सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 3 जून। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के नायब तहसीलदार के साथ हुई मारपीट की घटना और इसके विरोध में राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों की जारी हड़ताल से आम जनता को हो रही परेशानियों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कलेक्टर से मुलाकात कर दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि सीतापुर क्षेत्र के राजापुर में 27 मई को स्थानीय विधायक और उनके समर्थकों द्वारा नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट की घटना ने सत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच गंभीर टकराव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। कांग्रेस ने इसे संवैधानिक व्यवस्था की विफलता बताते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, भूमि माप-जोख, आय, जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित राजस्व विभाग से जुड़े कई आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अपराध दर्ज होने के बावजूद विधायक और उनके समर्थकों को सत्ताधारी दल का संरक्षण मिल रहा है, जिससे गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जनप्रतिनिधि अपने व्यक्तिगत मामलों को लेकर शासकीय अधिकारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करेंगे तो प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होगी और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश में उत्पन्न स्थिति को अराजक बताते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने की आवश्यकता जताई।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से राजस्व विभाग की हड़ताल के कारण लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। खरीफ सीजन से पहले सीमांकन, नापजोख और बंटवारे जैसे मामलों में काम का दबाव बढ़ जाता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ये सभी कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल की हठधर्मिता के कारण यह टकराव की स्थिति बनी है।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि कानून को हाथ में लेना किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जनहित में विधायक स्वयं हड़ताली अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर स्थिति सामान्य बनाने की पहल करें।
इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में जे.पी. श्रीवास्तव, राकेश गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, शैलेश सिंह, अटल यादव, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, नरेंद्र विश्वकर्मा, अमित तिवारी राजा, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, दीपक मिश्रा, मिथुन सिंह, नरेश बघेल, परवेज आलम गांधी सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


