सरगुजा

हसदेव में खनन मंजूरी पर कांग्रेस ने जताया विरोध, पर्यावरण और आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप
03-Jun-2026 8:06 PM
हसदेव में खनन मंजूरी पर कांग्रेस ने जताया विरोध, पर्यावरण और आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप

अंबिकापुर, 3 जून। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने हसदेव अरण्य क्षेत्र के केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक में कोयला खनन को मंजूरी दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे आदिवासी समाज, पर्यावरण और प्रदेश की जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।

जारी बयान में परवेज गांधी ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र लाखों लोगों की आजीविका, पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार है। उनका आरोप है कि खनन परियोजना को मंजूरी देते समय स्थानीय समुदायों की चिंताओं और पर्यावरणीय प्रभावों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खनन गतिविधियों से बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होने की आशंका है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि की संभावना भी व्यक्त की।

परवेज गांधी ने कहा कि वर्ष 2022 में तत्कालीन राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा में हसदेव क्षेत्र में खनन गतिविधियों के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान निर्णय उस समय व्यक्त की गई जनभावनाओं और स्थानीय समुदायों की अपेक्षाओं के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जंगलों की भरपाई केवल प्रतिपूरक वृक्षारोपण से संभव नहीं है, क्योंकि जंगल पर्यावरण, जल स्रोतों, जैव विविधता और स्थानीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं।

 

उनके अनुसार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से खनन प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने, स्थानीय ग्राम सभाओं, आदिवासी समुदायों तथा पर्यावरण विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है तथा हसदेव अरण्य संरक्षण के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।


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