सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 31 मार्च। अंबिकापुर शहर स्थित संजय पार्क में वन विभाग की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। एक सप्ताह पहले आवारा कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार शाम एक और गंभीर घटना सामने आ गई। पार्क के बाड़े से एक हिरण निकलकर पास की बांस बाड़ी की ओर भाग गया, जिससे विभाग में हडक़ंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम पार्क का कर्मचारी जब बाड़े में घुसकर हिरणों को चारा दे रहा था, उसी दौरान गेट खुला रह गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर एक हिरण बाहर निकल गया और तेजी से जंगल क्षेत्र की ओर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और देर रात तक टॉर्च के सहारे जंगल में हिरण की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। अधिकारियों को आशंका है कि हिरण पर आवारा कुत्तों का खतरा मंडरा सकता है।
वनमंडलाधिकारी अभिषेक जोगावत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया था कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एसडीओ के नेतृत्व में गठित जांच दल को दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संजय पार्क जू नहीं, बल्कि एक रेस्क्यू सेंटर है, जहां घायल या असहाय वन्यजीवों का उपचार कर उन्हें पुन: जंगल में छोड़ा जाता है।
घटना के बाद विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई भी की गई है। मुख्य वन संरक्षक , सरगुजा वनवृत्त द्वारा डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और बीट गार्ड फुलमनी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं संबंधित रेंजर अक्षपलक ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। फिलहाल, वन अमला फरार हिरण की तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन देर रात तक उसका कोई पता नहीं चल पाया था।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों संजय पार्क में इसी तरह की लापरवाही के चलते 4-5 आवारा कुत्ते बाड़े में घुस गए थे और उन्होंने हिरणों पर हमला कर दिया था। इस हमले में 14 हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हिरण ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


