सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 26 मई। सीबीएसई की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने इस व्यवस्था को छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
परवेज़ आलम गांधी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी और परीक्षण के लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था ने देशभर के लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को मानसिक तनाव और असुरक्षा की स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष सीबीएसई 12वीं के परिणामों में पास प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है और मूल्यांकन प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि धुंधली और अपठनीय उत्तर पुस्तिकाएं, गलत कॉपियों का छात्रों से जोड़ा जाना, मनमाने ढंग से अंक काटना, मूल्यांकनकर्ताओं को भुगतान में देरी तथा पुनर्मूल्यांकन के नाम पर भारी शुल्क वसूली जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
परवेज़ गांधी ने कहा कि जब पूरा देश इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहा था, तब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय तक मौन बने रहे। अब मामला राष्ट्रीय स्तर पर उठने के बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को शामिल कर सरकार स्वयं को समस्या का समाधानकर्ता बताने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तकनीकी खामियों की आशंका के बावजूद इस व्यवस्था को लागू करने की अनुमति किसने दी और क्या छात्रों के भविष्य को प्रयोगशाला बना दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति को अव्यवस्थित, असंवेदनशील और विफल बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए शर्मनाक है।
परवेज़ आलम गांधी ने प्रधानमंत्री से भी जवाब मांगते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें।


