सरगुजा

रात में प्रतिमा अनावरण, युकां जिलाध्यक्ष पर केस दर्ज
11-Apr-2026 8:33 PM
रात में प्रतिमा अनावरण, युकां जिलाध्यक्ष पर केस दर्ज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 11 अप्रैल। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के निर्धारित कार्यक्रम से पहले अनावरण किए जाने के मामले में सरगुजा युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकल झा के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई नगर निगम के सहायक अभियंता प्रदीप कुमार पैंकरा की शिकायत के आधार पर की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल की देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ आकाशवाणी चौक स्थित शहीद आजाद की प्रतिमा का अनावरण कर दिया था, जबकि अगले दिन 9 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा विधिवत अनावरण कार्यक्रम प्रस्तावित था।

बताया गया है कि 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा शहीद चंद्रशेखर आजाद के साथ दिवंगत भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक पंडित रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय से पहले प्रतिमा का अनावरण किए जाने से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और पुन: साज-सज्जा कराने के लिए कर्मचारियों को लगाना पड़ा।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनावरण से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें कथित रूप से भडक़ाऊ टिप्पणियां और आपत्तिजनक बयान दिए गए, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई। कोतवाली पुलिस ने मामले में विकल झा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, 3(5), 324(3) एवं 353(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

लापरवाही पर हो कार्रवाई-आलोक दुबे

शहर के हृदय स्थल आकाशवाणी चौक में प्रतिमा अनावरण की घटना के बाद पुलिस की पेट्रोलिंग एवं गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा रेंज आईजी को ज्ञापन सौंप पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री के शहर आगमन के 24 घंटे के भीतर ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आकाशवाणी चौक पर उक्त घटना को अंजाम दिया गया। आरोप है कि घटनास्थल पर काफी समय तक गतिविधियां चलती रहीं, इसके बावजूद पुलिस की पेट्रोलिंग एवं गश्ती टीम को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

श्री दुबे ने आईजी से मांग की है कि यह घटना पुलिस की गश्ती व्यवस्था में प्रथम दृष्टया लापरवाही को दर्शाती है। ऐसे में उस रात ड्यूटी पर तैनात पेट्रोलिंग एवं गश्ती टीम की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की अनुशंसा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।


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