सरगुजा

महंगी किताबें व मनमानी फीस पर दो निजी स्कूलों को नोटिस, भारी जुर्माने की चेतावनी
11-Apr-2026 8:36 PM
महंगी किताबें व मनमानी फीस पर दो निजी स्कूलों को नोटिस, भारी जुर्माने की चेतावनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 11 अप्रैल। सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस वृद्धि और महंगी किताबों की अनिवार्यता के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो बड़े निजी स्कूल मोंट फोर्ट स्कूल और बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल को नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में दोनों स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी को अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें तथा ड्रेस कुछ निश्चित दुकानों से ही खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर दो दिन पहले स्कूलों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

जांच के दौरान यह पाया गया कि मोंट फोर्ट स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ाई जा रही हैं। अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबों और कॉपियों का बंडल खरीदने के लिए कहा गया था। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि यदि बंडल पूरा नहीं लिया जाता था तो उसे स्वीकार नहीं किया जाता था।

निरीक्षण में सीबीएसई एफिलिएशन बायलॉज-2018 के प्रावधानों के उल्लंघन के साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के नियमों का भी पालन नहीं किए जाने के संकेत मिले हैं। वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 सत्र में 5 से 14 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। साथ ही स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म और पुस्तकों की सूची सूचना पटल पर प्रदर्शित नहीं पाई गई। स्कूल प्रबंधन से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर 2070 छात्रों से वसूली गई फीस की 50 प्रतिशत राशि तक जुर्माना प्रस्तावित किया गया है।

इसी तरह बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल का निरीक्षण 10 अप्रैल को स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। निरीक्षण में पहली से आठवीं तक निजी प्रकाशकों की किताबें बंडल के रूप में एक ही दुकान से क्रय कराए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही कई ऐसे शुल्क भी वसूले जा रहे थे, जिन पर नियमानुसार रोक है।

प्रावधानों के उल्लंघन के चलते इस स्कूल पर भी 864 छात्रों से ली गई फीस की 50 प्रतिशत राशि तक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


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