सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,15 जनवरी। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में प्रस्तावित नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण का रास्ता साफ करते हुए गुरुवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। न्यायालय के लिए आबंटित नजूल भूमि पर वर्षों से अवैध रूप से काबिज छह लोगों के मकान व दुकानों को प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कब्जाधारियों को एक दिन पहले ही अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नए जिला न्यायालय भवन का निर्माण वर्तमान न्यायालय परिसर में ही किया जाना है। इससे पहले चठिरमा क्षेत्र में भूमि चिन्हित की गई थी, लेकिन अधिवक्ताओं के विरोध और आंदोलन के कारण उस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। बाद में वर्तमान परिसर में ही भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी कड़ी में लगभग दो माह पूर्व न्यायालय परिसर से सटी गुलाब कॉलोनी में स्थित 13 आवासों को खाली कराकर तोड़ा गया था। इसके पश्चात गुलाब कॉलोनी के पीछे स्थित नजूल भूमि पर काबिज छह लोगों को भी कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया।
कब्जाधारियों द्वारा एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर तथा कमिश्नर सरगुजा के समक्ष दायर अपीलें खारिज होने के बाद मामला राजस्व न्यायालय पहुंचा, जहां 7 जनवरी को अपील निरस्त कर दी गई। इसके बाद प्रशासन ने बुधवार को 24 घंटे की अंतिम मोहलत दी और तय समयावधि पूरी होने पर गुरुवार को कार्रवाई अमल में लाई गई।
गुरुवार सुबह प्रशासनिक और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की सहायता से मकान व दुकानों को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। शाम तक सभी छह अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई।
दूसरी ओर, कब्जाधारियों जितेश गोयल, मुमताज बेगम और मनोज सिंह ने दावा किया कि वे लगभग 60 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास व व्यवसाय कर रहे थे। उन्होंने भूमि के पट्टे के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय दिए बिना कार्रवाई की गई, जिसे उन्होंने प्रशासनिक अन्याय बताया।
इस मामले में एसडीएम फागेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सभी कब्जाधारियों को पूर्व में बेदखली आदेश जारी किए जा चुके थे और उनकी सभी अपीलें निरस्त हो चुकी थीं।
नियमानुसार 24 घंटे का अंतिम नोटिस देकर कार्रवाई की गई है। भूमि खाली होने के साथ ही अब नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी।


