सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 28 मई। सरगुजा जिले में निवेशकों को रकम दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले चिटफंड मामले में गांधीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वेलफेयर बिल्डिंग एंड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पदाधिकारियों ने लोगों को ऊंचे रिटर्न का प्रलोभन देकर करीब 92 लाख 66 हजार 554 रुपये का निवेश कराया था।
पुलिस ने बताया कि मैनपाट निवासी देवराज यादव की शिकायत पर वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि कंपनी के डायरेक्टर, एडवाइजरी हेड बलराम पाठक, जोनल मैनेजर अखिलेश प्रजापति और अन्य पदाधिकारियों ने नमनाकला स्थित कार्यालय के माध्यम से लोगों को रकम दोगुना करने का झांसा देकर निवेश कराया और बाद में कंपनी बंद कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने निवेशकों और गवाहों से पूछताछ कर बॉण्ड पेपर, रसीद, मेमोरेंडम समेत कई दस्तावेज जब्त किए। विवेचना में सामने आया कि कंपनी ने गरीब, अशिक्षित और जनजातीय वर्ग के लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम जमा करवाई थी। आरोपियों ने एजेंटों और चैन सिस्टम के जरिए निवेशकों को जोडक़र बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के धन संग्रह किया। पुलिस के मुताबिक मामले में इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले निवासी अखिलेश कुमार प्रजापति (56) और बलराम पाठक (64) शामिल हैं। पूछताछ में दोनों ने कंपनी के प्रचार-प्रसार और निवेश जुटाने में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग कंपनी के डायरेक्टरों से संपर्क के लिए किया जाता था।
दोनों आरोपियों को 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक अभिषेक दुबे तथा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


