सरगुजा
अंबिकापुर, 27 मार्च। सरगुजा के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मिश्रा ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के सांसद चिंतामणि महाराज को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संत गहिरागुरू विश्वविद्यालय सरगुजा संभाग का प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र है, जो आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के लगभग 20 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है, जहां करीब 60 प्रतिशत आबादी आदिवासी है और शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है।
कैलाश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2008 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में अभी भी पर्याप्त संसाधनों, भवन, शिक्षकों और कर्मचारियों का अभाव है, जिससे यह अपनी पूर्ण क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान तीन राज्यों के मध्य एक केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंशा व्यक्त की गई है। अंबिकापुर का भौगोलिक स्थान झारखंड और ओडिशा से सटा होने के कारण यहां इन राज्यों के छात्र भी अध्ययन के लिए आते हैं।
ऐसे में यदि संत गहिरागुरू विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलता है, तो यह छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान कर सकेगा। साथ ही, केंद्र सरकार से संसाधनों की उपलब्धता होने पर क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी।


