उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 507 (आपराधिक डराना धमकाना) के तहत लक्ष्णे के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। घटना के बाद हज्जामों के संगठन नाभिक एकता मंच ने तय किया कि ठाकुर को किसी प्रकार की सेवा मुहैया नहीं कराई जायेगी। संगठन के अध्यक्ष शरद वाटकर ने बताया कि लक्ष्णे के खिलाफ लगे आरोप बेबुनियाद हैं और उसने मूंछों पर उस्तरा फेरने से पहले ग्राहक से इस बारे में पूछा था। उन्होंने कहा कि जब ठाकुर घर से वापस आया तो वह उसी शाम लक्ष्णे की दुकान पर पहुंचा और हंगामा करने लगा। उन्होंने कहा कि ग्राहक के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को संगठन कनहन क्षेत्र में धरने का आयोजन करेगा।(भाषा)

 


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई । दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निगम बोध घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया है। इस मौके पर कई बड़े नेताओं के साथ सैकड़ों की संख्या में लोग वहां मौजूद थे। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर रविवार को कांग्रेस मुख्यालय लाया गया। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और राजधानी को आधुनिक रूप देने वाली वरिष्ठ कांग्रेस नेता का दिल का दौरा पडऩे के बाद यहां एक निजी अस्पताल में शनिवार दोपहर निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को जब निजामुद्दीन स्थित उनके आवास से पार्टी मुख्यालय लाया गया तो उनकी आखिरी झलक पाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की होने लगी। कांच के ताबूत में उनका पार्थिव शरीर लेकर आ रहा ट्रक सड़क पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था क्योंकि सड़क समर्थकों से भरी पड़ी थी जो, जब तक सूरज चांद रहेगा शीलाजी का नाम रहेगा, के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अहमद पटेल और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा कमलनाथ समेत कई शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय में दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, दीक्षित के आवास पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। 
ज्यादातर लोग राष्ट्रीय राजधानी की मुख्यमंत्री के तौर पर 15 साल के उनके कार्यकाल के दौरान दीक्षित से जुड़े रहे थे। दीक्षित की दोस्त एवं दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की पूर्व सदस्य अनास्तासिया गिल ने कहा कि वह कांग्रेस नेता को उनके मजबूत चरित्र और दृढ़ निश्चय के लिए याद रखेंगी। गिल ने कहा, शीला हर किसी को बराबर मानती थीं और यह उनका दृढ़ निश्चय था कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों से लड़ीं।
कांग्रेस कार्यकर्ता विरेंद्र कुमार चौधरी ने चार साल पहले दीक्षित से अपनी मुलाकात को याद किया। चौधरी दिव्यांग हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे दीक्षित ने दिव्यांग लोगों को साइकिलें दीं और साथ ही साल 2008 में एक कॉलेज में उनकी बेटी के दाखिले में मदद की। दीक्षित का पार्थिव शरीर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय भी ले जाया जाएगा। वह अपने निधन से पहले तक प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रहीं। (एनडीटीवी)


Date : 21-Jul-2019

हापुड़, 21 जुलाई । उत्तर प्रदेश बिजली विभाग गलत बिल देने को लेकर बीते कुछ समय से लगातार सूर्खियों में बना हुआ है। ताजा मामला हापुड़ स्थित चामरी गांव का है। बिजली विभाग ने यहां रहने वाले  एक बुजुर्ग को 128 करोड़ रुपये का बिल थमा दिया। खास बात तो यह है कि पीडि़त को जो बिल दिया गया है उसमें महीने में महज दो किलोवाट बिजली इस्तेमाल करने की बात कही गई है। पीडि़त बुजुर्ग इस गलत बिल को ठीक कराने को लेकर बीते कुछ दिनों से बिजली विभाग के चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई भी उसकी मदद नहीं कर रहा। एएनआई से बातचीत में शमीम में ने कहा कि हमारी बात कोई भी नहीं सुन रहा है। हम इतनी बड़ी रकम कहां से जमा करा  सकते हैं। हम जब इस बिल को लेकर शिकायत कराने गए तो हमें कहा गया कि अगर हमनें बिजली बिल नहीं भरा तो हमारा कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। 
शमीम ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि बिजली विभाग ने पूरे शहर का बिल मेरे घर के नाम पर ही जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक मेरे घर का बिल 700 से 800 रुपये के बीच आता था। शमीम में बताया कि मैं अपने घर में सिर्फ सिर्फ एक बल्ब और एक पंखा ही चलाता हूं। अब एक बल्ब और पंखे का बिल इतना कैसे आ सकता है। गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब यूपी बिजली विभाग ने किसी को फर्जी बिल थमाया हो।
इससे पहले इसी साल जनवरी में विभाग ने एक युवक को उसके घर में इस्तेमाल की जा रही बिजली  के लिए 23 करोड़ रुपये का बिल धमा दिया था। खास बात यह है कि यूपी बिजली विभाग ने अपनी बिल में साफ तौर पर लिखा है कि युवक के घर में इस दौरान 178 यूनिट की खपत की गई थी। यह पूरा मामला यूपी के कन्नौज जिले का था। पीडि़त अब्दुल बासित ने इस मामले की शिकायत विभाग को की है। अब्दुल बासित ने कहा था कि मुझे लग रहा है कि बिजली विभाग ने मुझे पूरे उत्तर प्रदेश का बिल थमा दिया है। बासित ने कहा कि अगर मैं पूरी उम्र में भी अपनी कमाई विभाग को देता रहूं तो भी मैं इनता बिल तो मरते दम तक नहीं चुका पाऊंगा।
विभाग ने बासित को 23,67,71,524 रुपये का बिल दिया था। एएनआई से खास बातचीत में बिजली विभाग के इंजीनियर शाहदाब अहमद ने कहा था कि हम जल्द ही इस बिल को सही करके उन्हें देंगे। उन्होंने बताया था कि रीडिंग में आई कुछ गड़बडिय़ों की वजह से इस तरह के बिल जेनरेट हो जाते हैं। हम उनके घर की एक बार फिर रीडिंग चेक करेंगे और उसके आधार पर उन्हें नया बिल दिया जाएगा। 
इससे पहले ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ से भी सामने आया था। जहां बिजली विभाग ने मजदूरी करने वाली एक महिला को उसके एक कमरे के घर के लिए 75 करोड़ रुपये का बिल भेजा था। 
संववाददाता ने जब इसकी शिकायत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पीए कुरियन फिलिप से की थी, तो उन्होंने कहा था कि ऐसा गलती से हो गया है। आप मुझे बीपी नंबर दिलवा दीजिए मैं अभी इसको दुरुस्त करवा देता हूं। पीए साहब इस बिल को तो सुधार लेंगे, मगर बिल देखकर यदि किसी का दिल बैठ गया और जान चली गई तो! कई जगह ऐसी घटना हो चुकी है। यह मामला कोरबा जिले के भैसमा गांव का थी, जहां की रहने वाली सरिता यादव मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन करती थी।
उसके एक छोटे से मकान में दो पंखे चलते थे और दो बल्ब लगे थे। मगर सरिता को एक महीने का बिजली बिल 75,00,00,000 रुपये का मिला तो वह सदमे में आ गई। सरिता ने इस मामले की शिकायत विद्युत विभाग से की थी और बिजली बिल दुरुस्त करने की मांग भी की थी। (एनडीटीवी)


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई । एक जमाना था जब वित्त और बैंकिंग के क्षेत्र पर पुरूषों का एकाधिकार माना जाता था, लेकिन धीरे धीरे महिलाओं की प्रतिभा की खुशबू बिखरने लगी और कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों में उन्हें शीर्ष स्तर की जिम्मेदारियां दी गईं। अंशुला कांत  इस कड़ी में अगला नाम हैं, जिन्हें विश्व बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी नियुक्त किया गया है। भारत के लिए और खास तौर पर देश की महिलाओं के लिए पिछले दिनों गर्व करने का मौका आया, जब विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड माल्पस ने अंशुला की सराहना करते हुए उन्हें बैंकिंग और आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी जोखिम, कोष, वित्त पोषण और नियामकीय अनुपालन एवं परिचालन जैसी नेतृत्व की चुनौतियों से निपटने में माहिर बताया।
उन्होंने अंशुला को विश्व बैंक में एक बड़ा ओहदा दिए जाने का ऐलान करने के साथ बैंकिंग के क्षेत्र में अंशुला के 35 वर्ष के अनुभव से विश्व बैंक की कार्यकुशलता में वृद्धि होने की आशा जताई। बैंकिंग के क्षेत्र में अंशुला को एक अनुभवी और प्रतिष्ठित अधिकारी के तौर पर देखा जाता है। भारतीय स्टेट बैंक में मुख्य वित्त अधिकारी के तौर पर उन्होंने बैंक के 30 अरब डालर के राजस्व और 500 अरब डालर की कुल परिसंपत्ति का कुशल प्रबंधन किया और उनके संचालन में एसबीआई के पूंजीगत आधार में सुधार होने के साथ ही उन्होंने बैंक की दूरगामी स्थिरता पर जोर दिया।
सितंबर 2018 में अंशुला एसबीआई के प्रबंध निदेशक मंडल की सदस्य बनीं। पिछले कुछ वर्ष में उनके काम करने के तरीके और उनकी नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें एसबीआई की आधार स्तंभ के तौर पर देखा जाता है। उनके मार्गदर्शन में बैंक के कामकाज के सुगम संचालन में सहायता मिली। उन्होंने एसबीआई के जोखिम प्रबंधन, अनुपालन के साथ ही फंसे हुए कर्ज के मामलों को कुशलता से निपटाया। एसबीआई में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के दौरान अंशुला ने कई चुनौतियों का सामना किया और उन पर बखूबी पार पायी।
7 सितंबर 1960 को रूड़की में जन्मीं अंशुला कांत ने 1978 में राजधानी के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली स्कूल ऑफ एकोनॉमिक्स से 1981 में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। 1983 में उन्होंने प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर एसबीआई में कदम रखा और कदम दर कदम आगे बढ़ते हुए बैंक के प्रबंध निदेशक पद पर पहुंचीं और बैंक के बोर्ड की सदस्य बनीं। अंशुला को देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ ही बैंकिंग सेवा में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के लिए भी जाना जाता है । उन्होंने अपनी प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी लगन और विश्वास से निभाया और अपने बैंकिंग करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। विश्व बैंक में अहम जिम्मेदारी मिलना अंशुला की उपलब्धियों की उजली श्रृंखला की सबसे चमकदार कड़ी है।  (भाषा)


Date : 21-Jul-2019

गाजियाबाद, 21 जुलाई। चाउमीन खिलाने का लालच देकर एक युवक ने साहिबाबाद मंडी में ले जाकर दो बच्चियों से रेप किया। आरोप मंडी के एक आढ़ती पर है, जो एक बच्ची का दूर का रिश्तेदार है। 9 और 10 साल की दोनों बच्चियों के साथ दरिंदगी के बाद युवक ने चाकू दिखाकर उन्हें धमकाया। 
14 जुलाई को हुई घटना से बच्चियां इतना डर गईं कि उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया। इससे आढ़ती का दुस्साहस बढ़ गया और घटना के दो दिन बाद वह फिर पीडि़त बच्चियों के घर पहुंच गया और दोबारा रेप किया। एक बच्ची की हालत बिगडऩे पर माता-पिता को घटना का पता चला। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
पुलिस ने बताया पीडि़त परिवार साहिबाबाद गांव में एक ही मकान में किराए पर रहते हैं। दोनों बच्चियों की मांएं लोगों के घरों में काम करती हैं। एक बच्ची के पिता साहिबाबाद मंडी में मजदूर हैं और दूसरी के पिता ऑटो चलाते हैं। ऑटो चालक के दूर का रिश्तेदार अशोक यादव मंडी में आढ़ती है। वह अक्सर ऑटो चालक के घर आता-जाता था। 14 जुलाई को पति-पत्नी की गैरमौजूदगी में अशोक घर आया और उनकी 9 साल की बेटी और पड़ोसी की 10 साल की बच्ची को चाउमीन खिलाने का लालच देकर साहिबाबाद मंडी ले गया। आरोप है कि वहां एक कमरे में उसने दोनों से दुष्कर्म किया और चाकू से डराकर चुप रहने को कहा। इसके बाद बच्चियां अपने घर चली गईं। डर के कारण उन्होंने किसी को यह बात नहीं बताई। 
पुलिस ने बताया कि अशोक घटना के अगले दिन 15 जुलाई को ऑटो चालक के घर माहौल भांपने के लिए पहुंचा। उसे सभी का व्यवहार सामान्य लगा। वह समझ गया कि बच्चियों ने यह बात किसी को नहीं बताई है। 16 जुलाई को वह शराब पीकर फिर ऑटो चालक और उसकी पत्नी की गैरमौजूदगी में उनके घर पहुंचा और दोनों बच्चियों से दोबारा दुष्कर्म किया। इस बार ऑटो चालक की बेटी की हालत बिगड़ गई। माता-पिता के घर आने पर बेटी ने उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद दोनों परिवारों ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर 18 जुलाई को अशोक यादव के खिलाफ लिंक रोड थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। 19 जुलाई की रात को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को गाजियाबाद कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। 
ऑटो चालक के पड़ोस में रहने वाला परिवार दलित समुदाय से है। इस कारण आरोपित पर पॉक्सो और दुष्कर्म की धाराओं के अलावा एससी/एसटी ऐक्ट की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। (नवभारत टाईम्स)


Date : 21-Jul-2019

हैदराबाद/कुरनूल, 21 जुलाई । आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक किसान रातोंरात लखपति बन गया। जी हां, खेत में जुताई के दौरान किसान के हाथ एक हीरा लग गया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपये है। गरीब किसान ने इस हीरे को एक स्थानीय व्यापारी को बेच दिया, जिसने इसके बदले उसे 13. 5 लाख रुपये कैश और पांच तोला सोना दिया। हालांकि यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 
जानकारी के मुताबिक कुरनूल जिले के गोलावनेपल्ली निवासी एक किसान खेत में जुताई कर रहा था, जब उसे यह हीरा मिला। हालांकि हीरे के साइज, रंग और वजन के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस बारे में सारी जानकारी जुटा ली जाएगी। 
इस मॉनसून में कुरनूल जिले में यह दूसरी बार है जब किसी के हाथ हीरा लगा है। इससे पहले पिछले महीने 12 जून को एक गड़ेरिए को 8 कैरेट का हीरा मिला था। उसने इस हीरे को 20 लाख रुपये में बेच दिया था। हालांकि इस हीरे की कीमत करीब 50 लाख रुपये थी। 
दरअसल, कुरनूल जिले के कई गांवों में मानसून शुरू होने के साथ हीरे की तलाश काफी तेज हो जाती है। यहां बाहर से भी लोग हीरे की तलाश में आते हैं। इस क्षेत्र को हीरे के बड़े उत्पादन क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। बारिश के समय जब मिट्टी के ऊपरी हिस्से के हट जाने से ये हीरे आसानी से ऊपर आ जाते हैं। (टाईम्स न्यूज)


Date : 21-Jul-2019

श्रीहरिकोटा, 21 जुलाई । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-2 को ले जाने वाले भारी-भरकम रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 का रिहर्सल पूरा कर लिया है। 'बाहुबलीÓ के नाम से चर्चित यह रॉकेट सामान्य तरीके से काम कर रहा है। जीएसएलवी मार्क- 3 रॉकेट से चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को दोपहर 2:43 बजे लॉन्च किया जाएगा। पहले इसे 15 जुलाई को चंद्रयान-2 को लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण इसे टाल दिया गया था। 
रॉकेट में 3.8 टन का चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान है। अपनी उड़ान के लगभग 16 मिनट बाद 375 करोड़ रुपये का जीएसएलवी-मार्क 3 रॉकेट 603 करोड़ रुपये के चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान को पृथ्वी पार्किंग में 170 गुणा 40400 किलोमीटर की कक्षा में रखेगा। धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी लगभग 3 लाख 84 हजार किलोमीटर है। वहां से चंद्रमा के लिए लंबी यात्रा शुरू होगी। चंद्रयान-2 में लैंडर-विक्रम और रोवर-प्रज्ञान चंद्रमा तक जाएंगे। 
जीएसएलवी मार्क-।।। को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में 4 टन श्रेणी के उपग्रहों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। वीइकल में दो ठोस स्ट्रेप ऑन मोटर हैं। इसमें एक कोर तरल बूस्टर है और ऊपर वाले चरण में क्रायोजेनिक है। अब तक इसरो ने 3 जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट भेजे हैं। एक बार जब जीएसएलवी जियो ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंच जाएगा, तब यह चंद्रयान को 170 किमी 20,000 किमी में स्थापित करेगा। इसके बाद चंद्रयान चंद्रमा की कक्षा की ओर बढ़ेगा। 
इसरो के लिए प्रक्षेपणों में तकनीकी समस्याएं आना कोई नई बात नहीं है। इसरो ने इनसे उबर कर भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) के विभिन्न संस्करणों का प्रयोग कर कई उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। जीएसएलवी मार्क-।।। रॉकेट का प्रयोग करते हुए चंद्रमा के लिए भारत के दूसरे मिशन 'चंद्रयान-2Ó का तकनीकी खराबी के चलते प्रक्षेपण टाले जाने से इस भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को शुरुआती झटका जरूर लगा, लेकिन वैज्ञानिकों ने हिम्मत नहीं हारी। 
इसरो के मुताबिक छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इस्तेमाल होने वाला जीएसएलवी मार्क-।।। रॉकेट का अप्रैल 2001 से 13 बार इस्तेमाल किया गया है। इनमें से 3- जीसैट-5पी, जीसैट-4 और इनसैट-4सी विफल प्रक्षेपण रहे जबकि संचार उपग्रह जीसैट-7ए, जीसैट-6ए और जीसैट-9 के अलावा इनसैट-3डी, जीसैट-6, इनसैट-4सीआर और एडुसैट, जीसैट-2, जीसैट-3, जीसैट-19 का प्रक्षेपण सफल रहा है। 
4 टन तक का भार (पेलोड) ले जाने की अपनी क्षमता के कारण 'बाहुबलीÓ कहे जा रहे जीएसएलवी मार्क-।।। रॉकेट ने जीसैट-29 और जीसैट-19 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया है। अंतरिक्ष एजेंसी ने इसी रॉकेट का इस्तेमाल करते हुए कू्र मॉड्यूल वायुमंडलीय पुन: प्रवेश परीक्षण (केयर) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। इसरो के प्रमुख के. सिवन के मुताबिक अंतरिक्ष एजेंसी दिसंबर 2021 के लिए निर्धारित अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम 'गगनयानÓ के लिए भी जीएसएलवी मार्क-।।। रॉकेट का प्रयोग करेगी। (नवभारत टाईम्स)


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई। अमेजन कंपनी भले ही इस समय दुनिया पर राज कर रही हो लेकिन इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की हालत काफी खराब बताई जा रही है। अमेजन में काम करने वाले कर्मचारियों को शिफ्ट के दौरान टॉयलेट जाने की भी इजाजत नहीं दी जाती है। यहां तक की उन्हें प्लास्टिक की बोतलों में ही पेशाब करने को मजबूर किया जाता है।
अमेजन कर्मचारियों की स्थिति सुधारने के लिए अब पूरे ब्रिटेन में प्रदर्शन शुरू हो गया है। शुक्रवार को मिल्टन कीन्स, रूजले, स्वानसी, पीटरबॉरो, वॉरिंगटन, कोवेंट्री और डोनकास्टर में अमेजन कंपनी के विशाल गोदामों के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा है। जनरल ट्रेड यूनियन की ओर से इस प्रदर्शन को पूरे ब्रिटेन में मौजूद अमेजन के गोदाम के बाहर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अमेजन कर्मचारियों की स्थिति सुधारने के साथ ही देश में मौजूद टैक्स का सही तरीके से भुगतान करे। प्रदर्शनकारियों ने अमेजन के संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर आदमी जेफ बेजोस से कहा है कि वे रोबोट नहीं हैं।
जनरल ट्रेड यूनियन के अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने चार सालों में अमेजन के गोदाम में काम करने वाले 600 से अधिक कर्मचारियों से बात की है। उन्होंने कर्मचारियों के स्वास्थ से जुड़ी सभी जानकारी हासिल करने के बाद ही प्रदर्शन शुरू किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेजन के गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों को टॉयलेट जाने की इजाजत नहीं दी जाती और उन्हें बोतल में ही पेशाब करने को मजबूर किया जाता है। गर्भवती महिलाओं को घंटों खड़े रखा जाता है और कुछ गर्भवती महिलाओं को नौकरी से निकाल दिया जाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की स्थित सुधर नहीं जाती तब तक ये प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं अमेजन के एक प्रवक्ता ने प्रदर्शनकारियों के सभी आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि ये समूह अपने तरीके से काम करने के लिए गलत तरीके से सूचनाएं फैला रहा है। हम अपने कर्मचारियों को बेहतर लाभ और सुरक्षित माहौल देते हैं। (न्यूज18)


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई। अब शादी के बाद खाना किया बर्बाद तो अब आप पर लगेगा भारी जुर्माना। खाना बर्बाद करने वाले होटल, रेस्तरां और शादीघरों पर अब जल्द पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। एफएसएसएआई ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजा जाएगा।
होटल, रेस्तरां से लेकर शादी-ब्याह में खाने की बर्बादी आम है। अधिकतर लोगों को इसका पता नहीं होता कि बचे हुए खाने को कहां और कैसे इस्तेमाल करना है। हैरानी वाली बात यह है कि खाने की इस बर्बादी को रोकने के लिए कोई पहल करना चाहता है। इसलिए अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) बचे हुए खाने के इस्तेमाल को लेकर एक रूल आने वाला है।
कई गैर सरकारी संगठन होटल-रेस्तरां और शादीघरों से बचा हुआ खाना लेकर गरीबों में बांटने का काम कर रहे हैं, लेकिन इस खाने की गुणवत्ता को लेकर कोई मानक नहीं है। नए ड्राफ्ट में इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत होटल, रेस्तरां व शादीघरों के संचालकों को एफएसएसएआई की वेबसाइट पर पंजीकृत किया जाएगा। वहीं खाना बांटने के लिए एनजीओ अधिकृत किए जाएंगे। इस ड्राफ्ट के अनुसार, सभी राज्यों में खाद्य आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी। यह समिति दान में दिए गए भोजन की निगरानी करेगी और व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देगी। करोड़ टन खाना हर साल देश में बर्बाद होता है संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक।
बचे हुए खाने में हाइजिन और सफाई का खास ध्यान रखना होगा। खाना पैकेज्ड है तो उस पर असली लेबल होना चाहिए।
खाने पर एक्सपायरी डेट, शाकाहारी या मांसाहार जैसी जानकारियां लिखनी होगी।
दानकर्ता और दान लेने वाली संस्था को हर पैक के वितरण का रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा।
बचे हुए खाने को अच्छे से पैक कर सात डिग्री सेल्सियस तापमान में रखना जरूरी होगा। (न्यूज18)


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई। खाड़ी में उत्पन्न हुए ताजा तनाव के बीच होरमज की खाड़ी में ईरान द्वारा जब्त किए गए ब्रिटिश झंडे वाले तेल टैंकर के 23 कू्र सदस्यों में जहाज के कप्तान के साथ 18 भारतीय भी शामिल हैं। भारत ने शनिवार को कहा कि वह भारतीय नाविकों को छुड़ाने के लिए तेहरान के संपर्क में है। ईरान ने ब्रिटिश झंडे वाले जहाज-स्टेना इम्पेरो को शुक्रवार को जब्त किया है, जिसमें कू्र के तौर पर भारतीय, रूसी, लातवियाई और फिलिपिनो देशों नागरिक कार्यरत हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि घटना के आगे के विवरणों को जानने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारा मिशन भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई और देश-प्रत्यावर्तन है, जिसको सुरक्षित करने के लिए ईरान सरकार के संपर्क में है। 
समाचार एजेंसी आईआरएनए ने होरमज प्रांत के पोत व समुद्री मामलों के महानिदेशक अल्लाहमोराद अफीफीपोर के बयान का हवाला देते हुए कहा, स्टेना इम्पेरो के क्रू सदस्यों में 18 भारतीय, पांच रूसी, लातवियाई और फिलिपिनो देशों नागरिक शामिल हैं। कप्तान भारतीय है, लेकिन टैंकर पर ब्रिटेन का झंडा लगा है। पोत की मालिक व शिपिंग कंपनी स्टेना बल्क ने एक बयान में कहा कि टैंकर को होरमज की खाड़ी को पार करने के दौरान जब जहाज अंतरराष्ट्रीय जल में था, तभी अज्ञात छोटे से नावों और एक हेलीकॉप्टर द्वारा उससे संपर्क किया गया था। उन्होंने आगे कहा, पोत अब ईरान के उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जिसकी वजह से हम संपर्क साधने में असमर्थ हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड सेना ने अपनी वेबसाइट पर बयान जारी कर कहा है कि जहाज को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और विनियमों का पालन न करने पर जब्त कर लिया गया और उसे एक अज्ञात ईरानी बंदरगाह में ले जाया जा रहा है। स्टेना बल्क ने कहा, उनमें से किसी को भी चोट नहीं आई है और उनकी सुरक्षा मालिकों और प्रबंधकों दोनों के लिए चिंता का विषय है। बाद में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक लाइबेरियन-ध्वज वाले टैंकर मेसदार को भी जब्त कर लिया। टैंकर के मालिक ने बाद में कहा कि जहाज को जाने देने से पहले उस पर थोड़ी देर के लिए सशस्त्र गार्ड सवार हुए थे। ब्रिटिश विदेश सचिव जेरेमी हंट ने तेल टैंकर की जब्ती को अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा, यह आवश्यक है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता बनी रहे और सभी जहाज सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
स्थिति के जल्द सामान्य नहीं होने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी देते हुए हंट ने स्काई न्यूज को बताया, हम सैन्य विकल्पों पर विचार नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम स्थिति को हल करने के लिए एक कूटनीतिक तरीकों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन बिल्कुल स्पष्ट हैं कि इसे हल किया जाना ही चाहिए। वहीं, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ईरान अपने रंग दिखा रहा है। ट्रंप ने आगे कहा, ईरान अब बड़ी मुसीबत में फंस चुका है। उनकी अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है। हमारे लिए इसे सही करना उतना ही आसान है, जितना बिगाडऩा। (एनडीटीवी)


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