सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सीतापुर, 23 मई। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय द्वारा भौठाराम भगत को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्हें ‘जनजातीय क्षेत्रों में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 का सामाजिक परिवर्तन पर प्रभाव- एक समाजशास्त्रीय अध्ययन (सरगुजा जिले के विशेष संदर्भ में)’ विषय पर किए गए शोध कार्य के लिए यह उपाधि दी गई।
भौठाराम भगत ने अपना शोध कार्य डॉ. मुकुल रंजन गोयल, प्राध्यापक समाजशास्त्र, शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय के निर्देशन में पूर्ण किया। डॉ. गोयल के मार्गदर्शन में अब तक कुल पांच शोधार्थी पीएचडी उपाधि प्राप्त कर चुके हैं।
अपने शोध में भौठाराम भगत ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान, जातीय-जनजातीय संबंध, पलायन में कमी तथा मनरेगा अधिनियम के क्रियान्वयन की स्थिति का समाजशास्त्रीय अध्ययन किया है।
पीएचडी की मौखिक परीक्षा में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. ऋचा यादव, वरिष्ठ प्राध्यापक समाजशास्त्र, डॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी उपस्थित रहीं। इसके अलावा डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुलसचिव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर, डॉ. पीयूष कुमार पाण्डेय, विशेष कर्तव्य अधिकारी, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, डॉ. सुषमा भगत, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अंबिकापुर तथा डॉ. प्रदीप एक्का, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की उपस्थिति में परीक्षा संपन्न हुई।
भौठाराम भगत ने चार राष्ट्रीय एवं दो अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस और सेमिनार में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। इसके साथ ही उनके पांच शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान में वे समाजशास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में शासकीय महाविद्यालय बतौली में कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार सहित क्षेत्र के शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं।


