विचार / लेख
-पी. गीता
पिछले हफ्ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने एक बात करने वाले चैटबॉट ChatGPT ने इंटरनेट को दुनिया में तहलका मचा दिया। यह बॉट सामान्य भाषा समझता है, उसी में सटीक और क्रिएटिव जवाब भी देता है। इसकी जो भी सीमाएं हो, मगर एक ही वक्त में यह रोमांच पैदा करने के साथ डराता भी है। एक और इंसानों की नकल करने वाली मशीन का यह सबसे अच्छा प्रदर्शन है, तो दूसरी ओर यह दिखाता है कि मशीनें हम इंसानों से बेहतर भी हो रही है।
असरदार तकनीक: हालांकि ChatGPT की अपनी सीमाएं है, फिर भी यह तेजी से सीखेगा। यह मशीन लर्निंग की अपनी प्रकृति है कि यह समय के साथ बेहतर होती जाती है क्योंकि इंसानों से इसकी बातचीत बढ़ती है।
इस तकनीक के चलते कई इंडस्ट्रीज भी बंद हो सकते हैं, लेकिन सबसे पहले और सबसे साफ असर एजुकेशन पर दिखेगा।
होमवर्क में मिलने वाले निबंध और कोडिंग असेसमेंट चीजें अब अप्रासंगिक हो जाएंगी। ChatGPT और इसकी अगली पीढ़ी के बॉट्स किसी भी सब्जेक्ट पर एकदम पर्सनलाइज्ड निबंध लिखेंगे।
कंप्यूटर लैग्वेज में बने होने के चलते यह चैट शानदार कोड जेनरेटर, एक्सप्लेनर्स और डिबगर्स है। बेसिक कोडिंग का बड़ा हिस्सा अब ्रढ्ढ की मदद से बड़े आराम से बनाया जा सकता है।
शिक्षकों को खुद को बदलना होगा। अब तक गूगल जैसा सर्च इंजन ही उन्हें चुनौती देता था। टीचर क्लासरूम में कुछ उलटफेर करके, कॉपी पकडऩे वाले टूल्स उपयोग करके और मूल सोच की ओर बढ़ाने वाले ओपन एंडेड असेसमेंट से सर्च इंजनों को हरा देते थे।
•AI बेस्ड नेचुरल लैंग्वेज से लैस चैटबॉट्स बहुत उन्नत है। ये हमारे पर्सनल टीचर बन जाएंगे और हमेशा मौजूद भी होंगे। जितनी भी सूचनाएं मौजूद है, चैटबॉट उन सबको देखकर निष्कर्ष निकाल सकता है।
फिर शिक्षक क्या करेंगे? टीचर को उसे सिखाना होगा कि सीखने का उद्देश्य क्या है, सीखने के लायक क्या है और सीखना कैसे है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित करना होगा।
रोजगार की प्रकृति : इससे नौकरियों की प्रकृति भी बदलेगी- मशीनों को प्रशिक्षित कर उन्हें बेहतर बनाने में मदद करनी होगी। कंपनियों के बीच चलने वाले कॉम्पिटिशन में आगे कौन निकलेगा, यह भी इसी पर टिका होगा। इसका मतलब मशीनों को इनपुट देना और उन्हें बेहतर बनाने के लिए उसके आउटपुट पर फीडबैक देना है। यह रोजगार की प्रकृति बदल देगा और एक अलग जॉब कैटेगरी जोड़ देगा। नई कैटिगरी मतलब ऐसे लोग जो प्रतिस्पर्धी मशीनों की तुलना में सीखने और बेहतर होने में अपनी मशीनों की मदद करते हैं।
नया समाज : जैसा कि हर तकनीक के आने पर होता है, पहले इनकार फिर शक और अंत में मंजूरी। जो जल्दी इसे सीखेंगे वो लीड करेंगे। इससे कितनी नई नौकरियां पैदा होंगी, कितनी कम हो जाएंगी, यह कहना मुश्किल है। लेकिन मशीन की मदद से निश्चित रूप से हर नौकरी बेहतर बनेगी। AI और मशीन लर्निंग अब केवल कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के ही कोर्स नहीं हो सकते है। हर स्टूडेंट को साइंस के इस क्षेत्र को सीखने की जरूरत है, क्योंकि हर प्रोफेशन इसे एकीकृत करेगा और समाज इससे आकार लेगा।
ChatGPT सहित कोई भी नया एप्लिकेशन कुछ समय के लिए रोमांचक लग सकता है और फिर फीका भी पड़ सकता है। लेकिन हम एप्लिकेशन के पीछे काम करती तकनीक ्रढ्ढ से इंकार नहीं कर सकते। हमें मूलभूत सिद्धांतों पर वापस जाने की आवश्यकता है- क्या चीज हमें इंसान बनाती है, हम क्यों सीखते है? बेहतर होगा हम अपनी मानसिकता बदलकर इन तकनीकों बदलावों को आत्मसात करें और इससे अकेले खुद को ताकतवर बनाने की जगह सबके अच्छे के लिए इसका प्रयोग करे।
नितिन त्रिपाठी बताते है की इधर जब हम दीपिका और शाहरुख में उलझे हुए थे तब दुनिया थोड़ी आगे बढ़ चुकी थी. ChatGPT नाम से एक नया स्टार्टअप है AI बेस्ड। अभी यह सेवा फ़ुल लॉंच नहीं है, पर आरंभिक रुझानों की वजह से लोगों ने इसे गूगल का भविष्य बता दिया है। गूगल स्वयं होशियार हो गया है और वह एक ऐसी ही सर्विस जल्द लाएंगे।
आप गूगल से जब कुछ पूछते हैं तो वह हजारों उत्तर दे देता है, अब आप जाने आपका काम जाने. Chat GPT AI युक्त है. आप इससे जो पूछेंगे, यह कुछ सेकंड सोचेगा फिर एक फाइनल उत्तर देगा- परफेक्ट। दायें बायें भागने की जरूरत नहीं। उदाहरण स्वरूप मैंने पूछा कि मुझे एचटीएमएल का एक कोड चाहिये जिसमें यह पाँच इनपुट हों और वह आउटपुट आये। दस सेकंड में chat जीपीटी ने परफेक्ट कोड लिख कर दे दिया।
बेसिकली गूगल की जो कमी थी कि वह ख़ुद कुछ नहीं बताता था, यह टेक्नोलॉजी आपको स्वयं उत्तर दे रही है. नि:संदेह काफी उत्तर गलत भी होंगे आरंभ में, पर AI है। जैसे मनुष्य का दिमाग़ सीखता है वैसे ही यह भी सीखती है गलतियों से। अगली बार और अच्छा फिर और अच्छा उत्तर देगी. समय के साथ परफेक्ट उत्तर।
इस chat जीपीटी के आ जाने से लोग सहम गये हैं डर गये हैं. बेसिक लेवल पर सबकी जॉब समाप्त। मैंने एक ट्रेवल कंपनी आरंभ की जिसके लोगों के स्टफ के लिए गूगल से आइडिया पूछे. फिर वही सब कहानी। यहाँ चैट जीपीटी से पूछा उसने तीन परफेक्ट आईडिया दे दिया।
अब आप समझ लीजिए बेसिक प्रोग्रामर, बेसिक मैनेजर, कंसलटेंट, डॉक्टर वकील यह सब कंबाइड आल इन वन है।
अपने को अपग्रेड रखिए। दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है।


