विचार / लेख

मुख्य मुद्दा क्या है? और हम कहाँ उलझे हैं?
10-Aug-2023 3:23 PM
मुख्य मुद्दा क्या है? और हम कहाँ उलझे हैं?

-अपूर्व गर्ग 
राहुल गाँधी अपनी ज़िंदगी जिस स्वाभाविक ढंग से प्यार से मोहब्बत से जीते हैं वही उनकी बॉडी लैंग्वेज है. उनकी ओर देखकर लोग हँसे और उन्होंने अपनी प्यारी मुस्कान के साथ स्वाभाविक सी प्रतिक्रिया दी और राजस्थान रवाना हो गए.

जाने से पहले उन्होंने मणिपुर पर बेहद आक्रामक वक्तव्य रखा. वो सोलह मिनट बोले पर उन्हें चार मिनट कमरे पर दिखाया गया . क्या ये मुद्दा बना ? उन्होंने मणिपुर पर जो कहा वो बात क्या सुर्खियां बनी . ज़रा गूगल करके देखिये, सुर्खियां क्या हैं ?

INDIA ने जो लाइन अविश्वास प्रस्ताव पर रखी, वो कहाँ खो गयी, सोचिये ?
क्या राहुल गाँधी या गाँधी परिवार के किसी सदस्य ने बीजेपी के फैलाए जा रहे फ्लाइंग किस अजेंडे को गंभीरता से लिया? नहीं ...क्योंकि वे जानते हैं बीजेपी इसे उछाल-उछाल कर मूल मुद्दे से ध्यान बंटाना चाहती है.

फ्लाइंग किस छोड़िये ...जो लोग उनकी टी-शर्ट, जूतों को मुद्दा बनाते हैं, कल फ्लाइंग किस नहीं भी होता तो उनकी शर्मीली मुस्कान मुद्दा बन जाती !

समझिये, राहुल गाँधी का कल का वक्तव्य बहुत महत्वपूर्ण था.

मणिपुर पर अब तक सबसे मारक बात उन्होंने संसद में रखी.

बीजेपी को इसे हेड लाइन बनने से रोकना ही था.

किसी न किसी बहाने वो कोई न कोई हेड लाइन गढ़ते ही जैसा अब तक हमने देखा. बहरहाल, राहुल के मणिपुर पर आक्रामक भाषण को अपने जी हुज़ूर मीडिया के साथ उन्होंने भटकाने का बंदोबस्त कर लिया.

बीजेपी के आईटी सेल का फोकस भी इस पर रहा.

राहुल की सिर्फ मणिपुर पर बात नहीं बल्कि राजस्थान में विश्व आदिवासी दिवस पर उन्होंने आदिवासियों के बीच कॉर्पोरेट लूट पर जो कहा वो सब गायब हो गया.

सवाल बीजेपी से नहीं ..

सवाल इनके आईटी सेल से नहीं ..

सवाल उन लोगों से है जो INDIA के लिए लिख -बोल और सोच रहे हैं , उनकी क़लम क्यों बहक रही है ?

खंडित हो चुका, लुट चुका मरा मरा सा मणिपुर इस देश पर आस लगाए बैठा है और लोग अपना कीमती समय और स्पेस फ्लाइंग किस को दे रहे.

आप अगर राहुल गाँधी के समर्थन में खड़े हैं तो देखिये जब आप फ्लाइंग किस मुद्दे में उलझे हैं उस वक़्त वो राजस्थान के मानगढ़ धाम में जनसभा में आदिवासियों से कह रहे थे - :

"वो (भाजपा) क्या कहते हैं? वो कहते हैं आप आदिवासी नहीं हो, आप हिंदुस्तान के पहले निवासी नहीं थे, वो कहते हैं कि आप आदिवासी नहीं, वनवासी हो। मतलब आप इस देश के ओरिजनल मालिक नहीं हो, आप तो जंगल में रहते हो। ये आपका अपमान है, ये भारत माता का अपमान है, सिर्फ आदिवासियों का नहीं, पूरे देश का अपमान है।....वे (भाजपा) आपको वनवासी कहते हैं फिर आप के जंगल आप से ही छीनकर अडानीजी को पकड़ा देते हैं। ..''

मणिपुर, आदिवासियों पर हमले, रोजगार का सवाल, भयानक महंगाई, भ्रष्टाचार ..जैसे मुद्दों से देश जल रहा है उसे बीजेपी चुटकुलों की बारिश से बुझाना चाहती है.

आप लड़ाई की इस आग को अपने दिल में जलते रहने दीजिये.

चुटकुलों की दुनिया से बाहर आकर गंभीरता से INDIA इस सरकार पर जिस तरह से अविश्वास रख रही ,जिन मुद्दों को उठा रही उसे आप भी उठाइये.


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