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ओपेनहाइमर फिल्म के किस सीन को बताया जा रहा है ‘हिंदुत्व पर हमला’ सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की बात
28-Jul-2023 3:40 PM
ओपेनहाइमर फिल्म के किस सीन को  बताया जा रहा है ‘हिंदुत्व पर हमला’  सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की बात

भारत के सिनेमा घरों में 22 जुलाई को रिलीज हुई क्रिस्टोफर नोलन फिल्म ‘ओपेनहाइमर’ रिलीज होने के चौबीस घंटों के भीतर विवादों में गिर गई है।

फिल्म के एक दृश्य में मुख्य कलाकार ‘सेक्स सीन’ के दौरान संस्कृत में लिखा एक वाक्य पढ़ते हैं। इस सीन को लेकर भारतीय सोशल मीडिया में चर्चा हो रही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने फिल्म देखने वालों के हवाले से दावा किया है कि ये पंक्तियां हिंदुओं की पवित्र मानी जाने वाली भगवद् गीता से हैं। उनका कहना है कि फिल्म से इस सीन को हटाया जाए।

180 मिनट की ये फि़ल्म दुनिया का पहला एटम बम बनाने वाले वैज्ञानिक जे। रॉबर्ट ओपेनहाइमर की कहानी पर आधारित है।

शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस में अच्छे रिव्यू मिले हैं। फिल्म कारोबार पर नजर रखने वालों के मुताबिक ये फिल्म पहले दो दिन में 30 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है।

विवादित सीन और विरोध

फिल्म के एक सीन में ओपेनहाइमर का किरदार निभाने वाले सिलियन मर्फी मानसिक रोग विशेषज्ञ जीन टैटलर (फ्लोरेंस पुग) के साथ दिखते हैं। इस सेक्स सीन में जीन एक किताब उठाती हैं और ओपेनहाइमर से पूछती हैं कि ये कौन सी भाषा में लिखा है।

वो ओपेनहाइमर से किताब का एक पन्ना पढऩे को कहती हैं। जीन के कहने पर ओपेनहाइमर पढ़ते हैं- ‘मैं अब काल हूं जो लोकों (दुनिया) का नाश करता हूं।’

सीन में ये नहीं दिखता कि जीन ने जो किताब हाथों में ली है उसका नाम क्या है लेकिन उसके पन्ने पर जो दिखता है वो संस्कृत जैसा कुछ दिखता है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का दावा है कि ये पंक्तियां भगवद् गीता से हैं।

भारत सरकार के इंफॉर्मेशन कमिश्नर उदय माहुरकर ने फिल्म के निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन के नाम एक खुला खत लिख कर अपना विरोध जताया है। महुरकर ‘सेव कल्चर सेव इंडिया फाउंडेशन' के संस्थापक भी हैं।

उन्होंने फि़ल्म के विवादित सीन को ‘हिदुत्व पर हमला’ कहा है और कहा है कि नोलन इस सीन को हटाएं।

उन्होंने लिखा, ‘लाखों हिंदुओं और पवित्र गीता से जीवन में बदलाव लाने वालों की तरफ से गुजारिश करते हैं कि इस पवित्र किताब की गरिमा बनाए रखें और पूरी दुनिया में इस फिल्म से विवादित दृश्य को हटाएं। इस अपील को नजरअंदाज करने को जानबूझकर भारतीय सभ्यता का अपमान माना जाएगा। हम आपसे जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करने का उम्मीद कर रहे हैं।’

‘एटम बम के जनक’ कहे जाने वाले ओपेनहाइमर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने संस्कृत सीखी थी और वो भगवद् गीता से प्रभावित थे।

16 जुलाई 1945 में पहली बार एटम बम के विस्फोट को देखने के बाद एक इंटरव्यू में ओपेनहाइमर ने कहा था ‘मुझे पौराणिक हिंदू किताब भगवद् गीता की कुछ पंक्ति याद आई।’

उन्होंने कहा, ‘भगवान कृष्ण अर्जुन को समझा रहे हैं कि उन्हें अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए। वो अपना विराट रूप दिखाते हुए अर्जुन से कहते हैं, मैं अब काल हूं जो लोकों (दुनिया) का नाश करता हूं।’

ये गीता के 11वें अध्याय का 32वां श्लोक है जिसमें श्रीकृष्ण कहते हैं, ‘काल: अस्मि लोकक्षयकृत्प्रविद्धो लोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्त:।।’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक फिल्म को सेंट्र्ल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने यू/ए रेटिंग दी है। फिल्म की अवधि को छोटा करने के लिए इसके कुछ दृश्य हटाए गए हैं जिसके बाद भारत में ये फिल्म 13 साल से अधिक उम्र के बच्चे देख सकते हैं।

अमेरिका में इसे आर-रिस्ट्र्क्टेड (पाबंदी) रेट मिला है जिसका मतलब ये है कि अगर दर्शक की उम्र 17 साल से कम है तो उसके साथ फिल्म देखने के लिए अभिभावक या किसी वयस्क का होना जरूरी है।

ये क्रिस्टोफर नोलन की पहली आर रेटेड फिल्म है।

माहुरकर ने फिल्म के सर्टिफिकेशन को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है, ‘मुझे ये नहीं समझ आया कि सीबीएफसी ने इस सीन के साथ फिल्म के प्रदर्शन की इजाजत कैसे दी है।’

सीबीएफसी के चेयरपर्सन प्रसून जोशी और सेंसर बोर्ड के दूसरे सदस्यों ने अब तक इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस बीच कुछ लोगों ने भारत में फि़ल्म के बॉयकॉट की मांग की है।

एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मुझे पता चला कि फिल्म में एक विवादित सीन है जिसमें भगवद् गीता को भी शामिल किया गया है। मैं यहां पर बात नहीं दोहराना चााहता लेकिन ये आपत्तिजनक सीन है। हिंदुत्व को सकारात्मक और सही तरीके से दिखाने के लिए आप हॉलीवुड या पश्चिम पर भरोसा नहीं कर सकते।’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘हिंदू इस बात से खुश हैं कि ओपेनहाइमर में भगवद् गीता का जिक्र है, लेकिन वो लोग इस बात से नाराज हैं क्योंकि हॉलीवुड ने खुले तौर पर गीता का अपमान किया है। सेक्स के दौरान पवित्र पंक्तियों को बोलना अपमानजनक है और नस्लीय भेदभाव है। फिल्म का बॉयकॉट किया जाना चाहिए।’

कुछ लोग ये भी सवाल उठा रहे हैं कि क्रिस्टोफर नोलन पूरी फिल्म में कहीं भी भगवद् गीता का सीन डाल सकते थे लेकिन उन्होंने इसी सीन को क्यों चुना।

कुछ लोगों का कहना है कि ये माना जा सकता है कि इस ओपेनहाइमर गीता से प्रभावित थे लेकिन इस सीन में ये दिखाना जरूरी नहीं था।

एक और व्यक्ति ने लिखा कि वो ओपेनहाइमर की जगह कन्नड़ सिनेमा देखना चाहेंगे।

इस यूजर ने लिखा, ‘हर कोई कह रहा है कि ओपेनहाइमर एक मास्टरपीस है लेकन ये जानने के बाद कि इसमें भगवद् गीता का जिक्र एक सेक्स सीन में किया गया है, मैंने सोचा है कि मैं कन्नड़ फिल्म देखूंगा।’

एक और यूजर ने लिखा कि फिल्म के एक सीन में एक नग्न लडक़ी भगवद् गीता लेकर आती है और सेक्स के दौरान ओपेनहाइमर उसमें से कुछ पंक्तियां पढ़ते हैं। ये सीन बेहद अपमानजनक है।

फिल्म के प्रोमोशन के दौरान सिलियन मर्फ़ी ने कहा था कि फिल्म के लिए तैयारी करते वक्त उन्होंने भगवद् गीता पढ़ी थी। उन्होंने कहा था कि ये किताब ‘बेहद खूबसूरती से लिखी गई’ और प्रेरणा देने वाली है।

यूनिवर्सल पिक्चर्स की इस फिल्म में सिलियन मफऱ्ी और फ्लोरेंस पुग के अलावा रॉबर्ट डाउनी जूनियर, मैट डैमन, एमिली ब्लंट, जोश हार्टनैट, केसी एफ्लैक, रामी मलिक और केनेथ ब्राना हैं। (www.bbc.com/hindi)


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