सरगुजा

बजट में आय बढ़ाने की नीति अस्पष्ट- आदित्येश्वर
25-Feb-2026 10:22 PM
बजट में आय बढ़ाने की नीति अस्पष्ट- आदित्येश्वर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 25 फरवरी। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने राज्य सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस द्वारा बार-बार उठाया जा रहा यह मुद्दा सही है कि वीबी जी-राम-जी योजना के जरिए मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन को देखकर स्थिति को समझा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस बार भी मनरेगा अर्थात वीबी जी-राम-जी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसमें 3600 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार का अंशदान था। इस वर्ष केंद्र सरकार का अंशदान घटकर 2400 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि राज्य सरकार का अंशदान बढक़र 1600 करोड़ रुपये हो गया है, जो राज्य सरकार पर बड़ा वित्तीय भार डालता है।

आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि भले ही राज्य का कुल बजट बढक़र लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया हो, लेकिन सरकार के पास आय के साधनों को बढ़ाने को लेकर कोई स्पष्ट नीति नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर इतना दबाव है कि गांधी जयंती, पुण्यतिथि और अन्य अवसरों पर शराब बिक्री कर राजस्व बढ़ाने का प्रयास करना पड़ रहा है।

कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज की घोषणा को उन्होंने स्वागत योग्य कदम बताया, लेकिन कहा कि इससे पहले जिन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण अधूरा है या जो अब तक शिफ्ट नहीं हो पाए हैं, उन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

साथ ही उन्होंने सरगुजा जिले के लखनपुर और दरिमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा डांडग़ांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सुविधा विस्तार की फाइलें पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य मंत्रालय में लंबित होने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि नए अस्पताल खोलना अच्छी बात है, लेकिन पुराने अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार और कमियों को दूर करना बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


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