राष्ट्रीय

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15-Jul-2020 3:55 PM

बारामूला, 15 जुलाई। जम्मू-कश्मीर में भाजपा के एक और नेता को टारगेट किया गया है। बारामूला में बीजेपी के स्थानीय नेता को अगवा कर लिया गया है। पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन नेता का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
बीजेपी नेता को घाटी में निशाना बनाने की ये इस महीने की दूसरी घटना है। जुलाई के पहले हफ्ते में ही बांदीपुरा के स्थानीय बीजेपी नेता शेख वसीम बारी को गोलियों से छलनी कर मार दिया गया था। फायरिंग में शेख वसीम के पिता और भाई की भी मौत हो गई थी। अब बारामूला में बीजेपी नेता को अगवा किया गया है।
मेराजुद्दीन मल्ला बारामूला म्युनिसिपल कमेटी वाटरग्राम के उपाध्यक्ष हैं और बीजेपी के सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें अगवा किया है। अधिकारियों का कहना है कि जब मेराजुद्दीन बस्ती में सडक़ पर पैदल जा रहे थे तो उस वक्त कुछ अज्ञात लोग कार में उन्हें ले गए। ये घटना बुधवार सुबह की है।
इस घटना के बाद घाटी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक मेराजुद्दीन का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे पहले बांदीपुरा में आतंकियों ने बीजेपी के स्थानीय नेता शेख वसीम बारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। (aajtak.intoday.in)
 


15-Jul-2020 3:52 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि कोरोना काल ने वर्क कल्चर और नेचर ऑफ जॉब बदलकर रख दिया है और युवा इसके मुताबिक खुद को तेजी से ढाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के युवाओं की सबसे बड़ी ताकत स्किल ही है। उनमें इसे हासिल करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में बिजनेस और व्यापार तेजी से बदल रहा है। विभिन्न सेक्टरों में लाखों स्किल्ड लोगों की जरूरत है। देश के युवाओं को इसके लिए तैयार करने की जरूरत है और स्किल इंडिया मिशन की यही कोशिश है। मोदी ने विश्व युवा कौशल दिवस और स्किल इंडिया मिशन की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधन अपने संबोधन में यह बात कही।
मोदी ने कहा कि तेजी से बदल रही इस दुनिया में स्किल, रिस्किल और अपस्किल ही प्रासंगिक रहने का मंत्र है। इस मंत्र को जानना, समझना और इसका पालन करना अहम है। स्किल की ताकत इंसान को कहां से कहां पहुंचा देती है। इंसान में हर उम्र में कुछ सीखने की ललक होनी चाहिए। सफल व्यक्ति की निशानी यही है कि वह अपने स्किल को माजने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। बल्कि हमेशा ऐसे मौके की तलाश में रहता है। अगर आपमें नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है। ऐसा व्यक्ति ने केवल अपने लिए बोझ बन जाता है बल्कि स्वजनों के लिए भी बोझ बन जाता है। (navbharattimes.indiatimes.com)


15-Jul-2020 2:50 PM

सहरसा, 15 जुलाई (वार्ता)। पूर्व-मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल ने यात्रियों को रियायत, समूह आरक्षण, यात्रा विवरणी आदि की जानकारी के लिए मोबाइल ऐप ‘समग्र’ की शुरुआत की गई है।

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस ऐप की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा की इस ऐप के माध्यम से यात्रियों के साथ ही रेल सेवा को और भी बेहतर बनाया जा सकेगा। इस ऐप को वाणिज्य विभाग की टीम की ओर से बनाया गया है। इसे बनाने की पहल मंडल रेल। प्रबंधक अशोक माहेश्वरी के नेतृत्व में की गई थी। 

समस्तीपुर रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सरस्वतीचंद्र ने बताया कि ऐप का लाभ आम यात्रियों के साथ ही रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को भी मिल सकेगा। ऐप के माध्यम से आम यात्री सभी तरह की सूचनाऐं यात्रा के संबंध में प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी स्टेशन की यात्री सुविधा की जानकारी हासिल की जा सकती है। सभी तरह के फार्म और आवेदन प्राप्त किये जा सकेंगे। 

इसके अलावा इससे कर्मचारियों की रियल टाइम मॉनटरिंग होगी। ऐसे में कर्मी अभी जहां कागजों का उपयोग रिपोर्टिंग के लिये करते हैं वहीं टिकट चेकिंग, बुकिंग, आरक्षण, माल, पार्सल आदि कार्यालय में कार्य करने वाले सभी तरह के आंकड़ें, रिपोर्ट इस एप पर बनाएंगे, जहां से वरीय अधिकारियों की सीधी नजर कर्मियों के कार्य पर होगी।


15-Jul-2020 2:20 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई। कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी गलतियों के लिए माफी मांग लें तो बात बन सकती है, लेकिन हर चीज की समयसीमा होती है। दरअसल, उप मुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद पायलट ने स्पष्ट किया है कि वह बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं।

पायलट के बयान के बारे में पूछे जाने पर पांडे ने कहा, ‘‘भगवान उनको सद्बुद्धि दे। जिस पार्टी ने उनको पाला-पोसा और बड़ा किया वह उनसे एक जिम्मेदार नेता होने की अपेक्षा करती है। उनको मेरा यही संदेश है।’’ उन्होंने यह आरोप फिर दोहराया कि अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश में पायलट शामिल थे।

यह पूछे जाने पर कि क्या अब भी पायलट के लिए कांग्रेस में कोई गुंजाइश है तो उन्होंने कहा, ‘‘गुंजाइश क्यों नहीं होती? पांच दिनों से गुंजाइश ही गुंजाइश थी।’’ फिर यह सवाल करने पर कि क्या अब भी पायलट के लिए दरवाजे खुले हुए हैं तो कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं, खुले हैं।’’

अगर पायलट, सरकार गिराने की साजिश के लिए अपनी गलती स्वीकार कर लें और माफी मांग लें तो बात बन सकती है के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से बन सकती है, लेकिन हर चीज की समयीमा होती है। जो उन्होंने गलतियां की हैं अगर उनके लिए माफी मांग लेते हैं तो सब हो सकता है।’’ (hindi.news18.com)


15-Jul-2020 2:07 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई (वार्ता)। मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कोरोना से लडऩे के लिए महज 399 रुपये कीमत के बहुत ही किफायती जांच किट को बुधवार को लांच किया। जिसका भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली ने निर्माण किया है। इस किट के जरिये 30 लाख लोगों की जांच की जा सकती है । 

डॉ. निशंक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस किट को लॉन्च करते हुए कहा कि आईआईटी दिल्ली ने कोरोना संकट के मुश्किल समय में बहुत कम दिन में इस किट का निर्माण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है और इससे दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।

उन्होंने आईआईटी दिल्ली के निदेशक राजगोपाल राव और उनकी टीम को इस किट के लिए बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ही कम समय में इस किट का निर्माण किया है जो मात्र 399 रुपये का है जबकि बाहर यह किट 2000 रुपये में उपलब्ध है। इस किट के जरिए केवल तीन घंटे में जांच रिपोर्ट मिलेगी, जबकि अन्य किट से कम से कम 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिलती है। पहले किट से केवल तीन लाख जांच हो पाती थी जबकि इस किट से बीस लाख मरीजों की जांच हो पाएगी।

उन्होंने कहा कि आज हम 128 देशों के साथ शोध एवं अनुसंधान कार्यों में जुटे हुए हैं और हमारे आईआईटी ने अपने शोध और अनुसंधान कार्यों से देश का नाम दुनिया रोशन किया है।आज गूगल के सीईओ भी आईआईटी के छात्र रहे हैं।

डॉ निशंक ने यह भी कहा है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आईआईटी दिल्ली ने आज के दिन यह किट  लांच किया है और आज उनका जन्मदिन भी है। उन्होंने कहा, ‘हमने अपने जीवन में कभी जन्मदिन नहीं मनाया, लेकिन जब उत्तराखंड का मुख्यमंत्री था तो हमने अपने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाने की संवेदना नामक योजना शुरू की क्योंकि रक्त का एक बूंद लोगों का जीवन बचा सकता है।
 इस कार्यक्रम को मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे और शिक्षा सचिव अमित खरे के अलावा अधिकारियों ने भी संबोधित किया।


15-Jul-2020 2:03 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई (वार्ता)। देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है और इससे प्रभावित शीर्ष तीन राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली में अब तक इसके संक्रमण से कुल 5,30,335 लोग पीडि़त हो चुके हैं, जो देश में इस वायरस की चपेट में आई कुल आबादी का 56.64 प्रतिशत है।  
कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 6,741 नये मामले सामने आये जिससे संक्रमितों का आंकड़ा 2,67,665 पर पहुंच गया है। संक्रमण के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचे तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के मामले 4,526 बढक़र 1,47,324 पर पहुंच गए हैं तथा राजधानी दिल्ली में अब तक 1,15,343 लोग कोरोना की चपेट में आये हैं। 

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 29,429 नए मामले सामने आये हैं जिससे संक्रमितों की संख्या 9,36,181 हो गई है। इससे पहले तीन दिन तक लगातार 28 हजार से अधिक मामले सामने आये थे। पिछले 24 घंटों के दौरान 582 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 24,309 हो गई है।

संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच राहत की बात यह है कि इससे स्वस्थ होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान 20,572 रोगी स्वस्थ हुए हैं जिन्हें मिलाकर अब तक कुल 5,92,032 लोग  रोगमुक्त हो चुके हैं। देश में अभी कोरोना संक्रमण के 3,19,840 सक्रिय मामले हैं।


15-Jul-2020 12:40 PM

जयपुर, 15 जुलाई। कांग्रेस ने राजस्थान में सचिन पायलट और उनके बागी साथियों को अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. खबरों के मुताबिक पार्टी की शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इन सभी 19 असंतुष्ट विधायकों को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब मांगा है. नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और कांग्रेस विधायक दल की दो बैठकों में शामिल नहीं होने पर उन्हें अयोग्य क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए? कल हुई विधायक दल की दूसरी बैठक में सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष पद और राज्य के उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था. उनके समर्थक दो मंत्री भी हटा दिए गए हैं. चर्चा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज नए सिरे से कैबिनेट के गठन पर काम शुरू कर सकते हैं.

माना जा रहा है कि सचिन पायलट और बागी विधायकों के बर्खास्त होने से अशोक गहलोत को फायदा होगा क्योंकि इससे राजस्थान विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 101 सदस्यों का आंकड़ा नीचे आ जाएगा. इस बीच, सचिन पायलट ने एक बार फिर कहा है कि वे भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं. खबरों के मुताबिक उनका कहना था, ‘अभी भी मैं कांग्रेस का मेंबर हूं. कुछ लोग मेरा नाम भाजपा से जोड़ रहे हैं. मेरी इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है.’ उन्होंने बगावत क्यों की, इस सवाल पर उनका कहना था कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इतना ही चाहते थे कि वे जनता से किए गए वादे पूरे करें. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर चर्चा का कोई मंच बचा ही नहीं था.(satyagrah)


15-Jul-2020 12:12 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई (वार्ता)। देश में कोरोना संक्रमण के दिनों दिन बढ़ते प्रकोप के बीच पिछले 24 घंटों के दौरान अब तक के सर्वाधिक 29 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा 9.36 लाख के पार पहुंच गया है हालांकि राहत की बात यह है कि इस दौरान इससे 20 हजार से अधिक रोगी स्वस्थ भी हुए हैं।  

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 29,429 नये मामले सामने आये हैं जिससे संक्रमितों की संख्या 9,36,181 हो गयी है। इससे पहले तीन दिन तक लगातार 28 हजार से अधिक मामले सामने आए थे। पिछले 24 घंटों के दौरान 582 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 24,309 हो गई है।

संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच राहत की बात यह है कि इससे स्वस्थ होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान 20,572 से अधिक रोगी स्वस्थ हुए हैं जिन्हें मिलाकर अब तक कुल 5,92,032 रोगमुक्त हो चुके हैं। देश में अभी कोरोना संक्रमण के 3,19,840 सक्रिय मामले हैं। 

कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में संंक्रमण के 6,741 नये मामले सामने आये जिससे संक्रमितों का आंकड़ा 2,67,665 पर पहुंच गया है। इसी अवधि में 213 लोगों की मौत हुई है जिसके कारण मृतकों की संख्या 10,695 हो गयी है। वहीं 1,49,007 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं।
संक्रमण के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचे तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के मामले 4,526 बढक़र 1,47,324 पर पहुंच गये हैं और इसी अवधि में 76 लोगों की मौत से मृतकों की संख्या 2,099 हो गयी है। राज्य में 97,310 लोगों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना महामारी की स्थिति अब कुछ नियंत्रण में है और यहां संक्रमण के मामलों में वृद्धि की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। राजधानी में अब तक 1,15,343 लोग कोरोना की चपेट में आये हैं तथा इसके कारण मरने वालों की संख्या 3446 हो गयी है। यहां 93,236 मरीज रोगमुक्त हुए हैं।
दक्षिण का राज्य कर्नाटक संक्रमितों की संख्या के मामले में गुजरात को पीछे छोडक़र चौथे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य में 44,077 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 842 लोगों की इससे मौत हुई है। राज्य में 17,390 लोग स्वस्थ भी हुए हैं।

देश का पश्चिमी राज्य गुजरात संक्रमण के मामले में पांचवें स्थान पर आ गया है, लेकिन मृतकों की संख्या के मामले में यह महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद तीसरे स्थान पर है। गुजरात में 43,637 लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 2,069 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 30,503 लोग इस बीमारी से स्वस्थ भी हुए हैं।
आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के अब तक 39,724 मामले सामने आए हैं तथा इस महामारी से 983 लोगों की मौत हुई है जबकि 24,983 मरीज ठीक हुए हैं।

दक्षिण के एक और राज्य तेलंगाना में भी कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। तेलंगाना में कोरोना संक्रमितों की संख्या 37,745 हो गयी है और 375 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 24,840 लोग अब तक इस महामारी से ठीक हो चुके है।

आंध्र प्रदेश में संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने के कारण यह सर्वाधिक प्रभावित राज्यों की सूची में पश्चिम बंगाल से ऊपर आ गया है। राज्य में 33,019 लोग संक्रमित हुए हैं तथा मरने वालों की संख्या 408 हो गयी है जबकि 17,467 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 

पश्चिम बंगाल में 32,838 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 980 लोगों की मौत हुई है और अब तक 19,931 लोग स्वस्थ हुए हैं। राजस्थान में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या 25,571 हो गयी है और अब तक 525 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 19,161 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं। हरियाणा में 22,628 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 312 लोगों की मौत हुई है।

इस महामारी से मध्य प्रदेश में 673, पंजाब में 213, जम्मू-कश्मीर में 195,  बिहार में 174,  ओडिशा में 74, उत्तराखंड में 50, असम में 36, झारखंड में 36, केरल में 34, छत्तीसगढ़ में 20, पुड्डुचेरी और गोवा में 18, हिमाचल प्रदेश में 11, चंडीगढ़ में 10, अरुणाचल प्रदेश में तीन, मेघालय और त्रिपुरा में दो तथा लद्दाख में एक व्यक्ति की मौत हुई है।


15-Jul-2020 9:49 AM

नई दिल्ली/दिसपुर ,15 जुलाई। असम में मगलवार को बाढ़ की वजह से पांच जिलों में कम से कम 9 और लोगों की मौत हो गई, जिससे यहां बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है। राज्य के 33 में से 28 जिले बुरी तरह बाढ़ से बेहाल हैं, जिससे 33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अधिकारियों ने कहा कि बीते चार हफ्तों में बिश्वनाथ, तिनसुकिया, लखीमपुर, बनगाइगांव, कामरूप, गोलाघाट, शिवसागर, मोरीगांव, धुबरु, नगांव, नलबारी, बारपेटा, धेमाजी, उदलगुड़ी, गोलपारा और डिब्रूगढ़ जिलों में बाढ़ की वजह से 59 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 22 मई से अब तक विभिन्न भूस्खलन की घटनाओं में 26 लोग मारे गए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को धुबरी और मोरीगांव में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई, लेकिन इन मौतों का बाढ़ से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 12 जिलों में ब्रह्मपुत्र समेत आठ नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। एएसडीएमए के अधिकारियों ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि इन जिलों के 3,371 गावों के 33 लाख लोग प्रभावित हैं और 28 जिलों की 128,495 हेक्टेयर कृषि भूमि भी इसकी चपेट में है।

गौरतलब है कि असम में इन दिनों कोरोना का कहर अपने चरम पर है। हर दिन के साथ राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। राज्य में अब तक कुल 17,807 लोग करोना पॉजिटिव पाए गए हैं। राज्य में अब तक कोरोना से 46 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा रोज बढ़ता जा रहा है। इस बीच बाढ़ ने अलग तबाही मचा रखी है। बाढ़ के कारण राज्य के एक बड़े भाग में कोरोना से बचाव के उपाय प्रभावित हुए हैं और बीजेपी सरकार असहाय नजर आ रही है।(navjivan)


15-Jul-2020 9:40 AM

नई दिल्ली,15 जुलाई। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को कहा कि अगले छह महीने में बैंकों के फंसे कर्ज यानी एनपीए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि समस्या को जितनी जल्दी पहचान लिया जाए, उतना अच्छा होगा.

कोविड-19 और उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ से कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और उनमें से कई कर्ज की किस्त लौटाने में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं.

राजन ने ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड एकोनॉमिक रिसर्च’ (एनसीएईआर) द्वारा आयोजित ‘इंडिया पॉलिसी फोरम’ 2020 के एक सत्र में कहा, ‘अगर हम वाकई में एनपीए के वास्तविक स्तर को पहचाने तो अगले छह महीने में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का स्तर काफी अप्रत्याशित होने जा रहा है…हम समस्या में हैं और जितनी जल्दी इसे स्वीकार करेंगे, उतना बेहतर होगा. क्योंकि हमें वाकई में इस समस्या से निपटने की जरूरत है.’

मंगलवार को प्रकाशित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आर्थिक सुधारों पर एक लेख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जनधन खातों की सफलता की बात कही गयी है लेकिन कुछ अर्थशास्त्रियों की राय इससे अलग हैं.

राजन ने कहा, ‘हमें अभी भी लक्षित लोगों को लाभ अंतरण करने में कठिनाई हो रही है. लोग अभी भी सार्वभौमिकरण की बात कर रहे हैं क्योंकि हम लक्ष्य नहीं कर सकते. (जैसा कि आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विजय जोशी ने रेखांकित किया है). जनधन ने उस रूप से काम नहीं किया जैसा कि इसका प्रचार-प्रसार किया गया.’

हालांकि उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की एक सकारात्मक चीज कृषि क्षेत्र है जो वास्तव में अच्छा कर रहा है.

राजन ने कहा, ‘निश्चित रूप से सरकार ने सुधारों को आगे बढ़ाया है. इन सुधारों की लंबे समय से बात हो रही थी. उसके सही तरीके से क्रियान्वयन होने से अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को लाभ होगा.’(theprint)


15-Jul-2020 9:23 AM

नई दिल्ली,15 जुलाई। WhatsApp यूजर्स के ऊपर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यूजर्स को वॉट्सऐप के फेक वर्जन के बारे में अलर्ट किया जा रहा है। वॉट्सऐप से जुड़ी खबरों और अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने वॉट्सऐप के मॉडिफाइड वर्जन के बारे में एक चेतावनी जारी की है। WAbetaInfo ने अपने ट्वीट में लिखा कि बेहतर प्रिवेसी और सिक्यॉरिटी के लिए वॉट्सऐप के मॉडिफाइड वर्जन को बेहतर विकल्प नहीं कहा जा सकता।

इस ट्वीट में यह समझाने की कोशिश की गई है कि वॉट्सऐप के मॉडिफाइड वर्जन आकर्षक तो लग सकते हैं, लेकिन यह इतने भी अच्छे नहीं कि इनके लिए किसी तरह का रिस्क उठाया जाए। 

मैन-इन-द-मिडिल अटैक का खेल

मॉडिफाइड वॉट्सऐप के जरिए हैकर्स आसानी से यूजर्स को अपना शिकार बना सकते हैं। ये फेक वॉट्सऐप डिवेलपर्स मैन-इन-द-मिडिल (MITM) अटैक से हैकर्स के डेटा की चोरी कर सकते हैं। इसी अटैक की मदद से हैकर सॉफ्टवेयर को एडिट करके चैटिंग को ऐक्सेस कर सकते हैं और मेसेज को पढ़ने के साथ ही उन्हें एडिट भी कर सकते हैं।

अकाउंट बैन होने का खतरा

जारी की कई वॉर्निंग में यह भी बताया गया वॉट्सऐप के मॉडिफाइड वर्जन को कंपनी ने वेरिफाइ नहीं किया है। साथ ही अगर कोई यूजर इनका इस्तेमाल करता है, तो उसके वॉट्सऐप अकाउंट को बैन किया जा सकता है। कई बार यूजर्स कुछ अधिक फीचर्स की लालच में ऑरिजिनल की बजाय फेक वर्जन को इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। यह सिक्यॉरिटी और प्रिवेसी के लिए सही नहीं है।

बीटा वर्जन में सबसे पहले मिलेंगे नए फीचर

वॉट्सऐप के ऑफिशल वर्जन को आप ऐपल ऐप स्टोर या गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही अगर आप वॉट्सऐप के किसी फीचर को दूसरे यूजर्स के मुकाबले पहले यूज करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको वॉट्सऐप के बीटा वर्जन को इस्तेमाल करना होगा।(navbharat)


14-Jul-2020 6:44 PM

 16 दिन के लिए ये हैं नीतीश सरकार की गाइड लाइंस

 पटना, 14 जुलाई।  बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए बिहार सरकार ने पूरे राज्य में अगले 15 दिन तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. हालांकि इस दौरान सभी इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी.

सोमवार को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया गया था. इस पर अंतिम मुहर के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की बैठक हुई.

नीतीश सरकार ने 16 दिन के लॉकडाउन के लिए कुछ गाइड लाइंस जारी किए हैं. जो इस प्रकार है...

आवश्यक केंद्र सरकार के अधीन सभी दफ्तर लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे. डिफेंस, पुलिस, पेट्रोल पंप, पोस्ट आफिस सहित कुछ कार्यालयों को इस लॉकडाउन से छूट दी गई है.

बिहार सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय भी लॉकडाउन के दौरान बंद रहेंगे. सिर्फ इन विभागों को इससे छूट दी गई है.

जैसे— बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य वितरण, कृषि एवं पशुपालन विभाग.

प्रदेश भर में सभी अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों और कार्यों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट दी गई है.

सभी कॉमर्शियल और प्राइवेट संस्थान बंद रहेंगे. सिर्फ इनको रहेगी छूट—

फल, सब्जी, अनाज, दूध, मछली आदि के दुकान खुल सकेंगे. हालांकि प्रशासन इनकी होम डिलिवरी की हर संभव व्यवस्था करने का प्रयास करेगा.

सभी बैंक और एटीएम खुले रहेंगे.

होटल, रेस्त्रां या ढाबे खुले रहेंगे लेकिन वहां खाने की व्यवस्था लॉकडाउन के दौरान नहीं कर सकते. उन्हें सिर्फ पैकिंग की सर्विसेज देनी होगी.

रेल, हवाई सफर को मंजूरी दी गई है. हालांकि आटो टैक्सी पूरे राज्य में संचालित रहेंगे. इसके अलावा जरूरी सेवाओं के लिए ही प्राइवेट गाड़ियों का संचालन हो सकता है. बाकी सभी ट्रांसपोर्ट सर्विस बाधित रहेगी.

वाहन परिचालन को लेकर क्या नियम होंगे और सार्वजनिक वाहन चलेंगे या नहीं, इस पर भी निर्णय होगा. किन-किन जरूरी चीजों को कितनी छूट मिलेगी, इसका निर्धारण भी बैठक के दौरान किया जायेगा. फिलहाल राज्य में पटना समेत दर्जन भर जिलों में 16 जुलाई या इससे अधिक समय तक लाॅकडाउन प्रभावी है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में लॉकडाउन लगाने को लेकर अंतिम निर्णय मंगलवार की बैठक में लिया जायेगा. सरकार ने अभी लॉकडाउन लगाने का निर्णय लेने का अधिकार संबंधित जिलों के डीएम को दिया है. इसके आधार पर जिन जिलों में स्थिति ज्यादा खराब है, वहां के डीएम ने लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है. लेकिन, सभी जिलों में लॉकडाउन लगाने का फैसला राज्य सरकार के स्तर से लिया जायेगा.

जिला कोर्ट में अभी वर्चुअल ही कामकाज

पटना हाइकोर्ट प्रशासन ने राज्य की सभी जिला अदालतों को कम-से-कम एक सप्ताह तक वर्चुअल तरीके से ही कोर्ट का कामकाज करने को कहा है. साेमवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल नवनीत कुमार पांडेय ने दी. रजिस्ट्रार जनरल ने यह निर्देश सभी जिला अदालतों को भेज दिया है. बैठक में यह भी तय किया गया कि निचली अदालतों में रिलीज और रिमांड से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से न्यायिक पदाधिकारी अपने आवासीय कार्यालय से ही करेंगे. सभी जिला जजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी व्यक्ति की कोर्ट परिसर में उपस्थिति नहीं होगी.(prabhatkhabar)


14-Jul-2020 6:36 PM

लंदन, 14 जुलाई। पश्चिमी यूरोप में मोंट ब्लैंक पर्वत श्रृंखला पर फ्रांसीसी बोसन्स ग्लेशियरों से 1966 में इंदिरा गांधी की चुनावी जीत की सुर्खियों वाले भारतीय अखबार मिले हैं. ये फ्रांस का आल्प्स पर्वतीय इलाका है जिसे मो ब्लां ग्लेशियर के नाम से जाना जाता है, यहां के ग्लेशियर की बर्फ में भारतीय अखबार 'नेशनल हेराल्ड' का पाया जाना खूब सुर्खियां बंटोर रहा है. हालांकि बताया जा रहा है कि इस स्थान पर उसी साल एअर इंडिया का एक विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.

फ्रांस के एक अखबार के अनुसार 24 जून, 1966 को यूरोप की सर्वोच्च पर्वत श्रृंखला में एअर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसके मलबे में से 'नेशनल हेराल्ड' और 'इकनोमिक टाइम्स' समेत करीब दो और भारतीय अखबारों की प्रतियां मिली हैं. फ्रेंच रिसॉर्ट ऑफ चामोनिक्स से भी ऊपर, 1350 मीटर की ऊंचाई पर एक कैफे-रेस्तरां चलाने वाले टिमोथी मोटिन को यह अखबार मिला. ब्रिटेन के 'द गार्डियन' अखबार और अन्य एजेंसियों ने स्थानीय फ्रांसीसी अखबार 'ली डाउपिन लिबेरे' को टिमोथी द्वारा दी गयी जानकारी के हवाले से लिखा 'वे अभी सूख रहे हैं लेकिन बहुत अच्छी स्थिति में हैं. आप उन्हें पढ़ सकते हैं.'

'ग्लेशियर में मिल जाता है मलबा'

टिमोथी ने कहा, 'यह असामान्य बात नहीं है. जब भी हम दोस्तों के साथ ग्लेशियर पर घूमते हैं तो हमें दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा मिलता है. आपको अनुभव से समझ में आ जाता है कि कहां पर चीजें हैं.' एअर इंडिया बोइंग 707 विमान हवाई यातायात नियंत्रण से संबंधित किसी संवादहीनता की वजह से पहाड़ों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें उस पर सवार चालक दल के सदस्यों समेत सभी 177 लोग मारे गये थे. मोटिन का कैफै बोसन ग्लेशियर से करीब 45 मिनट की पैदल दूरी पर है.

मोटिन ने कहा कि उन्हें किस्मत से अखबार मिल गये क्योंकि जिस बर्फ में वह करीब छह दशक से दबे हुए थे, वह शायद हाल ही में पिघलनी शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि ये अखबार सूखने के बाद दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे के उस संग्रह का हिस्सा बन जाएंगे जिसे मोटिन ने अपने कैफे में आनेजाने वाले लोगों के लिए सजा रखा है. एअर इंडिया के विमान की इस दुर्घटना से संबंधित अनेक चीजें 2012 से मिलनी शुरू हुई थीं. 2012 में राजनयिक डाक का एक थैला मिला था जिसमें ‘भारत सरकार की सेवा में, राजनयिक डाक, विदेश मंत्रालय’ की मुहर लगी थी.

एक साल बाद एक फ्रांसीसी पर्वतारोही को धातु का एक डिब्बा मिला जिस पर एअर इंडिया का लोगो था और उसमें 117,000 से लेकर 230,000 ब्रिटिश पाउंड कीमत के पन्ने, नीलम और माणिक्य थे. इस इलाके में 2017 में मानव अवशेष भी मिले जिन्हें 1966 के दुर्घटनाग्रस्त विमान या 1950 में इलाके में दुर्घटना का शिकार हुए एक अन्य भारतीय विमान ‘मालाबार प्रिंसेस’ से संबंधित माना जा रहा है.(news18)


14-Jul-2020 6:27 PM

नई दिल्ली, 14 जुलाई। सुप्रीम कोर्ट ने कोयला खदानों की वाणिज्यिक नीलामी के फैसले के खिलाफ झारखंड सरकार द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया.

झारखंड ने नीलामी में राज्य सरकारों को विश्वास में लेने की जरूरत बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है. केंद्र सरकार ने नीलामी का फैसला कर देश के कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है.

लाइव लॉ के मुताबिक, मुख्य न्यायधीश एसए बोबडे, एन. सुभाष रेड्डी और एएस बोपन्ना की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि वे इस मामले को सुनने के साथ ही कोयला खदानों की नीलामी पर रोक लगाने के मुद्दे को भी सुनने को इच्छुक हैं.

इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी. वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी झारखंड सरकार की ओर से पेश हुए थे. वहीं अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र का पक्ष रख रहे थे.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि केंद्र सरकार के इस कदम से सामाजिक, आर्थिक और पर्यावर्णीय असर होगा. खनन से जंगल और आदिवासी जनसंख्या प्रभावित होगी. भूमि और लोगों के अधिकारों जैसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें हल करने की जरूरत है. हमने जल्दबाजी न करने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि एक सर्वे होना चाहिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस कदम से राज्य के लोगों को फायदा होगा या नहीं. इसलिए हमें इससे लड़ने की जरूरत है.

याचिका में कहा गया है कि नीलामी से पहले ‘आदिवासी आबादी’ पर पड़ने वाले सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करने की जरूरत है. इसके अलावा राज्य के जंगलों एवं इससे आस-पास के निवासियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना चाहिए.

याचिकाकर्ता ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के चलते वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए एक नकारात्मक माहौल बना हुआ है, इसलिए वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी से प्राकृतिक संसाधनों के बदले में कोई लाभ मिलने की संभावना नहीं दिखाई देती है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि यह नीलामी प्रक्रिया कानूनी तौर पर सही नहीं होगी क्योंकि खनिज कानून (संशोधन) अधिनियम, 2020 इस साल मई महीने की 14 तारीख को समाप्त हो चुका है.

इसे लेकर झारखंड सरकार ने कहा था, ‘आज पूरी दुनिया लॉकडाउन से प्रभावित है. भारत सरकार कोयला खदानों की नीलामी में विदेशी निवेश की भी बात कर रही है जबकि विदेशों से आवागमन पूरी तरह बंद है. झारखंड की अपनी स्थानीय समस्याएं हैं. आज यहां के उद्योग धंधे बंद पड़े हैं. ऐसे में कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया राज्य को लाभ देने वाली प्रतीत नहीं होती है.’

इसके अलावा याचिका में केंद्र सरकार के फैसले के आधार पर सवाल उठाया गया है कि अगस्त 2010 में कोयला खनन में 100 फीसदी विदेशी निवेश की इजाजत देने के केंद्र के फैसले से लेकर 13 मार्च 2020 को खनिज कानून में संशोधन कर इसे अल्पकालिक कानून बनाने के फैसले के बीच क्या किया गया है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 18 जनू को 41 कोयला ब्लॉक के वाणिज्यिक खनन को लेकर नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत की. इस कदम के साथ देश के कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया गया है.

इस दौरान मोदी ने कहा था, ‘वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए निजी कंपनियों को अनुमति देना चौथे सबसे बड़े कोयला भंडार रखने वाले देश के संसाधनों को जकड़न से निकालना है.’

केंद्र सरकार का दावा है कि कोयला खदानों की वाणिज्यिक खनन के लिए नीलामी से देश में अगले पांच से सात साल में 33,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की उम्मीद है.

केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य क्षेत्र के नौ सरपंचों ने नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खनन नीलामी पर गहरी चिंता जाहिर की और कहा था कि यहां का समुदाय पूर्णतया जंगल पर आश्रित है, जिसके विनाश से यहां के लोगों का पूरा अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.

ग्राम प्रधानों ने कहा था कि एक तरफ प्रधानमंत्री आत्मनिर्भरता की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ खनन की इजाजत देकर आदिवासियों और वन में रहने वाले समुदायों की आजीविका, जीवनशैली और संस्कृति पर हमला किया जा रहा है.

वहीं कोयला क्षेत्र से जुड़े श्रमिक संगठन सरकार के इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं.

कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के विरोध में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया में श्रमिक संगठन दो से चार जुलाई तक हड़ताल पर थे. इसके कारण कोल इंडिया का उत्पादन औसतन 56 फीसदी प्रभावित हुआ था.(thewire)


14-Jul-2020 6:20 PM

जयपुर, 14 जुलाई । कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद अब सचिन पायलट का क्या रुख होगा? इसको लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। इस बीच बीजेपी ने कहा है कि सचिन पायलट के लिए पार्टी का दरवाजा खुला है।

राजस्थान के बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया से जब एबीपी न्यूज ने पूछा कि क्या सचिन पायलट के लिए बीजेपी के दरवाजे खुले हैं? इस सवाल पर पूनिया ने कहा कि निश्चित रूप से। हमारे साथ अलग-अलग विचारों के लोग जुड़ते रहे हैं। कोई प्रस्ताव होगा तो विचार किया जाएगा। बीजेपी को कोई परहेज नहीं है। केंद्र के निर्देश का हम पालन करेंगे।

उन्होंने कहा, हमारी कोशिश है कि अशोक गहलोत की सरकार जाए। अल्पमत की सरकार है। राजस्थान का भला नहीं हो सकता है। सतीश पूनिया ने कहा लोग इस सरकार से नाराज और निराश हैं और दुनिया की कोई ताकत इसे बचा नहीं सकती। हमारी प्राथमिकता यह है कि यह सरकार सत्ता खो दे। हम सतर्क हैं, स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति जैसी होगी उस हिसाब से रणनीति तय करेंगे।

वहीं राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर तंज करते हुए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘ऑटो पायलट मोड’ में है क्योंकि मुख्यमंत्री एक ‘पायलट का पीछा करने में व्यस्त’ हैं।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने ट्वीट कर कहा, यह देखना दुखद है कि राजस्थान सरकार ऑटो पायलट रूप में है क्योंकि मुख्यमंत्री एक पायलट का पीछा करने में व्यस्त हैं।

कांग्रेस ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले पायलट को उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पदों से हटा दिया. इसके साथ ही पार्टी ने पायलट खेमे में गए सरकार के दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह एवं रमेश मीणा को भी उनके पदों से तत्काल हटा दिया।

कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि सचिन पायलट दिग्भ्रमित होकर बीजेपी के जाल में उलझ गए और कांग्रेस की सरकार गिराने की साजिश में शामिल हो गए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसकी घोषणा करने से पहले कहा, हम सब को एक बात का खेद अवश्य है कि राजस्थान के उपमुख्यमंत्री, हमारे युवा साथी सचिन पायलट और कांग्रेस के कुछ विधायक व मंत्री साथी दिग्भ्रमित होकर बीजेपी के षडयंत्र के जाल में उलझकर कांग्रेस की सरकार को गिराने की साजिश में शामिल हो गए।

इसके साथ ही सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राज्य सरकार को गिराने की साजिश की है। उन्होंने कहा, बीजेपी ने एक षडयंत्र के तहत राजस्थान की आठ करोड़ जनता के सम्मान को चुनौती दी। बीजेपी ने एक साजिश के तहत राजस्थान की बहादुर जनता द्वारा संपूर्ण बहुमत से चुनी गयी कांग्रेस की सरकार को अस्थिर कर गिराने की साजिश की।

उन्होंने कहा, बीजेपी ने धनबल व सत्ताबल के दुरुपयोग से ईडी व आईटी के दुरुपयोग से कांग्रेस पार्टी और निर्दलीय विधायकों की निष्ठा को खरीदने के प्रयास का नाकाबिले माफी जुर्म किया है।(abpnews)


14-Jul-2020 6:16 PM

पटना, 14 जुलाई । कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए नीतीश सरकार ने फिर लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। बिहार के सभी जिला मुख्यालय अनुमंडल और ब्लॉक मुख्यालय में 16 से 31 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान रेलवे और विमान सेवा जारी रहेंगी। वहीं, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक परिवहन बंद रहेंगे।

इससे पहले पटना में 10 से 16 जुलाई तक के लिए संपूर्ण लॉकडाउन घोषित किया गया था। इधर, बताया जा रहा है कि बिहार गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

वहीं, बिहार में कुल मरीजों का आंकड़ा 18 हजार के करीब है। इस वायरस की चपेट में आकर अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत की बात है कि अब तक 12 हजार 317 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 5482 है।

बिहार में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर विपक्ष भी हमलावर है. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। बीजेपी कार्यालय के नेता, स्टाफ समेत कुल 75 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके  हैं।

अब इसे लेकर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने मोर्चा खोल दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि वर्चुअल रैली के कारण भाजपा के 75 नेता संक्रमित हुए हैं। उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज भी किया। तेजस्वी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, मंत्री सुरक्षित नहीं तो आम आदमी का क्या?

भारत में कोरोना मामलों की संख्या 9 लाख के पार पहुंच चुकी है और 23,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, भारत में रिकवरी रेट काफी बेहतर है। यहां 5.71 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं।(aajtak)


14-Jul-2020 6:07 PM

जयपुर, 14 जुलाई । सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, दोनों पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने अपने ट्विटर अकाऊंट से ये दोनों जानकारियां हटा दीं, कांग्रेस पार्टी की जानकारी हटा दी, और अपने आपको बस टोंक का विधायक लिखा है, और भूतपूर्व मंत्री लिखा है। 

उनके ट्विटर अकाऊंट को देखें तो छत्तीसगढ़ के कई मंत्री उन्हें फॉलो कर रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव, डॉ. प्रेमसाय सिंह, ताम्रध्वज साहू, जयसिंह अग्रवाल, मप्र के भूतपूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बहुत से नेता उन्हें फॉलो करने वाले लोगों में से हंै। केन्द्र में प्रतिरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पी.एल. पुनिया जैसे बहुत से नेता उनको ट्विटर पर फॉलो करते थे, और अभी तक तो उनके फॉलोअर हैं ही। सचिन पायलट के 24 लाख से अधिक फॉलोअर हैं, और वे खुद कुल 101 लोगों को फॉलो करते हैं जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रियंका गांधी, वरूण गांधी, अशोक गहलोत, अहमद पटेल, राम माधव, रणदीप सिंह सुरजेवाला, उमर अब्दुल्ला, नरेन्द्र मोदी, दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी शामिल हैं। 

(न्यूज़ 18 के अनुसार ) राजस्थान में चल रहे सियासी बवाल के बीच अब सचिन पायलट ने अपने ट्विटर प्रोफाइल में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस पार्टी से बर्खास्त होने के बाद सचिन पायलट ने अपने ट्विटर अकाउंट के बायो से कांग्रेस हटा लिया है। पायलट ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर अब केवल टोंक विधायक मेंशन किया है। इसके साथ उन्होंने आईटी, दूरसंचार और कॉर्पोरेट मामलों के पूर्व मंत्री, भारत सरकार भी लिखा है। ट्विटर पर पहले सचिन पायलट ने पहले डिप्टी सीएम राजस्थान और राजस्थान कांग्रेस प्रेसिडेंट लिखा था। पार्टी आलाकमान की कार्रवाई के बाद अब उन्होंने अपने प्रोफाइल से कांग्रेस के साथ इन प्रोफाइल को भी निकाल दिया है।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद सचिन पायलट को मंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके फौरन बाद सचिन पायलट ने अपने ट्वीट में लिखा, सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं। बैठक से पहले सचिन पायलट और उनके समर्थकों ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया था। सूत्रों की मानें तो पायलट ने पार्टी नेतृत्व के सामने खुद को सीएम बनाने की शर्त रख दी थी।

 


14-Jul-2020 5:07 PM

इंदौर, 14 जुलाई। इंदौर में एमवाई हॉस्पिटल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। यहां एक जैसे नाम के कारण शवों की अदला-बदली हो गई। मुर्दाघर के कर्मचारी ने सोनकच्छ के युवक का शव बिसनखेड़ा गांव के लोगों को दे दिया। जिसके बाद वहां के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जब सोनकच्छ का परिवार शव लेने पहुंचा तो कर्मचारी ने उन्हें बिसनखेड़ा के युवक का शव दे दिया। उन्होंने जब शव को देखा तो चौंक गए।
दरअसल, सोनकच्छ तहसील के ग्राम नागझिरी में रहने वाले आकाश ने एसिड पी लिया था, जिसका इलाज इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल में चल रहा था। इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। परिजन ने पोस्टमार्टम के लिए रविवार रात उसका शव एमवायएच के मर्च्युरी में रखा था। सोमवार सुबह जब परिजन शव ले जाने लगे तो उसे देखकर चौंक गए।
परिजनों ने बताया कि यह हमारा बेटा नहीं है। इस पर मुर्दाघर में रखे बाकी शव देखे गए, लेकिन आकाश का शव नहीं मिला। बाद में एमवाईएच प्रशासन ने जानकारी जुटाई। जिसके बाद परिजन को बताया कि उन्होंने बिसनखेड़ा निवासी 25 वर्षीय आकाश पांचाल नाम के युवक के शव की गफलत में आकाश पटैय्या का शव दे दिया। उसे वहां पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। इसलिए वहां जाकर संपर्क कर लें। 
सोनकच्छ के परिवार ने एमवाय अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में मामले की शिकायत दर्ज करायी है। (livehindustan.com)
 


14-Jul-2020 5:05 PM

लखनऊ, 14 जुलाई। इलाहाबाद के बहादुरगंज इलाके में एक मुहल्ले के सभी घरों के बाहरी हिस्से में भगवा रंग से पुताई कर दी गई है। हालांकि इस दौरान इस जगह रहने वाले एक बिजनेसमैन इसका विरोध किया तो उनके साथ कुछ लोंगों ने गाली-गलौज और धमकी दी है। 
पीडि़त शख्स ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। कि यहां पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल नंदी का भी घर है और एफआईआर में जिस शख्स का नाम मुख्य तौर पर नाम लिखा गया है वो कमल कुमार केसरवानी हैं, जो मंत्री के चेचेरे भाई हैं। वहीं मंत्री नंद गोपाल नंदी ने पुताई को विकास का काम बताकर कहा कि इसमें विवाद की बात व्यर्थ है। 
एफआईआर दर्ज कराने वाले बिजनेसमैन रवि गुप्ता ने बताया कि सोमवार की सुबह उन्होंने घर की बालकनी से देखा कि कुछ लोग घर की दीवार की बाहरी हिस्से में भगवा रंग से पुताई कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने एक वीडियो भी बनाया जिसमें साफ सुना जा सकता है कि कोई कह रहा है, देखो कैसे गुंडागर्दी बढ़ गई है। वहीं एक दूसरी आवाज जिसमें कोई कह रहा है , जब मैं आपसे कह रहा हूं तो इसे रोकिए...कृपया बाहर जाइए... लेकिन इन बातों का उन लोगों पर कोई असर नहीं होता है... इतना ही नहीं इन लोगों ने परिवार के सदस्यों पर गालियों की झड़ी लगा दी। वहीं एक तीसरी क्लिप में आवाज सुनी जा सकती है जिसमें कोई मंत्री नंद गोपाल नंदी का नाम लेता है और कहता है कि यह सब उनके कहने पर हो रहा है...
इसके बाद एक शख्स ने भगवा रंग के पेंट को बालकनी में खड़े लोगों पर छिडक़ देता है जिसकी कुछ छीटें मोबाइल के कैमरे पर भी पड़ जाती हैं। एफआईआर दर्ज कराने वाले सुभाष गुप्ता कहते हैं कि उनको नागरिक के तौर पर संविधान के मुताबिक जो सुरक्षा मिली है उसको कम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, मुझे भी शांति से रहने का अधिकार है. मैं एक व्यापारी हूं और कोई मुझे संकट में न डाले। मैंने सिर्फ इतना कहा कि मैं अपना घर नहीं पुतवाना चाहता हूं। लेकिन मुझे गाली दी गई और जबरदस्ती घर पोत दिया गया।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके जांच की बात कही है. लेकिन इसी गली में रहने वाले नंद गोपाल नंदी का कहना है कि पुलिस में की गई शिकायत सिर्फ एक साजिश है। उन्होंने कहा, सिर्फ भगवा रंग से ही पुताई नहीं की गई है, इसमें लाल, हरा और यहां तक कि चॉकलेटी रंग का भी इस्तेमाल हुआ है। मंत्री ने आगे कहा, ऐसा लगता है कि कुछ लोगों को सौंदर्यीकरण अच्छा नहीं लगता है। ये लोगो विकास विरोधी हैं। कुछ लोग सोचते हैं तो कि आवाज उठाएंगे तो नेता बन जाएंगे। मंत्री नंदगोपाल नंदी ने कहा कि यह सिर्फ उनकी गली में नहीं हुआ है विकास की नदी पूरे प्रयागराज में बह रही है। मंत्री नंद गोपाल ने कहा कि ये विरोध कहीं नहीं सिर्फ समाजवादी पार्टी के एक नेता का है। (khabar.ndtv.com)
 


14-Jul-2020 5:03 PM

नई दिल्ली, 14 जुलाई । उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने तेलंगाना के उस डॉक्टर के समर्पण भाव और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है जिसने कोरोना वायरस से मारे गए व्यक्ति के पार्थिव शरीर को स्वयं श्मशान भूमि तक पहुंचाया है।
श्री नायडू ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा कि इस डॉक्टर की कर्तव्य परायणता से सबको प्रेरणा लेनी चाहिए। मृतक के पार्थिव शरीर को संक्रमण के भय से वाहन चालक ने ले जाने से मना कर दिया था।
श्री नायडू ने कहा, तेलंगाना के पेडापल्ली में जिला निगरानी अधिकारी डॉ पेंद्याला श्रीराम की सराहना करता हूं, जो कोरोना से मृत व्यक्ति के शव को स्वयं ट्रैक्टर चलाकर आदरपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए, क्योंकि चालक ने कोरोना के भय से मना कर दिया था।
उपराष्ट्रपति ने डॉक्टर की सराहना करते हुए कहा, डॉ. श्रीराम की संवेदनशीलता, शेयर एंड केयर की भारत की सनातन परंपरा का अप्रतिम उदाहरण है। आशा करता हूं कि अन्य नागरिक भी आपसे प्रेरणा लेंगे। श्री नायडू ने अपने ट्वीट के साथ एक चित्र भी पोस्ट किया है जिसमें डाक्टर स्वयं एक ट्रैक्टर चलाकर ले जा रहे हैं।(वार्ता)
 


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